Giridih News: प्रतिरोध दिवस के दूसरे दिन नक्सलियों ने पुल को किया क्षतिग्रस्त, 24 घंटे के अंदर तीसरी घटना को दिया अंजाम

Giridih News: प्रतिबंधित संगठन भाकपा माओवादी की ओर से घोषित 21 जनवरी से 26 तक प्रतिरोध दिवस के दूसरे दिन 22 जनवरी की रात दस्ते के सदस्यों ने गिरिडीह जिले के मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के सिंदवरिया पंचायत के बरागढ़हा बराकर नदी पर स्थित पुल पर ब्लास्ट कर क्षतिग्रस्त कर दिया है।

Update: 2022-01-23 04:45 GMT

Giridih News: प्रतिरोध दिवस के दूसरे दिन नक्सलियों ने पुल को किया क्षतिग्रस्त, 24 घंटे के अंदर तीसरी घटना को दिया अंजाम

विशद कुमार की रिपोर्ट

Giridih News: प्रतिबंधित संगठन भाकपा माओवादी की ओर से घोषित 21 जनवरी से 26 तक प्रतिरोध दिवस के दूसरे दिन 22 जनवरी की रात दस्ते के सदस्यों ने गिरिडीह जिले के मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के सिंदवरिया पंचायत के बरागढ़हा बराकर नदी पर स्थित पुल पर ब्लास्ट कर क्षतिग्रस्त कर दिया है। इस तीसरी घटना को रात लगभग 2:30 बजे अंजाम दिया गया। इसके पहले 21 जनवरी की रात को मधुबन थाना क्षेत्र में दो मोबाइल टावर को विस्फोट कर उड़ा दिया गया था।

तीसरी घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस की टीमें मौके पर पहुंची। मामले की जांच शुरू कर दी गई है। घटनास्थल से नक्सलियों के पर्चे बरामद किए गए हैं। इसमें नक्सली नेता प्रशांत बोस व शिला मरांडी की बिना शर्त रिहाई की मांग की गई है। इसके अलावा बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ देने की मांग की गई है। बता दें कि 26 जनवरी 2018 को पुल के निर्माण की आधारशिला रखी गयी थी। फिलहाल इस पर आवागमन प्रारंभ हो गया था।  


इससे पहले 21 जनवरी की देर रात को भाकपा माओवादी द्वारा खुखरा व मधुबन थाना क्षेत्र में दो मोबाइल टावर को विस्फोट कर उड़ा दिया गया। मधुबन बाजार से महज 500 मीटर की दूरी पर स्थित आइडिया के टावर को निशाना बनाया गया तो वहीं खुखरा स्थित जमुआ टांड सड़क के किनारे एयरटेल के टावर को नक्सलियों द्वारा उड़ा दिया गया। खुखरा के जमुआ टांड के एयरटेल टावर  के आस पास रहने वाले ग्रामीण बताते हैं कि धमाका इतना शक्तिशाली था कि एक बार के लिए सब घबरा गए। रात्रि के 10 बजे के आस पास हुए इस धमाके से पूरा खुखरा क्षेत्र के लोग के बीच दहशत का माहौल है।वहीं मधुबन थाना क्षेत्र के मधुबन बाजार से जयनगर गांव जाने वाले मार्ग में नक्सलियों द्वारा रात के एक बजे आइडिया टावर को विस्फोट कर उड़ाया गया विस्फोट की आवाज बहोत दूर तक सुनाई दी थी।


वहीं विस्फोट के पश्चात नक्सलियों द्वारा पर्चा भी छोड़ा गया था,  जिसमें प्रशांत बोस व शिला मरांडी को रिहा करने व राजनीतिक बन्दी का दर्जा देने का बात कही गई है। बताते चलें भकपा माओवादी द्वारा प्रशांत बोस व शिला मरांडी की गिरफ्तारी के विरोध में 21 जनवरी से 26 तक प्रतिरोध दिवस व 27 को एक दिवसीय बन्द का आह्वान किया गया है। प्रतिरोध दिवस का पहला दिन ही विस्फोट की घटना से पूरा पीरटांड़, मधुबन व खुखरा क्षेत्र दहल उठा है। लिहाजा नक्सली उन्मूलन के नाम पर पुलिसिया दमन का भय भी आम आवाम के जेहन में एक बार फिर दिखाई पड़ने लगा है।

