UP Election 2022 : अपर्णा यादव का योगी आदित्यनाथ से है नजदीकी का रिश्ता, जानें क्या है कनेक्शन?

UP Election 2022 : भाजपा में शामिल होकर अपर्णा यादव ने एक साथ कई संकेत दिए हैं। उनके इस फैसले से भाजपा को सपा के खिलाफ किलेबंदी का मौका मिल गया है तो दूसरी तरफ उन्होंने साफ कर दिया है कि वो सियासी हिस्सेदारी हर हाल में हासिल करना चाहती हैं।

Update: 2022-01-20 09:18 GMT

अपर्णा यादव का योगी आदित्यनाथ के बीच है नजदीकी का रिश्ता। 

UP Election 2022 : उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 से ठीक पहले भारतीय जनता पार्टी ( BJP ) का दामन थाम कर मुलायम सिंह यादव की बहू अपर्णा यादव ( Aparna Yadav ) ने एक साथ कई संकेत दे दिए हैं। उनके इस फैसले से भाजपा को सपा के खिलाफ किलेबंदी का मौका मिल गया है तो दूसरी तरफ उन्होंने ये भी संकेत दे दिया है कि सियासी हिस्सेदारी वो हर हाल में लेकर रहेंगी। इन सबके बीच सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की है कि यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ और अपर्णा यादव के बीच कनेक्शन क्या है?

दरअसल, लंबे समय से अपर्णा यादव के भाजपा में शामिल होने के कयास लगाए जा रहे थे। अंतत: बुधवार को भाजपा में शामिल होकर उन्होंने इस कयाबाजी पर पूरी तरह से विराम लगा दिया। लेकिन विशेष तौर से चर्चा में उस समय आईं जब सीएम योगी आदित्यनाथ कल (  Yogi Adityanath ) उनसे मिले। हालांकि, अपर्णा यादव ( Aparna Yadav ) पहले भी कई बार सीएम योगी के बुलाने पर कार्यक्रमों में हिस्सा लेती रही हैं। योगी से उनकी ये मुलाकात कोई पहली मुलाकात नहीं है।

पीएम मोदी की भी प्रशंसक हैं अपर्णा

जब अखिलेश यादव उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री तभी से अपर्णा यादव मोदी सरकार के स्वच्छ भारत अभियान की तारीफ करती आई हैं। इसके अलावे वो समय समय पर मोदी सरकार की नीतियों में बयान देती रही हैं। वह स्वच्छता अभियान से जुड़े कई कार्यक्रमों का हिस्सा भी रहीं हैं। वहीं एक शादी में जब पीएम मोदी पहुंचे तो उन्होंने उनके साथ सेल्फी भी ली।

ये है योगी के साथ कनेक्शन, मानती हैं उनको भाई

सपा के संस्थापक और यूपी के पूर्व सीएम मुलायम सिंह यादव की छोटी बहू अपर्णा यादव का प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से एक खास रिश्ता हैं। वो रिश्ता भाई—बहन का है। अपर्णा योगी आदित्यनाथ को अपना भाई मानती हैं। दोनों उत्तराखंड के रहने वाले हैं। अपर्णा यादव का परिवार भी उत्तराखंड का बिष्ट परिवार है। वे गोरखनाथ मठ के अनुयायी भी हैं। योगी आदित्यनाथ भी बिष्ट ही हैं। इस वजह से अपर्णा यादव का सीएम योगी से पुराना जुड़ाव रहा है। जब योगी के गुरु महंत अवैद्यनाथ का निधन हुआ था तब भी अपर्णा गोरखनाथ मठ पहुंची थीं। योगी आदित्यनाथ का यूपी का सीएम बनने से पहले से ही अपर्णा यादव उनकी जमकर तारीफ करती रही हैं। योगी आदित्यनाथ के सीएम बनने के बाद अपर्णा यादव और प्रतीक यादस ने वीवीआईपी गेस्ट में उनसे मिलकर बधाई भी दी थी।

