अखिलेश ने सोशल मीडिया पर शेयर की हिरासत में मारे गये गरीब के घर की तस्वीर तो जनता ने याद दिला दी राजनीति की नैतिकता

पुलिस हिरासत में मारे गये जिस गरीब युवा के घर की तस्वीर अखिलेश यादव ने शेयर की है, उसमें उनके सामने खाने की तमाम चीजें काजू, बर्फी, नमकीन वगैरह रखे हुए हैं, जिसे लेकर वह ट्रोल हो रहे हैं....

Update: 2021-02-26 12:11 GMT

इसी तस्वीर को लेकर ट्रोल हो रहे हैं सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव

जनज्वार, लखनऊ। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर एक तस्वीर शेयर की है, जिसपर वो ट्रोल हो रहे हैं, जनता उन्हें राजनीति की नैतिकता सीखने को कह रही है।

पुलिस हिरासत में मारे गये जिस गरीब युवा के घर की तस्वीर अखिलेश यादव ने शेयर की है, उसमें उनके सामने खाने की तमाम चीजें काजू, बर्फी, नमकीन वगैरह रखे हुए हैं, जिसे लेकर वह ट्रोल हो रहे हैं।

अखिलेश यादव ने तस्वीर शेयर करते हुए लिखा है, 'ये कितना दुःखद है कि एक पिता जिसके पुत्र के उत्तर प्रदेश पुलिस की हिरासत में मारे जाने की चर्चा है, वो सरकार से न्याय की उम्मीद खो बैठा है। न्याय के लिए सपा आख़िर तक उनके साथ लड़ेगी। भाजपा सरकार पर अब जनता का भरोसा नहीं रहा। बहुत हुई 'ज़ुल्मों' की मार अबकी बार भाजपा बाहर!'

अखिलेश यादव द्वारा शेयर की गयी इस तस्वीर पर कमेंट करते हुए रक्षित राठौर ने लिखा है, 'वाह जितना बनावटी तुम अपने पिता का सम्मान करते थे अबतक उससे कही ज्यादा बनावटी तुम्हारा ये दुख है रो गरीब के प्रति। ऐसी क्या दिक्कत थी की पीने के लिए गरीब के नल के जल से कहीं ज्यादा अच्छा तुम्हें अपने साथ ले जाई गई बिस्लेरी का पानी लगा।'

कुमार आशीष ने कमेंट किया है, 'कार्यकर्ताओं को सख़्त आदेश करिए कि पानी की बोतल के अलावा कोई जलपान नहीं। अगर करना ही तो एक नमकीन बस। थोड़ी सी। एक साल और बचा है। फिर बहुत हिसाब करने हैं।'

नेशनलिस्ट नितिन ने लिखा है, 'वाह गरीब के खोली में तले काजू, काजू बर्फी, मिनिरल वाटर, फल सेब... मतलब भौकाल है समाजवाद का रे दादा।'

अनुज जैन लिखते हैं, 'टीपू भैया दुख में शामिल होने गए थे या फ्री के काजू किसमिस संतरे सेव खाने गए थे....कभी आम इंसान बनकर भी किसी के दुख में शामिल हो जाओ।'

विकी प्रताप सिंह ने लिखा है, 'UP में एक परिवार के एक सदस्य की हत्या हो गई तो अखिलेश यादव मिलने पहुंचे... उनके साथ पहुंचा गद्देदार सिंहासन ताकि छोटे साहब का सफेद कुर्ता गंदा न हो जाये, उनके साथ पहुंची बिसलेरी की बोतलें ताकि गरीब परिवार के घर हैंडपम्प का पानी पीकर छोटे साहब का पेट खराब न हो जाये... उनके साथ पहुंचा नमकीन और नास्ते के पैकेट ताकि खाली पेट 10 मिनट रहने से छोटे साहब के पेट मे गैस न बन जाये...बेचारे परिवार के हाव भाव पर गौर कीजिए, बेचारे समझ नही पा रहे कि उनकी कुटिया में पधार कर छोटे साहब ने उनपर कितना बड़ा उपकार किया है #जय_समाजवाद'

ओम वर्मा ने कमेंट किया है, 'फ्राई काजू और काजू बर्फी खाने गए हैं कि न्याय दिलाने कौनो लाएक नहीं है आप।'

ये कितना दुःखद है कि एक पिता जिसके पुत्र के उत्तर प्रदेश पुलिस की हिरासत में मारे जाने की चर्चा है, वो सरकार से न्याय की...

Posted by Akhilesh Yadav on Thursday, February 25, 2021

इकराम कसार ने लिखा है, 'भुनी हुई काजू प्लेट में बिसलेरी गिलास में, उतरा है समाजवादी किसी गरीब के निवास में...'

ब्रजेश कुमार कहते हैं, 'न्याय दिलाने गए हैं कि भोजन करने।'

वहीं रिंकू चौबे पूछते हैं, अखिलेश भैया वहां गए हैं काजू किसमिस बादाम दबाने की उसका दुख में साथ देने के लिए...'

भरत कुमार राजपुरोहित ने कमेंट किया है, 'तुम तुम्हारी सच्चाई खुद ब्यान कर रहे। उधर एक घर का चिराग बुझ गया और आप काजू और बिस्लरी में मौज हो। तुम्हारी घटिया हरकत की वजह से आज जनता ने तुम्हें नकार दिया है।'

अमृतेश सिंह राजपूत ने लिखा है, 'आप सेवा करने गये हैं या मेवा खाने औंर सब नीचे बैठे हैं बूढ़े-बुजुर्ग आप चेयर पर, शर्म नहीं आती आपको ख़ैर जो अपने पिता को धक्का दे सकता सकता है, उससे उम्मीद क्या की जा सकती है।'

धर्मेश कौशिक ने लिखा है, 'जिसको ये नहीं पता कि किसी के घर जवान मौत पे सांत्वना देने जाये तो परिवार ने तो आपको मिठाई वगैरह रखी ठीक, लेकिन आपको फोटो से पहले ही हटवा देनी चाहिए नेता जी।'

कई लोगों ने तो अखिलेश को इस पोस्ट के लिये गालियों ने नवाजा है, कहा है कि किसी को सांत्वना देने जाने पर यह सब खिलाने का रिवाज कहां से शुरू हो गया।

एक अन्य ने लिखा है, 'जिस घर में मातम है..ये टोंटीचोर वहां चौपाल लगा कर नाश्ता कर रहा है हरामखोर..वैसे यही है न जिसने अपने बाप को मंच के ऊपर से धक्का दिया था..जो अपने बाप का नही हुआ वो किसी का क्या होगा..मूर्खों तुम चमचागीरी और पत्तेचाटी में ही मर जाओगे।'

Tags:    

Similar News