'बनभूलपुरा का ट्रायल सफल हुआ तो तराई में भी उजड़ेंगे किसान', टिकैत बोले मोदी सरकार न अंबेडकर को मानती है न अंबेडकर के लिखे संविधान को

टिकैत ने आरोप लगाया, भाजपा सरकार न तो बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर को ही मान रही है और न बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर के लिखे संविधान को मान रही है। इस समय विपक्ष कमजोर है, जिसके चलते BJP तानाशाही रवैया अपना रही है...

Update: 2023-01-06 13:13 GMT

'बनभूलपुरा का ट्रायल सफल हुआ तो तराई में भी उजड़ेंगे किसान', टिकैत बोले मोदी सरकार न अंबेडकर को मानती है न अंबेडकर के लिखे संविधान को (photo : facebook)

Banhoolpura news : भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने हल्द्वानी के बनभूलपुरा को तबाही का ट्रायल बताते हुए कहा कि अगर यह सफल हुआ तो इसके बाद तराई के किसानों को आवंटित जमीनें छीनने का काम शुरू किया जायेगा। कांग्रेस नेता राजू छीना के गुलाबो ढकिया स्थित फार्म पर शुक्रवार 6 जनवरी की दोपहर एक निजी कार्यक्रम में पहुंचे किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार तानाशाह हो गई है। सरकार ने किसानों की बात मानते हुए तीन कृषि कानून वापस लेते समय वादा किया था कि एमएसपी की गारंटी उन्हें दी जाएगी, लेकिन काफी समय बीत जाने के बाद भी भाजपा की केंद्र सरकार ने आज तक भी किसानों को एमएसपी की गारंटी नहीं दी है।

15 दिन पूर्व राजू छेना के भतीजे की शादी के निमंत्रण पर न पहुंचने के कारण शुक्रवार 6 जनवरी को किसान नेता राकेश टिकैत उनके निवास स्थान पर पहुंचे थे, जहां उन्होंने मीडिया से मुखातिब होते हुए कहा कि किसान यूनियन समेत तमाम किसान संगठनों की आगामी 26 जनवरी को एक बड़ी पंचायत हरियाणा के जींद में आयोजित की जाएगी। सभी किसान संगठन और किसान इस हरियाणा पंचायत में शामिल होकर भविष्य के कार्यक्रमों पर चर्चा करेंगे। उत्तराखंड की तराई के जो भी किसान संगठन इसमें हिस्सा लेना चाहते हैं, वह पंचायत में शामिल हो सकते हैं। जो किसान हरियाणा पंचायत में शामिल नहीं होंगे वह 26 जनवरी को तिरंगा फहराने के बाद अपने-अपने क्षेत्रों में ट्रैक्टरों द्वारा रैलियां निकालेंगे।

अपने चिर परिचित अंदाज में टिकैत ने भाजपा की केंद्र सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा सरकार न तो बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर को ही मान रही है और न बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर के लिखे संविधान को मान रही है। इस समय विपक्ष कमजोर है, जिसके चलते भाजपा तानाशाही रवैया अपना रही है। भाजपा पुलिस प्रशासन का इस्तेमाल कर अपने खिलाफ उठने वाली आवाजों को प्रताड़ित कर उन्हें घर से उठवा रही है।

जिन लोगों के 50 वर्षों से घर बने हुए हैं और वह अपने घरों में रह रहे हैं, उन्हें घरों से बेघर करने का काम भी भाजपा की सरकार कर रही है। उन्होंने पूर्व के मुख्यमंत्री रहे नारायण दत्त तिवारी का हवाला देते हुए कहा कि उस समय तराई के एस्कॉर्ट फार्म में किसानों को तीन-तीन एकड़ जमीन दी गई थी, परंतु वह जमीन आज तक भी किसानों के नाम पर दर्ज नहीं हुई है। उन्होंने हल्द्वानी की बनभूलपुरा बस्ती का हवाला देते हुए कहा कि जिस तरह से हल्द्वानी में 50 वर्ष पूर्व लोगों को रहने के लिए जगह दी गई थी और आज उस जगह को रेलवे की जमीन बताकर लोगों को घर से बेघर करने का कार्य भाजपा सरकार रही है, जबकि ऐसे ही 50 हजार लोगों का घर तोड़कर उन्हें घर से बेघर नहीं किया जा सकता।

टिकैत ने कहा, लोगों को इस नीति के खिलाफ सड़कों पर आकर आंदोलन करना होगा तभी कोई रास्ता निकलेगा। उन्होंने किसानों से कहा कि अगर हल्द्वानी की बनभूलपुरा बस्ती अगर उजाड़ी जाती है तो यह उनके उजाड़ने की भी शुरुआत होगी। इसके बाद की अगली कार्यवाही सरकार किसानों के ऊपर ही करेगी। कांग्रेस शासन के दौरान किसानों को दी गई जमीनों को छीनने का काम भाजपा करेगी। इसलिए किसी का भी उत्पीड़न हो, उस उत्पीड़न के खिलाफ सबको मिल-जुलकर साझा संघर्ष करना चाहिए।

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