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अंधविश्वास

दूल्हे को पड़ा मिर्गी का दौरा तो बस्तर के एडीएम ने सुंघाया जूता

Janjwar Team
9 March 2020 3:38 PM GMT
दूल्हे को पड़ा मिर्गी का दौरा तो बस्तर के एडीएम ने सुंघाया जूता
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मिर्गी के दौरे से शादी के मंडप में बेहोश हुआ दूल्हा तो महिला बाल विकास अधिकारी ने जूता निकाला और एडीएम के हाथों में थमाया, फिर एडीएम ने दूल्हे को जूता सुंघाया...

जनज्वार। सरकार की ओर से अंधविश्वास के खिलाफ जागरुकता अभियान के तमाम दावे किए जाते हैं लेकिन जिस शासन-प्रशासन के कंधों के ऊपर इसकी जिम्मेदारी होती है वहीं अंधविश्वास को आगे बढ़ाने लग जाए तो क्या कहा जाए। छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में ऐसा ही नजारा देखने मिला।

रअसल छत्तीसगढ़ के बस्तर के एडीएम का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इसमें वह एक दूल्हे को जूता सुंघाते हुए नजर आ रहे हैं। खबरों के मुताबिक यह घटना 1 मार्च की है, जहां दंतेवाड़ा के मेंडका डोबरा मैदान में आयोजित सामूहिक विवाह कार्यक्रम का आयोजन किया गया था।

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बरों के मुताबिक इस सरकारी विवाह आयोजन में 300 जोड़ों का विवाह संपन्न कराया गया था। इस दौरान नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद देने के लिए सांसद, मंत्री, विधायक समेत तमान नेतागण जुटे हुए थे। इसी दौरान शादी के मंडप में एक दूल्हे बुधराम को मिर्गी का दौरा पड़ गया और वह बेहोश हो गया।

सके बाद शासन प्रशासन से जुड़े तमाम आला-अफसर दूल्हे को होश में लाने में जुट गए। इसी दौरान वहां मौजूद जिला महिला बाल विकास अधिकारी बृजेंद्र सिंह ने आनन-फानन में अपना जूता निकाला और उसे अपर कलेक्टर अभिषेक अग्रवाल के हाथों में थमाया ताकि दूल्हे को जूता सुंघाकर होश में लाया जा सके।

पुराने अंधविश्वासों और मान्यताओं के मुताबिक हमारा अनपढ़ समाज यह मानता आ रहा है कि मिर्गी का दौरा पड़ने पर अगर किसी का जूता पीड़ित को सुंघा दिया जाये तो उसे न सिर्फ होश आ जाता है बल्कि वह एकदम ठीक हो जाता है। इसी अंधविश्वास का सहारा जिला महिला बाल विकास अधिकारी बृजेंद्र सिंह ठाकुर और अपर कलेक्टर अभिषेक अग्रवाल ने।मिर्गी पीड़ित दूल्हे को ठीक करने के लिए लिया।

को होश में लाने के लिए अंधविश्वास की हद पार करते हुए अपर कलेक्टर अभिषेक अग्रवाल सरेआम उसे जूता सुंघाने लगे। इस दौरान भीड़ में तमाम पढ़े लिखे लोग भीड़ में मौजूद थे। लेकिन किसी ने भी डॉक्टर को बुलाने की जहमत नहीं उठायी।

भी लोग इस बात का इंतजार करते रहे कि जूता सुंघाकर मिर्गी पीड़ित दूल्हा होश में आ जाएगा, जबकि दूल्हा तड़प रहा था। हालांकि कुछ देर त​क इसी हालत में रहने के बाद दूल्हे को होश आ गया और सब अफसरान के चेहरे पर तैर रही थी, जैसे जूता सुंघाने से दूल्हे को होश आया हो।

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हीं मिर्गी के मरीज को जूता सुंघाने का दंतेवाड़ा एसपी डॉ. अभिषेक पल्लव ने सख्त विरोध किया है। उन्होंने कहा कि जूता सुंघाकर किसी मिर्गी पीड़ित का इलाज नहीं किया जा सकता। इससे मरीज की परेशानी और भी बढ़ जाती है। मगर मिर्गी मरीज को जूता सुंघाने वाले अपर कलेक्टर साहब अंधविश्वास को बढ़ाती अपनी हरकत का बचाव इस तर्क से कर रहे हैं कि ये एक कारगर तरीका है। साइंस भले इसे नहीं माने पर इससे कई मरीज ठीक हो चुके हैं।

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