विधानसभा चुनाव में नहीं मिला टिकट तो "गिरोह" बन गई राजनैतिक पार्टी, इस नेता ने आम आदमी पार्टीप्रदेश प्रभारी पर लगाये ये आरोप
Kaladhungi Assembly Seat: विधानसभा चुनाव के लिए कालाढूंगी विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे आम आदमी पार्टी के जिलाध्यक्ष संतोष कबड्वाल ने सोमवार को आप प्रदेश प्रभारी दिनेश मोहनिया पर टिकट बेचने का आरोप लगाते हुए पार्टी पद और प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया।
Kaladhungi Assembly Seat: विधानसभा चुनाव के लिए कालाढूंगी विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे आम आदमी पार्टी के जिलाध्यक्ष संतोष कबड्वाल ने सोमवार को आप प्रदेश प्रभारी दिनेश मोहनिया पर टिकट बेचने का आरोप लगाते हुए पार्टी पद और प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने बकायदा प्रेस नोट जारी कर अपनी पार्टी को गिरोह बताते हुए कहा कि पार्टी के प्रदेश प्रभारी दिनेश मोहनिया ने लगभग प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में विधानसभा चुनाव के प्रत्याशियों को टिकट बेचे हैं।
आम आदमी पार्टी नैनीताल के जिलाध्यक्ष संतोष कबड़वाल ने अपने पद एवम् पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देने की घोषणा करते हुए पार्टी के प्रदेश प्रभारी दिनेश मोहनिया के द्वारा लगभग प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में विधानसभा चुनाव के प्रत्याशियों को टिकट बेचे गए है।
मैं आम आदमी पार्टी को अन्य राजनीतिक दलों से बेहतर समझकर दल का सदस्य और पदाधिकारी बना था। लेकिन दिनेश मोहनिया के नेतृत्व में दिल्ली, मेरठ, हरियाणा और बिहार आदि से उत्तराखंड आई टीम के इरादे हमारी आध्यात्मिक देवभूमि की संस्कृति से इत्तेफाक नहीं रखते हैं। उत्तराखंड के भविष्य के लिए यह बेहद घातक और भयावह भी है। इन लोगों की नजर उत्तराखंड के प्राकृतिक संसाधनों पर है। प्रदेश के बाहरी इलाकों से आए इनके गिरोह के सदस्यों में से कोई यहां खनन के पट्टे कराना चाहता है तो कोई पहाड़ में जमीन खरीदकर कॉटेज बनाकर बाहरी लोगों को बेचने के सपने देख रहा है
दिनेश मोहनिया और उसकी टीम यहां चुनाव को गंभीरता से ना लेकर सिर्फ टिकट बेचने और धन वसूली के कार्य में लगी है। दिनेश मोहनिया और उसकी टीम के उत्तराखंड की धरती पर पांव जमाने में अनजाने में उनके द्वारा भी मदद की गई है इस पाप के लिए वह स्वयं को भी जिम्मेदार मानते हुए प्रदेश की जनता से अनजाने मे की गई अपनी गलती के लिए भी क्षमा याचना कर रहे हैं।
इतना ही नहीं उन्होंने लोगो से अपील करते हुए कहा कि जो गलती मेरे जैसे कई कार्यकर्ता कर चुके हैं, आप उसे ना दोहराएं। आम आदमी पार्टी को दिया गया एक-एक वोट इस प्रदेश की अस्मिता और स्वाभिमान के लिए बहुत बड़ा खतरा होगा। सारी सच्चाई को जानते हुए भी मैं अपने पद पर बना रहूं यह मेरी अंतरात्मा को स्वीकार्य नहीं है। इसलिए मैं अपने पद एवम् आम आदमी पार्टी के नाम से चल रहे इस गिरोह की सदस्यता से इस्तीफा दे रहा हूं।