बनभूलपुरा को उजाड़े जाने के खिलाफ रामनगर में कैंडल मार्च, कल पीड़ितों के पास पहुंचेगा सपा का उच्चस्तरीय शिष्टमंडल

Banbhoolpura encroachment : वर्तमान BJP सरकार के दौर में साजिशपूर्ण तरीके से नागरिक अधिकारों पर लगातार कुठाराघात किया जा रहा है और सांप्रदायिक आधार लोगों को टारगेट किया जा रहा है, बेघर करने की साजिश रची जा रही है।

Update: 2023-01-03 16:32 GMT

Banbhoolpura encroachment : हाईकोर्ट के निर्देश के बाद पचास हजार लोगों को उजाड़े जाने के खिलाफ चलाया जा रहा आंदोलन मंगलवार 3 जनवरी को भी जारी रहा। बनभूलपुरा में जहां शांतिपूर्ण धरना जारी रहा तो हल्द्वानी के आसपास के और कई शहरों में बनभूलपुरा के समर्थन में कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।

बनभूलपुरा का मामला अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उछलने के बाद जहां उत्तराखंड के तमाम नागरिक संगठन भी बनफूलपुरा मौके पर पहुंच रहे हैं तो समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी मामले को गहराई से समझने के लिए मुरादाबाद सांसद एचटी हसन के नेतृत्व में एक दस सदस्यीय हाई प्रोफाइल शिष्टमंडल मौके पर भेजने के निर्देश दिए हैं, जो कल बुधवार 4 जनवरी को पीड़ितों से मिलकर अपनी रिपोर्ट राष्ट्रीय नेतृत्व को सौंपेगा।


हल्द्वानी के 4500 घरों के ध्वस्तीकरण के नैनीताल उच्च न्यायालय के जनविरोधी फैसले के खिलाफ हेलंग एकजुटता मंच की बैठक में उत्तराखंड के तमाम नागरिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने प्रतिभाग किया। बैठक में सभी ने चिंता प्रकट करते हुए कहा कि वर्तमान सरकार के दौर में साजिशपूर्ण तरीके से नागरिक अधिकारों पर लगातार कुठाराघात किया जा रहा है और सांप्रदायिक आधार लोगों को टारगेट किया जा रहा है, बेघर करने की साजिश रची जा रही है।

बनभूलपुरा के ध्वस्तीकरण के फैसले को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए इसका हर स्तर पर विरोध करने का निर्णय लिया गया। बैठक में सर्वोदय मंच के इस्लाम हुसैन द्वारा घटना का सिलसिलेवार ब्यौरा रखते हुए इस प्रकरण में सुप्रीम कोर्ट में दाखिल अपील सभी सदस्यों द्वारा इस ओर सरकार की आपराधिक लापरवाही और न्यायालय में जानबूझकर की गई लचर पैरवी पर गंभीर रोष प्रकट और चिंता प्रकट किया गया।

उत्तराखण्ड परिवर्तन पार्टी के अध्यक्ष पीसी तिवारी ने कहा कि पार्टी इसके विरोध में पहले ही अपना ज्ञापन सौंप चुकी है तथा फैसले का भी विस्तृत अध्ययन करवाया जा रहा है। बैठक में निर्णय लिया गया कि कल बुधवार चार जनवरी को नागरिक संगठनों के प्रतिनिधि आंदोलित पीड़ित पक्ष के साथ खड़े होकर एकजुटता का प्रदर्शन करेंगे। इसके साथ ही सर्वोच्च न्यायालय में दायर अपील की प्रभावी पैरवी करने और तमाम कानूनी पहलुओं पर अध्ययन करने के लिए करने हेतु सर्वोदय मंच के इस्लाम हुसैन, उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के केन्द्रीय अध्यक्ष पीसी तिवारी तथा चेतना मंच के शंकर गोपाल को अध्ययन कर एक ड्राफ्ट तैयार करने की भी जिम्मेदारी सौंपी गई।


