UP Election 2022 : 'ईमानदार' बताकर क्यों और कैसे घायल किए दिल्ली के पत्रकार, अखिलेश यादव ने खुद बताया

UP Election 2022 : अखिलेश यादव ने कहा कि ईमानदार कहना खराब बात थोड़ी है, अगर ईमानदार शब्द ही खराब हो जाएगा तो मैं ईमानदार के किस शब्द से बुलाऊंगा....

Update: 2022-03-06 07:15 GMT

('ईमानदार' बताकर क्यों और कैसे घायल किए दिल्ली के पत्रकार, अखिलेश यादव ने खुद बताया)

UP Election 2022 : उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव (UP Election 2022) के छह चरणों का मतदान संपन्न हो चुका है। इस दौरान समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) मीडियाकर्मियों को 'ईमानदार' बताकर निशाना साधते रहे हैं। अब उन्होंने एक इंटरव्यू में बताया कि उन्होंने बताया कि वह इस शब्द का इस्तेमाल क्यों करते हैं।

दरअसल अखिलेश यादव न्यूज चैनल एबीपी न्यूज पर पत्रकार दिबांग (Dibang) को इंटरव्यू दे रहे थे। इस दौरान दिबांग उनसे सवाल करते हैं कि आपने प्रेस की बात की.. मैंने कई जगह इंटरव्यू देखे..आपने ईमानदार बोल-बोलकर कई लोगों को घायल कर दिया है। दिल्ली में कई पत्रकार घायल हैं। इसके जवाब में सपा प्रमुख ने कहा - देखिए मेरा जब इंटरव्यू चल रहा था उस समय भी मैंने कहा कि ईमानदार कहना खराब बात थोड़ी है। अगर मैं ईमानदार कह रहा हूं ...ईमानदार शब्द ही खराब हो जाएगा तो मैं ईमानदार के किस शब्द से बुलाऊंगा। तो यह नाराजगी स्वयं आयी होगी और शायद उन्होंने जो पत्रकारिता का धर्म है उसको नहीं निभाया होगा इसलिए उनके अंदर कुछ न कुछ गिल्टी फीलिंग है कि कॉन्सियस अलाऊ नहीं कर रहा ईमानदार सुनने के लिए भी।

मीडिया के दोहरे रवैये पर उठाया सवाल

इसके बाद दिबांग आगे कहते हैं- अखिलेश यादव उन इंटरव्यू में जो ईमानदार शब्द इस्तेमाल करते हैं तो उसका प्रहार बड़ा तीखा होता है। आप हंसते हुए भी तीाखा प्रहार करना सीखे हैं। इसके जवाब में अखिलेश यादव कहते हैं- नहीं.. उस समय तो जिस तरह से बातचीत हो रही थी। बातचीत में वह बात निकलकर आ गयी क्योंकि कई मैं देखता हूं कि यूपी में जो घटनाएं हुईं हैं। बहुत सारे चैनलों ने वो चीज नहीं दिखाई जैसे हम समाजवादी सरकार में होते थे तो कोई घटना यूपी में होती थी तो हमारी तस्वीर दिखायी जाती थी उस घटना के साथ। मैंने पांच साल के साथ देखा है। वही चैनल जो मेरे फोटो दिखाते थे। आज किसी भी मुख्यमंत्री या किसी भी बड़े नेता की तस्वीर नहीं लगा सकते। तो ये कारण क्या है..कि जब विपक्ष आता है तो हर घटना के साथ उसकी फोटो टीवी पर आती है। आज जब बीजेपी की सरकार है किसी मंत्री या मुख्यमंत्री की तस्वीर नहीं आती किसी घटना को लेकर के।

'एकसाथ आए किसान, नौजवान, व्यापारी, जनता भाजपा से दुखी'

छह चरणों के मतदान को लेकर इंटरव्यू में अखिलेश यादव ने कहा कि मैं इस चुनाव को इस तरह से देखता हूं कि पहले चरण से ही यह जनता का चुनाव बन गया। किसान,नौजवान, व्यापारी हर वर्ग के लोग एकदम साथ आ गए। यह जनता का चुनाव था और जनता भाजपा से दुखी थी, परेशान थी, उसका कारण यह हुआ कि जनता समाजवादी पार्टी के साथ खड़ी हुई। उन्हें विकल्प के रूप में समाजवादी पार्टी दिखाई दी।

