82 साल के बुजुर्ग के पावती वाले पत्र पर नीतीश बाबू ने नहीं सुनी फरियाद

लखीसराय शहर में जल जमाव बड़ी समस्या है। शहर के भोला टोला के 82 साल के बुजुर्ग पुरुषोत्तम मिश्रा इसको लेकर मुख्यमंत्री, मुख्यमंत्री सचिवालय और मंत्रियों सहित वरिष्ठ अधिकारियों को लगातार पत्र लिख कर ध्यान दिलाते रहे हैं...

Update: 2020-10-14 03:21 GMT

82 साल के बुजुर्ग पुरुषोत्तम मिश्रा दूषित जल के शहर में जमाव को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को पत्र लिख चुके हैं, पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।

लखीसराय से राहुल सिंह की रिपोर्ट

जनज्वार। लखीसराय को जिला बने हुए 26 साल हो गए हैं। शहर का घनी आबादी व संकरी सड़कों वाला अंदरूनी हिस्सा जाम जैसी समस्याओं से परेशान रहता है, लेकिन शहर के बाहरी इलाकों में शानदार सड़कें और फ्लाईओवर इस बात की तसदीक तो करती हैं कि इस क्षेत्र में काम हुआ है।

पर, शहर की सबसे बड़ी समस्या जल जमाव और दूषित जल के प्रवाह का प्रबंध नहीं होना है। शहर का अंदरूनी हिस्सा जल जमाव व कचरे की समस्या से परेशान रहता है। शहर का सिवरेज और ड्रेनज सिस्टम नाम की कोई चीज नहीं है। शहर के अधिकांश हिस्सों में पानी निकासी का बेहतर प्रबंध नहीं है। लोग चाहते हैं कि चुनाव बाद जो भी नई सरकार बने वह इस स्थिति को बदले।

चुनावी कवरेज के दौरान हमारी मुलाकात इंग्लिश व भोला टोला के वासियों से हुई जिन्होंने अपने इलाके जल बहाव की समस्या पर खुल कर बात की और कहा कि न तो किसी जनप्रतिनिधि और न ही किसी सरकार की यह प्राथमिकता रही। इस वजह से बीमारियों के महामारी बनने का खतरा लगातार बना रहता है। लोगों की नाराजगी इस बात को लेकर है कि इस ओर ध्यान दिलाने पर भी सरकार की ओर से कोई कार्रवाई नहीं होती है। लखीसराय के स्थानीय विधायक विधायक विजय कुमार सिन्हा नीतीश सरकार में मंत्री भी हैं।

यह भी दिलचस्प है कि बिहार की राजनीति में पहले लालू प्रसाद यादव और उसके बाद नीतीश कुमार के उदय के बाद तीन दशकों से हमेशा एक मौका छोड़ कर विधानसभा सीट सत्ताधारी खेमे के पास ही रही है। 1990 से 2000 तक यह सीट जनता दल के पास रही, जबकि 2000 से 2020 तक यह सीट भाजपा-जदयू के पास रही है। बीते दस साल से इस सीट पर भाजपा के विजय कुमार सिन्हा काबिज हैं।

लखीसराय के भोलानगर निवासी पुरुषोत्तम मिश्रा एक जागरूक नागरिक हैं और वे अपने शहर व इलाके में सिवरेज-ड्रेनज व्यवस्था नहीं होने से व्यथित है। 82 साल पुरुषोत्तम मिश्रा बताते हैं कि इस समस्या को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उनके कार्यालय, विभागीय मंत्री, स्थानीय विधायक सहित कई मंत्रियों को पत्र लिख चुके हैं। उन्होंने सरकार से जुड़े आठ लोगों को पत्र भेजा है, जिसमें मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, सरकार के वरिष्ठ मंत्री नंदकिशोर यादव सहित कई मंत्री व अधिकारी शामिल है।

दूषित पानी के निकासी के लिए नाला नहीं होने से तालाब नुमा आकृति बन गई है।

बुजुर्ग पुरुषोत्तम मिश्रा इतने जागरूक हैं कि मुख्यमंत्री, मंत्री व अधिकारियों को जो पत्र लिखते हैं, उसमें एकनाॅलेजमेंट यानी पावती जरूर लगाते हैं, ताकि यह पक्का पता चल जाए कि संबंधित जगह व व्यक्ति के पास पत्र पहुंच गया है।

उन्होंने इस साल मई में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार व अन्य को पत्र लिखा और इस संवाददाता के सामने लिखे गए पत्र की फाइल लेकर पहुंच गए। उन्होंने सारे पत्र की एकनाॅलेजमेंट स्लिप भी दिखायी और कहा कि अभी तक उनके पत्र पर सरकार की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई है और न ही इसका कोई जवाब मिला है।

पुरुषोत्तम मिश्र का कहना है विद्यापीठ से लेकर चिमनी भट्ठा तक चैड़ा नाला बने तो इस इलाके की समस्या का समाधान होगा, पानी के बहाव को रास्ता मिलेगा और सूरत बदल सकती है।

भोला टोला में दूषित जल के जमाव से एक तालाब बन गया है, जिसमें सारे इंग्लिश सहित आसपास के कई इलाकों का पानी आकर गिरता है।

मुहल्ला वासियों का कहना है कि उनकी समस्याओं पर न तो स्थानीय निकाय के जनप्रतिनिधि ध्यान देते हैं और न ही विधायक व मंत्री। जल के जमाव से वहां जलकंुभी व झाड़ पैदा हो गए हैं। लोगों का कहना है कि पानी का दायरा इतना बढता जा रहा है कि वह कई हिस्सों में घरों तक पहुंच रहा है।

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