आनंद तेलतुंबडे की जमानत रुकवाने को NIA सुप्रीम कोर्ट की चौखट पर, 25 को होगी सुनवाई—18 नवम्बर को बॉम्बे हाईकोर्ट से मिली थी जमानत

Bhima Koregaon case : आनंद तेलतुंबडे ने अपनी जमानत याचिका में कहा था कि वह 31 दिसंबर को पुणे में आयोजित एल्गार परिषद के कार्यक्रम में मौजूद नहीं थे और उन्होंने कोई भड़काऊ भाषण भी नहीं दिया था...

Update: 2022-11-22 12:47 GMT

आनंद तेलतुंबडे की जमानत रुकवाने को NIA सुप्रीम कोर्ट की चौखट पर, 25 को होगी सुनवाई-18 नवम्बर को बॉम्बे हाईकोर्ट से मिली थी जमानत

Bhima Koregaon case : भीमा कोरेगांव मामले में गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम के तहत जेल में बंद आरोपी आनंद तेलतुंबडे को जमानत मिलने के बाद भी जेल से बाहर निकलने में वक्त लग सकता है। आनंद तेलतुंबडे को बॉम्बे हाईकोर्ट द्वारा जमानत दिए जाने के निर्णय के खिलाफ राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटा दिया है। एनआईए के इस हस्तक्षेप के बाद सुप्रीम कोर्ट शुक्रवार यानी 25 नवंबर को मामले की सुनवाई के लिए राजी हो गया है।

बता दे कि तेलतुंबडे को भीमा कोरेगांव हिंसा के मामले में अप्रैल 2020 में गिरफ्तार किया गया था। दो साल पहले एक जनवरी को भीमा कोरेगांव लड़ाई के 200 साल पूरे होने के मौके पर एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। इस कार्यक्रम के बाद वहां हिंसा भड़क गई थी। इसमें एक की मौत हो गई थी और 10 पुलिसकर्मियों सहित कई घायल हो गए थे। भीमा कोरेगांव में झड़पों के बाद जनवरी में राज्यव्यापी बंद के दौरान पुलिस ने 162 लोगों के खिलाफ 58 मामले दर्ज किए थे। जिस मामले में आनंद की भी गिरफ्तारी की गई थी। आनंद तेलतुंबडे वर्तमान में नवी मुंबई की तलोजा जेल में बंद हैं। एक विशेष कोर्ट के जमानत देने से इनकार करने के बाद तेलतुंबडे ने अपनी जमानत के लिए पिछले साल हाईकोर्ट का रुख किया था।

आनंद ने अपनी इस जमानत याचिका में कहा था कि वह 31 दिसंबर को पुणे में आयोजित एल्गार परिषद के कार्यक्रम में मौजूद नहीं थे और उन्होंने कोई भड़काऊ भाषण भी नहीं दिया था, जिस पर बॉम्बे हाईकोर्ट ने 18 नवंबर को भीमा कोरेगांव मामले के आरोपी आनंद तेलतुंबडे को एक लाख रुपये के मुचलके पर जमानत दी गई थी।

आनंद की इस जमानत का एनआईए ने विरोध किया था, लेकिन जमानत मिलने के बाद एनआईए द्वारा सुप्रीम कोर्ट में अपील करने के अनुरोध पर हाईकोर्ट ने एक सप्ताह के लिए आदेश पर रोक लगा दी थी। अब इसी मामले में एनआईए की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट शुक्रवार यानी 25 नवंबर को मामले की सुनवाई के लिए राजी हो गया है।

इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में 82 वर्षीय सामाजिक कार्यकर्ता वरवर राव को जमानत दे दी थी। सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को एक अंतरिम आदेश में भीमा कोरेगांव के एक अन्य आरोपी गौतम नवलखा को उनकी स्वास्थ्य स्थिति और वृद्धावस्था को देखते हुए एक महीने की अवधि के लिए घर में नजरबंद रखने की अनुमति दी थी।

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