विस्फोट की घटना के बाद पूरे क्षेत्र में सीआरपीएफ व जिला प्रशासन नक्सलियों के खिलाफ संयुक्त छापामारी अभियान चला रही है।पारसनाथ क्षेत्र के तमाम थाना व पुलिस पिकेट को एलर्ट कर दिया गया है ।  मधुबन पीरटांड़ व खुखरा क्षेत्र के टावर के विस्फोट होने के बाद क्षतिग्रस्त हुए जिससे आइडिया व एयरटेल का नेटवर्क पूर्ण रूप से प्रभावित हो चुका है। एयरटेल व आइडिया के उवभोक्ताओं की परेशानी हो रही है। आइडिया व एयरटेल के कर्मियों ने बताया कि इस विस्फोट से कंपनी का लाखों का नुकसान हुआ है।


कहना ना होगा कि पारसनाथ मधुबन क्षेत्र में प्रतिरोध दिवस के पहले दिन ही नक्सलियों ने एक बार फिर से अपनी उपस्थिति दर्ज करवा दी है। अभी तो छह दिन बाकी है, इस बाकी के छह दिन पुलिस प्रशासन के लिए बहुत बड़ी चुनौती के रूप में देखा जा रहा है। नक्सलियों को बैक फुट पर पहुंचाने की प्रशासन की मंशा को नक्सलियों ने इस घटना को अंजाम देकर सोचने पर विवश कर दिया है। लिहाजा एक बार फिर पारसनाथ क्षेत्र में नक्सली संगठन भाकपा माओवादी अपना वर्चस्व कायम करते दिख रहे हैं। अब देखना है कि प्रशासन इस बाकी के छह दिनों में नक्सलियों के तांडव पर अंकुश लगा पाने में कितना कामयाब होता है।

बता दें कि 21 जनवरी की रात लगभग 11:30 बजे माओवादी दस्ता सबसे पहले जमुनियाटांड के पास पहुंचा और विस्फोटक लगाकर टॉवर उड़ा दिया। इसके बाद रात डेढ़ बजे वे मधुबन पहुंचे और यहां भी मोबाइट टॉवर उड़ा दिया। घटना की जानकारी स्थानीय पुलिस को रात में ही मिल गई। लेकिन घटनास्थल पर पुलिस दूसरे दिन 22 जनवरी को सुबह पहुंची। बताया जा रहा है कि जमुनियाटांड का इलाका पूरी तरह से नक्सल प्रभावित है। इस स्थिति में पुलिस पूरी तरह से सतर्क है। वहीं गिरिडीह एसपी अमित रेणू पूरी घटना पर नजर रखे हुए हैं।

उल्लेखनीय है कि भाकपा माओवादी संगठन ने केंद्रीय कमेटी व पोलित ब्यूरो सदस्य का. प्रशांत बोस तथा पत्नी केंद्रीय कमेटी सदस्या शीला मरांडी की गिरफ्तारी व जेल यातनाओं के विरुद्ध में बिहार झारखण्ड स्पेशल एरिया कमेटी भाकपा माओवादी ने 21 से लेकर 26 जनवरी तक प्रतिरोध दिवस तथा 27 जनवरी को 24 घंटे के लिए झारखण्ड बिहार बंद का आह्वान किया है।

इस बावत बिहार झारखण्ड स्पेशल एरिया कमेटी द्वारा कहा गया है कि प्रशांत बोस तथा शीला मरांडी दोनों जीवन साथी हैं। दोनों कई बीमारियों से पीड़ित हैं। लेकिन इन लोगों की गिरफ्तारी के दो माह बाद तक सरकार की ओर से कोई बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मुहैया नहीं करायी गयी है। जिसके विरोध में 21 जनवरी से 26 जनवरी तक प्रतिरोध दिवस और 27 जनवरी को एक दिवसीय बिहार झारखंड बंद का ऐलान किया गया है। 

भाकपा माओवादी केंद्रीय कमेटी के पोलित ब्यूरो सदस्य तथा पूर्वी रीजनल ब्यूरो सचिव 77 वर्षीय प्रशांत बोस तथा उनकी पत्नी केंद्रीय कमेटी सदस्या 65 वर्षीय शीला मरांडी की गिरफ्तारी चांडिल स्थित टोल प्लाजा से की गई थी। रिपोर्ट के मुताबिक प्रशांत बोस तथा शीला मरांडी लकवा, शुगर, गठिया वात, पीठ दर्द से ग्रसित है। यही नहीं बगैर सहारा न ही उठ पाते हैं न ही बैठ पाते हैं और न ही चल पाते हैं। 

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