Kumbhalgarh News : खंडित मिली भीलू राणा की प्रतिमा, Tribal Army ने की 'अराजक तत्वों' के खिलाफ कार्रवाई की मांग

Kumbhalgarh News : शुक्रवार 11 जनवरी की देर शाम तक जिस जगह पर मूर्ति लगी हुई थी उसे प्रशासन ने अब लाल कपड़े ढक दिया है, केलवाड़ा स्थित पार्क में यह मूर्ति महाराणा प्रताप की जयंती पर लगाई गई थी....

Update: 2022-02-12 08:58 GMT

(पार्क में टूटी मिली भीलू  राणा की प्रतिमा)

Kumbhalgarh News : राजस्थान के कुंभलगढ़ के केलवाड़ा (Kelwara) स्थित पार्क में लगी भीलू राणा की मूर्ति शुक्रवार को खंडित मिली। मूर्ति के टूटने की सूचना मिलते ही भील समाज (Bhil People) समेत कई अन्य संगठनों के लोग मौके पर पहुंचे और इसकी जानकारी पुलिस को दी। इसके बाद केलवाड़ा थानाधिकारी प्रवीण टांक ने मौके पर पहुंचकर मुआयना किया। जहां पर भीलू राणा की प्रतिमा लगी थी उसके पास में ही महाराणा प्रताप (Maharana Pratap) की प्रतिमा भी लगी है।

प्रशासन ने प्रथम दृष्टया 'बंदरों के उछलकूद' से प्रतिमा के नीचे गिरने और टूटने की संभावना जताई है। इस घटना की सूचना मिलते ही एसडीएम जयपाल सिंह राठौड़ (SDM Jaipal Singh Rathod), तहसीलदार सज्जनराम चौधरी भी केलवाड़ा स्थित पार्क पहुंचे और जानकारी ली। पुलिस इस घटना का दूसरे एंगल से भी जांच कर रही है ताकि कोई आशंका न रहे। 

महाराणा प्रताप की जयंती पर लगाई गई थी मूर्ति

शुक्रवार 11 जनवरी की देर शाम तक जिस जगह पर मूर्ति लगी हुई थी उसे प्रशासन ने अब लाल कपड़े ढक दिया है। केलवाड़ा पार्क में यह मूर्ति महाराणा प्रताप की जयंती पर लगाई गई थी। स्थानीय विधायक सुरेंद्र सिंह राठौड़ समेम तमाम जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में इस प्रतिमा को लगाया गया था। 

'सोशल मीडिया पर न फैलाएं अपवाह'

वहीं मौके पर पहुंचे कुंभलगढ़ के एसडीएम राठौड़ ने लोगों की मदद से मूर्ति को सुरक्षित जगह पर रखवाते हुए अपील की कि हर एंगल से जांच की जा रही है, सोशल मीडिया पर या किसी भी तरह की अफवाह कोई भी ना फैलाएं। इस दौरान भाजपा नेता प्रेमसुख शर्मा, रजनीश शर्मा, किशन पालीवाल, किशन मेघवाल, खीमाराम समेत कई ग्रामीण मौजूद थे।

मूर्ति टूटने की सूचना मिलने के बाद शुक्रवार की देर रात प्रशासन व पुलिस आलाकमान मौके का मुआयना करता नजर आया। रात नौ बजे कुंभलगढ़ के डिप्टी नरेश कुमार के साथ एसडीएम जयपाल सिंह राठौड़, थाना प्रभारी प्रवीण टांक मौके पर पहुंचे और डिप्टी को घटना की सूचना दी।

सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया

हालांकि ट्राइबर आर्मी के फाउंडर हंसराज मीणा ने अपने ट्वीट में 'अराजक तत्वों' के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। हंसराज ने अपने ट्वीट में तस्वीर को साझा करते हुए लिखा- 'राजसमंद में असामाजिक तत्वों द्वारा महान क्रांतिकारी आदिवासी वीर योद्धा पूंजा भील की प्रतिमा को तोड़ने की घटना कायराना है। पूंजा भील वही योद्धा थे जिन्होंने महाराणा प्रताप की जान और सत्ता दोनों को बचाया था। पुलिस दोषियों को गिरफ्तार करके कड़ी कार्यवाही करें।'

ट्राइबर आर्मी ने भी अपने ट्वीट में लिखा- राजस्थान सरकार और राजसमंद पुलिस प्रशासन तत्काल पूंजा भील जी की नई प्रतिमा स्थापित करें। प्रतिमा को तोड़ने वालों के खिलाफ़ कड़ी कार्यवाही करें। 

एसएफआई के डुंगरपुर जिलाध्यक्ष ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को टैग करते हुए ट्वीट में लिखा- देश मे तुच्छ हरकतें करने वालों की कमी नहीं हैं। जिंदा आदिवासियों के साथ तो शोषण कर ही रहें पर आदिवासी महानायकों की प्रतिमाओं को भी छोड़ नही रहें हैं। महानायक का अपमान सहन नहीं होंगा सरकार भीलूराणा की प्रतिमा तोड़ने वालों पर सख़्त कार्यवाही कर नई प्रतिमा स्थापित करें।

कमलेश भाई आदिवासी नाम के ट्विटर यूजर ने लिखा- आज आदिवासी समाज के साथ आए दिन कुछ अजीब घटनाएं हो रही हैं और हमारे आदिवासी समाज के दो विधायकों को छोड़कर बाकी मर गए क्या, वहां भी राजनीति कर रहे हो तुम्हें तो शर्म आनी चाहिए, तुम्हें वहां कचोरी खाने और भजन कीर्तन करने नहीं भेजा है।

डॉ. धनराज मीणा नाम के ट्विटर यूजर ने राजस्थान पुलिस को टैग करते हुए लिखा- केलवाड़ा में आज भीलू राणा पूंजा भील की मूर्ति को तोड़ा गया है। यह पूरी भील समाज का अपमान है। इतिहास को चाहकर भी नहीं मिटा पाओगे। कहते हैं ''मारने वाले से बचाने वाला बड़ा होता है।" यह क्यों भूल जाते हैं लोग। ऐसे असामाजिक तत्वों के खिलाफ प्रशासन तुरंत कार्यवाही करे।


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