'योगी सरकार ने लोकतंत्र पर नहीं किया भरोसा'

योगी सरकार की तीन कमजोरियां पूछने पर अखिलेश यादव ने कहा कि सबसे बड़ी बात यह है कि इन्होंने लोकतंत्र पर भरोसा नहीं किया। जनता की हर जगह आवाज दबाने की कोशिश की गई। यहां जितना भी नौजवान आया वह अपमानित होकर गया। यहां बेराजगार नौजवान अपनी मांगों को लेकर कुछ संगठन के लोग पांच-पांच साल यहां रहे हैं। पांच साल में भी सरकार ने उन्हें न्याय नहीं दिया। आपने किसान आंदोलन देखा..ये सरकार सुनने को तैयार नहीं है।

अखिलेश यादव ने कहा कि कानून व्यवस्था में इन्होंने मनमानी की है। आज हम देश के आंकड़े देखें फेक एनकाउंटर्स में यूपी नंबर वन है। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग से सबसे ज्यादा नोटिस यूपी को मिले हैं। कस्टोडियल डेथ में नंबर वन है। दुख की बात यह है कि आईपीएस फरार है यूपी से... तो यह कहीं न कहीं कारण बना। भारतीय जनता पार्टी ने जनता की सुनवाई नहीं की आज उसी वजह से जनता आज इनको बाहर कर रही है।

'आंकड़ों से खेलती है भाजपा सरकार'

कानून व्यवस्था की आपने बात की भाजपा जहां भी चुनाव लड़ती है आप बिहार, पश्चिम बंगाल देख लीजिए, हमेशा कहती है कि हमारे विरोधी आएंगे तो कानून-व्यवस्था बिगड़ेगा। ये उन्होंने कानून व्यवस्था पर कैसा ट्रेडमार्क ले रखा है? इसके जवाब में अखिलेश यादव ने कहा कि आंकड़े अगर हम देखें तो हम पाएंगे कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार में कानून व्यवस्था ज्यादा खराब रही है। कोई कल्पना नहीं कर सकता है कि यहां पर कई लोगों एफआईआर दर्ज कराने के लिए मुख्यमंत्री आवास पर आत्मदाह करना पड़ा है। अगर हम आंकड़े देखें तो बेटियों और महिलाओं के साथ सबसे ज्यादा अन्याय हो रहा है, तो उत्तर प्रदेश आप पाएंगे। सबसे ज्यादा नोटिस आप देखेंगे उत्तर प्रदेश को आए हैं। ये आंकड़ों को छिपाते हैं। आंकड़ों से खेलते हैं। कई बार ये मीडिया के माध्यम से ऐसी धारणा बनाते हैं कि दूसरी पार्टियों की सरकार में कानून व्यवस्था खराब रहती है। 

ईमानदार बताने पर भड़क गईं थीं टीवी एंकर

बता दें कि 10 जनवरी 2022 को टीवी पत्रकार अंजना ओम कश्यप के प्रोग्राम में जब अखिलेश यादव ने टीवी एंकर अंजना ओम कश्यप को कई बार देश की सबसे ईमानदार पत्रकार कहा तो अंजना भड़क गईं थी। अंजना ने कहा था कि वो बार-बार कटाक्ष कर रहे हैं। मैं इसे बाकी पत्रकारों की तरह बर्दाश्त नहीं कर सकती। इस पर अखिलेश ने कहा कि किसी को ईमानदार कहना क्या गलत है। अंजना ने लगभग धमकी वाले अंदाज में कहा था कि वो भी उनके तमाम अवैध संपत्तियों के बारे में जानती हैं और बता सकती हैं। यह विवाद बढ़ता जाता है लेकिन अखिलेश संयमित रहते हैं। अखिलेश ने अंजना से कहा कि वो उन पर इसलिए आरोप लगा रही हैं, क्योंकि वो यादव हैं। इस इंटरव्यू का वीडियो फुटेज सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ था। इसके बाद अखिलेश यादव कई पत्रकारों 'ईमानदार' बताकर तंज कस चुके हैं।

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