अप्रैल 2017 में ही अपर्णा ने दे दिए थे इस बात के संकेत




बात पांच साल पहले यानि अप्रैल 2017 की है। जब योगी आदित्यनाथ यूपी के सीएम बने थे। उस समय अप्रैल माह में एक सप्ताह के भीतर अपर्णा यादव की यूपी के सीएम योगीके साथ दो मुलाकातों के बाद सूबे की सियासत में नई चर्चाओं का दौर शुरू हो गया था। मुलायम के छोटे बेटे प्रतीक और बहू अपर्णा यादव की मुख्यमंत्री से इन मुलाकातों ने उसी समय यह संकेत दे दिया था कि उनकी योगी आदित्यनाथ से नजदीकी है। राजनीतिक जानकार अब इसके सियासी मायने भी खोज रहे हैं। इसके पीछे सबसे बड़ा कारण यह माना जा रहा है कि 2017 में भले ही सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव चुनाव हार गए लेकिन पार्टी पर पकड़ उसी समय में उनकी मजबूत हो गई थी।

2017 विधानसभा चुनाव बाद ही उन्होंने अपने करीबी राम गोविंद चौधरी को नेता प्रतिपक्ष बनाया था। यह इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि उस चुनाव में आजम खान और शिवपाल यादव की अनदेखी की थी। संभवतया इन्हीं वजहों से शिवपाल उसके बाद की सपा विधायकों की बैठक में हिस्सा लेने भी नहीं पहुंचे थे। इसको उनकी नाराजगी से जोड़कर देखा गया था। अपर्णा और प्रतीक, शिवपाल खेमे के करीबी ही माने जाते हैं। सपा की सियासत में शिवपाल के हाशिए पर जाने और लखनऊ कैंट से अपर्णा यादव के चुनाव हारने के बाद इनकी स्थिति पार्टी में कमजोर हुई है। फिर अखिलेश युग की शुरुआत होने से अपर्णा और प्रतीक को खुद की सियासी राह मुश्किल दिखाई देने लगी थी। इसलिए इनमें असुरक्षा की भावना का पैदा होना बहुत स्वाभाविक था। लिहाजा अपर्णा यादव ने योगी से नजदीकी बढ़ाकर उसक उपयोग दबाव की रणनीति के रूप में किया।

कौन हैं अपर्णा यादव?

अपर्णा बिष्ट का जन्म 01 जनवरी 1991 को हुआ था। उनके पिता अरविंद सिंह बिष्ट एक मीडिया कंपनी में थे। सपा की सरकार में वह सूचना आयुक्त भी रहे। अपर्णा की मां अंबी बिष्ट लखनऊ नगर निगम में अधिकारी हैं। अपर्णा की स्कूली पढ़ाई लखनऊ कॉन्वेंट इंटरमीडिएट से हुई है। अपर्णा ने ब्रिटेन की मैनचेस्टर यूनिवर्सिटी से इंटरनेशनल रिलेशन एंड पॉलिटिक्स में मास्टर डिग्री ली है। अपर्णा ने भातखंडे संगीत विश्वविद्यालय में नौ साल तक शास्त्रीय संगीत में औपचारिक शिक्षा ग्रहण की है। वह ठुमरी की कला में निपुण हैं। बता दें कि अपर्णा यादव को घूमने का शौक है। वह कई यूरोपियन देश में घूम चुकी हैं।

2017 में अपर्णा कैंट सीट से हार गईं थी चुनाव

UP Election 2022  : अपर्णा यादव ने साल 2017 का विधानसभा चुनाव समाजवादी पार्टी की टिकट पर लखनऊ कैंट सीट से लड़ा था। उस चुनाव में उन्हें भाजपा की रीता बहुगुणा जोशी ने हरा दिया था। इस बार रीता बहुगुणा जोशी लखनऊ कैंट विधानसभा सीट से अपने बेटे के लिए भाजपा का टिकट मांग रही हैं। कुछ दिनों पहले उन्होंने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा को एक चिट्ठी लिखकर बेटे को टिकट दिलाने के लिए खुद इस्तीफा देने का प्रस्ताव रखा। लेकिन अब अपर्णा के बीजेपी में शामिल होने से रीता जोशी के बेटे का टिकट खटाई में पड़ता दिख रहा है। हार के बाद से पार्टी में उनकी अहमियत कम हो गई।

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