Congress को बहुत बड़ा झटका, वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने पार्टी से दिया इस्तीफा
वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ( Gulam Nabi Azad ) ने कांग्रेस ( Congress ) से दिया इस्तीफा।
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नई दिल्ली। देश की सबसे पुरानी राजनीतिक पार्टी कांग्रेस ( Congress ) को शुक्रवार को बहुत बड़ा झटका लगा है। वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ( Gulam Nabi Azad ) ने पार्टी से इस्तीफा देकर सभी को चौंका दिया है। कुछ दिनों पहले उन्होंने जम्मू-कश्मीर चुनाव अभियान समिति की जिम्मेदारी से इस्तीफा दिया था। अब उन्होंने कांग्रेस ( Congress ) पार्टी से ही इस्तीफा दे दिया है।
5 दशकों से ज्यादा समय तक कांग्रेस से जुड़े रहे
कांग्रेस पार्टी के सभी पदों सहित प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देते हुए गुलाम नबी आजाद ( Gulam Nabi Azad ) ने पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ( Sonia Gandhi ) को लेटर भी लिखा। अपने लेटर में गुलाम नबी आजाद ने लिखा कि बड़े खेद और अत्यंत भावुक हृदय के साथ मैंने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से अपना आधा शताब्दी पुराना नाता तोड़ने का फैसला किया है। गुलाम नबी आजाद ने सोनिया गांधी को 5 पन्नों की चिट्ठी लिखी है। गुलाम नबी आजाद ने सोनिया गांधी को खत में लिखा कि कांग्रेस ने इच्छाशक्ति और क्षमता दोनों खो दी हैं। भारत जोड़ो यात्रा शुरू करने से पहले पार्टी नेतृत्व को देशभर में कांग्रेस जोड़ो एक्सरसाइज करनी चाहिए। राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए गुलाम नबी आजाद ने कहा कि जब से राहुल गांधी की राजनीति में एंट्री हुई और जनवरी 2013 में उनको पार्टी का उपाध्यक्ष बनाया गया तब से उन्होंने पहले से स्थापित पुराने सलाहकार तंत्र को नष्ट कर दिया। सारे वरिष्ठ और अनुभवी लोगों को साइडलाइन कर दिया।
राहुल के व्यवहार को बताया था बचकाना
इससे पहले गुलाम नबी आजाद ( Gulam Nabi Azad ) ने सोनिया गांधी को चिट्ठी भी लिखी थी। अपनी चिट्ठी में उन्होंने राहुल गांधी पर हमला बोला था। उन्होंने इस खत में राहुल पर बचकाने व्यवहार का आरोप लगाया है। इससे पहले गुलाम नबी आजाद ने जम्मू.कश्मीर कांग्रेस की प्रचार समिति के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था। उन्हें उसी दिन इस पद पर नियुक्त किया गया था। उन्होंने जम्मू.कश्मीर में पार्टी की राजनीतिक मामलों की समिति के सदस्यता से भी त्यागपत्र दे दिया था।
बता दें कि लंबे अरसे से गुलाम नबी आजाद ( Gulam Nabi Azad ) कांग्रेस ( Congress ) आलाकमान से नाराज चल रहे थे। उनकी नाराजगी का अंदाजा इसी से लगाया जा सता है कि उन्होंने पार्टी अंदर ही जी-23 गुट बना लिया था। गुलाम नबी आजाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री भी रह चुके हैं। वे कई बार केंद्रीय मंत्रियों भी रहे हैं। दशकों से देश की राजनीति में सक्रियता के साथ ही वो गांधी परिवार के करीबियों में से एक माने जाते थे। ये बात अलग है कि अंतिम समय में गांधी परिवार से उनकी दूरी बढ़ गई, लेकिन वो पार्टी से इस्तीफा ( Gulam Nabi Azad ) देने से पहले तक गांधी परिवार का साथ देने नहीं चूके। जब सोनिया गांधी को ईडी नेशनल हेराल्ड मामले में लगातार पूछताछ के लिए बुला रही थी तो उन्होंने पार्टी आलाकमान के समर्थन में मीडिया को संबोधित किया था।
जी-23 पार्टी को मजबूत करने के लिए काम कर रहा है
कुछ दिन पहले ही हिमाचल प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आनंद शर्मा ( Anand sharma ) ने पार्टी की राज्य इकाई की संचालन समिति के अध्यक्ष पद से इस्तीफा देते हुए कहा था कि जी-23 समूह पार्टी को मजबूत करने के लिए काम कर रहा है और पार्टी हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव में एकजुट होकर उतरेगी। उन्होंने निरंतर बाहर रखे जाने एवं अपमान का हवाला देते हुए पार्टी की संचालन समिति के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था। जी-23 उन असंतुष्ट वरिष्ठ नेताओं का एक समूह है जिसने संगठन में आमूल.चूल फेरबदल की मांग की है। शर्मा भी इस समूह का हिस्सा हैं।