Shyam Rangeela Part- 2 : अब AAP नेता के रूप में चुनौती देंगे श्याम रंगीला, बोले पॉलिटिकल कॉमेडी के लिए मोदी ने नहीं छोड़ा स्पेस

Shyam Rangeela Part- 2 : रंगीला आगे कहते हैं, मैं बहुत लंबे समय से मान का प्रशंसक रहा हूं। यूक्रेन के राष्ट्रपति और पंजाब के मुख्यमंत्री के बाद अब लोग कॉमेडियन को राजनीति में गंभीरता से लेते हैं.....

Update: 2022-05-11 13:46 GMT

Shyam Rangeela Part- 2 : अब AAP नेता के रूप में चुनौती देंगे श्याम रंगीला, बोले जेलेंस्की और मान के बाद अब कॉमेडियन को गंभीरता से लेतें हैं लोग

Shyam Rangeela Part- 2 : श्याम रंगीला ने अबतक अपने करियर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) को प्रतिबिंबित किया है। अब वह एक कदम और आगे बढ़ा रहे हैं। 5 मई श्माम रंगीला राजस्थान में आम आदमी पार्टी (Aam Aadmi Party) में यह कहते हुए शामिल (Shyam Rangeela Part- 2) हो गए कि वह अपने राजनीतिक व्यंग्यों के लिए दरवाजे बंद करके थक चुके हैं। श्याम रंगीला के यूट्यूब पर आठ लाख से ज्याद फोलोअर्स हैं जबकि फेसबुक पेज पर सात लाख से भी ज्यादा फोलोअर्स हैं।

लगातार काम न मिलने के चलते 16 अप्रैल को श्याम रंगीला (Shyam Rangeela) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को टैग करते हुए लिखा था- "प्रिय पीएम नरेंद्र मोदी जी। मैं एक छोटा कलाकार हूं और आपकी और दूसरे लोगों की मिमिक्री करता हूं। दुखद यह है कि मैं टीवी शो में नहीं जा सकता क्योंकि टीवी चैनलों के लोग आपसे डरते हैं। आपको कॉमेडी पसंद है, फिर वो आपकी मिमिक्री से क्यों डरते हैं? क्या आपकी मिमिक्री करना जुर्म है?"

रंगीला ने पूछा कि बात सिर्फ मेरी ही नहीं.. सात साल में मैंने तो टीवी  पर किसी को नहीं देखा जो मोदी जी के बारे में कुछ बोले या मजाक करे, अगर पीएम की मजाक या नकल करना अच्छी बात नहीं होती तो फिर सात साल पहले ये सब आम बात क्यों थी?

उन्होंने सोशल मीडिया पर अपने फॉलोअर्स का भी शुक्रिया अदा करते हुए कहा कि अगर ऑनलाइन माध्यम नहीं होता तो उनका कॉमेडी करियर बहुत पहले ही खत्म हो जाता। इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में रंगीला कहते हैं- मैं इन्हीं व्यक्तिगत घटनाओं के कार ही राजनीति में हूं।

श्याम रंगीला राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले के मोखमवाला गांव के रहने वाले हैं, उनका असील नाम श्याम सुंदर है। 2014 में जब मोदी पहली बार प्रधानमंत्री बनने के लिए चुनाव लड़ रहे थे तब उन्होंने उनके प्रचार किया था। वह कहते हैं कि तब मैं कुछ भी नहीं था। 

साल 2017 में द ग्रेट इंडियन लाफ्टर चैलेंज में पीएम मोदी की मिमिक्री करते हुए एक फेमस एक्टिंग के बाद उनका नाम रंगीला पड़ गया। उन्होंने प्रधानमंत्री की मिमिक्री करते हुए कई वीडियो घर से काम करते हुए और भाषण और इंटरव्यू देते हुए जारी किए।

