UP Election 2022 : राकेश टिकैत ने जताई काउंटिग में गड़बड़ी की आशंका, जनता से बोले- ट्रेक्टर के साथ मतगणना केंद्रों पर लगाएं शिविर

UP Election 2022 : किसान नेता राकेश टिकैत (Rakesh Tikait) ने कहा है कि मतदान केंद्र पर अनियमितताएं हो सकती हैं, इसके लिए उन्होंने उत्तर प्रदेश के लोगों से ट्रैक्टर लेकर मतदान केंद्र पर पहुंचने का आग्रह किया है...

Update: 2022-03-03 09:38 GMT

राकेश टिकैत हुए हमलावर, बोले- ईमानदारी से परिणाम आए तो BJP को होगा काफी नुकसान

UP Election 2022 : उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव (UP Election 2022) के छठे चरण का मतदान चल रहा है। बस एक और चरण और उसके बाद उत्तर प्रदेश में नई सरकार की तस्वीर साफ हो जाएगी। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव (UP Election 2022) के मतदान की प्रक्रिया समाप्त होने के बाद मतगणना (UP Election Counting) को लेकर कई प्रकार की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। इसमें सबसे अधिक चर्चा मतदान में गड़बड़ी को लेकर की जा रही है। भारतीय किसान यूनियन (BKU) के नेता राकेश टिकैत ने इसी प्रकार की चर्चा को आगे बढ़ाया है। बता दें कि भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने मतगणना में गड़बड़ी की आशंका जताई है।

मतदान केंद्र पर ट्रैक्टर लेकर पहुंचने की अपील

बता दें कि किसान नेता राकेश टिकैत (Rakesh Tikait) ने कहा है कि मतदान केंद्र पर अनियमितताएं हो सकती हैं। इसके लिए उन्होंने उत्तर प्रदेश के लोगों से ट्रैक्टर लेकर मतदान केंद्र पर पहुंचने का आग्रह किया है। साथ ही राकेश टिकैत ने कहा है कि वहां पर वे अपना शिविर लगाएं। बता दें कि बागपत के बड़ौत में मीडिया से बातचीत करते हुए राकेश टिकैत ने कहा है कि जिला पंचायत चुनाव में जो किया गया था, उसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है। लोगों से अनुरोध करते हुए उन्होंने कहा कि मतगणना शुरू होने के एक दिन पहले मतगणना केंद्रों पर पहुंचे और मतगणना स्थलों पर ट्रैक्टर के साथ शिविर लगाएं। राकेश टिकैत ने लोगों से 9 मार्च को अपने कपड़े और बिस्तर के साथ पहुंचने के लिए कहा है और दावा किया है कि 10 मार्च यानी मतगणना के दिन को जनता को वहां जाने की अनुमति भी नहीं मिलेगी।

जिला पंचायत चुनाव में लगाया था गड़बड़ी का आरोप

बता दें कि पिछले साल राज्य में हुए जिला पंचायत चुनाव में विपक्षी दलों ने बड़े पैमाने पर अनियमितताओं का आरोप लगाया था। भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि किसानों की फसलें भी इंडियन डिजिटल कैंपेन से जोड़ दी जाए, तो हमारा गन्ने का भुगतान भी हो जाए। हम जिस बेल्ट में हैं, 1 साल से गन्ने का भुगतान नहीं हुआ है लेकिन चुनाव के दौरान भुगतान 10 दिन में या 15 दिन में भी हुआ है। राकेश टिकैत ने आगे कहा कि मेरा मतलब यह है कि सरकार जब चाहे भुगतान करवा सकती है। यदि चुनाव हर साल हो, तो गन्ने का भुगतान भी हर साल हो सकता है। देश में बड़े आंदोलन की जरूरत है, उससे कुछ बदलाव हो सकता है।

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