भीम आर्मी के प्रदेश अध्यक्ष महक सिंह, कुमाऊं मंडल अध्यक्ष गोविंद गौतम, उधमसिंह नगर जिलाध्यक्ष अजय गौतम, नफीस अहमद खान जिलाध्यक्ष भीम आर्मी, आजाद समाज पार्टी के शिष्टमंडल ने भी रेलवे मामले में हल्द्वानी में पीड़ितों से मिलने के बाद नगर मजिस्ट्रेट के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजकर इन्हें न उजाड़े जाने की गुहार लगाई है।

इधर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देशानुसार समाजवादी पार्टी का प्रतिनिधि मण्डल बुधवार चार जनवरी को हल्द्वानी आयेगा। जहां हल्द्वानी में रेलवे विभाग द्वारा अतिक्रमण के नाम पर पांच हज़ार अल्पसंख्यक परिवारों के घरों का ध्वस्तीकरण कर 50 हज़ार लोगों को बेघर करने की साजिश की जांच के बाद इसकी रिपोर्ट प्रदेश कार्यालय में देगा।

मुरादाबाद सांसद एसटी हसन के नेतृत्व में इस प्रतिनिधि मंडल में पूर्व मंत्री अताउर रहमान, पूर्व सांसद वीरपाल सिंह, उत्तराखंड प्रदेश कोषाध्यक्ष एसके राय, पूर्व विधायक पूरनपुर अरशद खान, उत्तराखंड प्रदेश प्रभारी अब्दुल मतीन सिद्दीकी, प्रदेश प्रमुख महासचिव शोएब अहमद सिद्दीकी, प्रदेश उपाध्यक्ष सुरेश परिहार, प्रदेश प्रभारी पंजाब कुलदीप सिंह भुल्लर, पूर्व विधायक सुल्तान बैग शामिल है।


आज बनभूलपुरा की विभिन्न बस्तियों को उजाड़े जाने के विरोध में बस्ती बचाओ संघर्ष समिति के नेतृत्व में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को भी एसडीएम के माध्यम से ज्ञापन भेज गया। ज्ञापन में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग से तत्काल उचित हस्तक्षेप कर बनभूलपुरा बस्ती को उजाड़े जाने की किसी भी पुलिस व अर्द्धसैनिक बल की कार्यवाही को तुरंत रोके जाने, उत्तराखण्ड सरकार को उक्त बस्तियों के संदर्भ में उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय में पैरवी करने को निर्देश देने, उत्तराखण्ड सरकार को इन मलिन बस्तियों को 2016 की भांति मलिन बस्ती अधिनियम के तहत सेवा सूची में शामिल करने को निर्देश दिए जाने की मांग की गई।

इस ज्ञापन के साथ 871 बस्तीवासियों के हस्ताक्षर भी संलग्न किये गए। ज्ञापन देने वालों में बस्ती बचाओ संघर्ष समिति बनभूलपुरा के घटक क्रांतिकारी लोक अधिकार संगठन (क्रालोस), प्रगतिशील महिला एकता केंद्र (प्रमएके), परिवर्तनकामी छात्र संगठन (पछास) व बस्ती वासियों के साथ भाकपा माले, भीम आर्मी के कार्यकर्ता भी शामिल हुए। जबकि रामनगर में बनफूलपुरा के पीड़ितों के समर्थन में एक विशाल कैंदिल मार्च का आयोजन किया गया। भवानीगंज से शुरू हुआ यह कैंडल मार्च रानीखेत रोड, घास मंडी होते हुए खताड़ी पहुंचकर समाप्त हुआ। यहां वक्ताओं ने हल्द्वानी के पीड़ितों के साथ एकजुटता प्रदर्शित करते हुए कहा कि सरकार बनभूलपुरा को अपनी सांप्रदायिक राजनीति की प्रयोगशाला बना रही है, जिसे किसी भी कीमत पर सहन नहीं किया जायेगा।

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