बॉलीवुड अभिनेता द्वारा मोदी का इंटरव्यू, श्रीगंगानगर में पेट्रोल की कीमत सौ के पार होने पर बने उनके वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुए थे। जब पेट्रोल पंप मैनेजमेंट ने उन्हें एक और वीडियो रिकॉर्ड करने के लिए जगह नहीं दी तो उन्होंने पेट्रोल पंप के पोस्टर के सामने ही एक वीडियो बना दिया था।

हालांकि रंगीला कहते हैं कि टीवी उनकी पहुंच से बाहर रहा है। वह कहते हैं- हर साल मुझे टीवी शो के लिए चैनलों से कम से कम एक से दो कॉल आते थे लेकिन बाद उन्हें भी रद्द कर दिया गया क्योंकि आयोजकों को लगा कि मेरी सामग्री बहुत ज्यादा राजनीतिक है। निर्देशक मुझसे कहते थे कि चैनल मुझे नहीं चाहते।

रंगीला (Comedian Shyam Rangeela) कहते हैं कि उन्हें स्पेस सिकुड़ा हुआ मिला है। वह पूछते हैं कि 2014 में जब उन्होंने मोदी के लिए प्रचार किया था तब भी महंगाई की मार जैसे नारे प्रासंगिक थे तो अब क्यों नहीं ? जिन लोगों को मैंने वोट देने के लिए (भाजपा को) कहा वे मुझसे आज कीमतों में वृद्धि, पेट्रोल, डीजल की बढ़ती दरों के बारे में पूछते हैं।  28 वर्षीय कॉमेडियन अपने परिवार को अपने वीडियो पर आने वाले कमेंट्स को नजरअंदाज करने के लिए कहता है ताकि उन्हें ऑनलाइन नफरत का सामना न करना पड़े।  

श्याम रंगीला कॉमेडियन से राजनेता बन चुके पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की और साथियों की भी बात करते हैं। श्याम रंगीला कहते हैं कि यह वह प्यार है जिसे मिलता है वह आगे बढ़ता है। उन्हें उम्मीद देता है कि उनका राजनीतिक सफर सफल होगा।

रंगीला आगे कहते हैं, मैं बहुत लंबे समय से मान का प्रशंसक रहा हूं। यूक्रेन के राष्ट्रपति और पंजाब के मुख्यमंत्री के बाद अब लोग कॉमेडियन को राजनीति में गंभीरता से लेते हैं। वह बताते हैं कि उन्हें ट्वीटर पर छात्रों, डॉक्टरों, प्रदर्शनकारियों, अधिकारों के लिए लड़ने वाले लोगों, मदद मांगने वाले बहुत सारे संदेश मिलते हैं। मुझे लगता है कि मेरे पास उनकी सहायता करने की शक्ति नहीं है। इन सभी तथ्यों पर विचार करने के बाद मैंने राजनीति में आने का फैसला किया।

रंगीला कहते हैं कि दिल्ली में आप सरकार द्वारा किए गए कार्यों ने उन्हें पार्टी की ओर आकर्षित किया। आप लंबे समय से राजस्थान में अपने पैर जमाने की कोशिश कर रही है। वह कहते हैं- हम राजस्थान के लोगों को बता रहे हैं कि आपने राज्य में शासन करने के लिए कांग्रेस और भाजपा दोनों को पांच-पांच साल दिए। अब एक तीसरी ताकत आप को मौका दें।  

रंगीला ने 2023 में राजस्थान में विधानसभा चुनाव लड़ने से इनकार नहीं किया। वह कहते हैं कि वह जनता की प्रतिक्रिया देखने के लिए पहले मैदान में जाएंगे और पार्टी उन्हें जो भी जिम्मेदारी देगी, उसे पूरा करने में उन्हें खुशी होगी। रंगीला आप के लिए भी कॉमेडी या व्यंग्य वीडियो बनाने के लिए उत्सुक हैं हालांकि उन्होंने कहा है कि उन्होंने अभी तक पार्टी के साथ इस बारे में बात नहीं की है।

Tags:    

Similar News