करोड़ों का मुनाफा कमाने वाले सरकारी आयुर्वेदिक दवा कारखाने IMPCL को पूंजीपतियों को बेचने के खिलाफ श्रमिकों का उपवास

आयुर्वेदिक दवा कारखाने आईएमपीसीएल का विनिवेश रद्द करने व ठेका श्रमिकों के पीएफ के बकाया 1.12 करोड रुपए का भुगतान किए जाने आदि मांगों को लेकर कल 12 जनवरी को कारखाना गेट पर एक दिवसीय सामूहिक उपवास किया जाएगा....

Update: 2024-01-11 13:31 GMT

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रामनगर। भारत सरकार के एकमात्र आयुर्वेदिक दवा कारखाने आईएमपीसीएल (Indian Medicines Pharmaceutical Corporation Limited) का विनिवेश रद्द करने व ठेका श्रमिकों के पीएफ के बकाया 1.12 करोड रुपए का भुगतान किए जाने आदि मांगों को लेकर कल 12 जनवरी को कारखाना गेट पर एक दिवसीय सामूहिक उपवास किया जाएगा। यह निर्णय ठेका मजदूर कल्याण समिति द्वारा लिया गया है।

समिति के अध्यक्ष किशन शर्मा ने कारखाना प्रबंधन एवं मोदी सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि मजदूरों को संघर्ष करते हुए 10 वर्ष से भी अधिक का समय बीत चुका है। श्रमिकों के पीएफ का पैसा पीएफ कार्यालय में जमा है, परंतु यह धनराशि मजदूरों को नहीं दी जा रही है।

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7 साल में 4 लाख करोड़ की सरकारी संपत्तियां बेच चुकी मोदी सरकार अब उत्तराखंड की मुनाफा कमाने IMPCL को करने जा रही पूंजीपतियों के हवाले

उन्होंने कहा कि विगत 8 दिसंबर को कारखाना प्रबंधन ने पूर्व सांसद प्रदीप टम्टा के समक्ष वादा किया था कि श्रमिकों के पीएफ का पैसा दिए जाने हेतु प्रबंधन समुचित कार्रवाई करेगा, परंतु एक माह से भी अधिक समय बीत चुका है प्रबंधन ने अपना वादा पूरा नहीं किया है तथा मोदी सरकार ने आईएमपीसीएल विनिवेश रद्द करने को लेकर अभी तक स्थिति स्पष्ट नहीं की है, जिस कारण मजबूर होकर मजदूरों को कारखाना गेट पर उपवास का निर्णय लेना पड़ा है।

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समाजवादी लोकमंच के संयोजक मनीष कुमार ने कारखाना मज़दूर एवं क्षेत्र की जनता से कल 12 जनवरी को उपवास में शामिल होने की अपील की है। उन्होंने कहा कि इस कारखाने के निवेश से क्षेत्र से पलायन बढ़ेगा। अतः इसका विनिवेश रद्द किया जाना चाहिए तथा सभी ठेका श्रमिकों को नियमित रोजगार की गारंटी दी जानी चाहिए।

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