Jitendra Narayan Tyagi Arrest: जितेंद्र नारायण त्यागी बने वसीम रिजवी की बेल खारिज, अब जाना होगा हाई कोर्ट

Jitendra Narayan Tyagi Hate Speech Case: धर्मनगरी कहे जाने वाले हरिद्वार में हुई कथित धर्म संसद में मुसलमानों के खिलाफ हुई जहरीली बयानबाजी के मामले में हाल ही में हिन्दू बने शिया वक्फ बोर्ड के पूर्व चेयरमैन जितेंद्र नारायण त्यागी उर्फ वसीम रिजवी की जमानत याचिका हरिद्वार सेशन कोर्ट ने खारिज कर दी है।

Update: 2022-01-20 15:18 GMT

(वसीम रिजवी की बेल हरिद्वार कोर्ट से खारिज)

Jitendra Narayan Tyagi Hate Speech Case: धर्मनगरी कहे जाने वाले हरिद्वार में हुई कथित धर्म संसद में मुसलमानों के खिलाफ हुई जहरीली बयानबाजी के मामले में हाल ही में हिन्दू बने शिया वक्फ बोर्ड के पूर्व चेयरमैन जितेंद्र नारायण त्यागी उर्फ वसीम रिजवी की जमानत याचिका हरिद्वार सेशन कोर्ट ने खारिज कर दी है। जिसके बाद 13 जनवरी को गिरफ्तार होकर रोशनाबाद जेल में जमानत की प्रतीक्षा कर रहे जितेंद्र नारायण की जेल से छूटने की उम्मीदों को झटका लग गया है। अब उनके सामने हाई कोर्ट में बेल लगाने के अलावा कोई रास्ता नहीं है।

बृहस्पतिवार को प्रभारी सत्र न्यायाधीश रितेश कुमार श्रीवास्तव ने जमानत का पर्याप्त आधार न मानते हुए जितेंद्र की जमानत याचिका अस्वीकार कर दी। न्यायालय में जितेंद्र की ओर से चार वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से जितेंद्र का पक्ष रखते हुए न्यायालय से जमानत की गुहार लगाई। जबकि वादी पक्ष की ओर से अधिवक्ता सलमान अहमद ने जमानत का पुरजोर विरोध करते हुए न्यायालय के समक्ष अपने तर्क प्रस्तुत किये। वादी के अधिवक्ता ने आरोपी द्वारा बार-बार एक ही अपराध की पुनरावृत्ति को जमानत याचिका के विरोध का मुख्य बिंदु बनाया। जिसके बाद न्यायालय ने इसी खास पहलू को ध्यान में रखते हुए जितेंद्र की जमानत याचिका अस्वीकार कर दी। हेट स्पीच के आरोप में जेल भेजे गए त्यागी की जमानत याचिका सत्र न्यायालय हरिद्वार से खारिज होने के बाद रिजवी के वकील अब उच्च न्यायालय में अपील करेंगे।


गौरतलब है कि पैगंबर मोहम्मद साहब पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने और भड़काऊ भाषण देने के मामले में जितेंद्र नारायण त्यागी और वसीम रिजवी के खिलाफ हरिद्वार शहर कोतवाली में कुल तीन मुकदमे दर्ज हैं। एक मुकदमे में पुलिस आरोपी को 41 सीआरपीसी के तहत नोटिस जारी कर मामले को टालने में लगी थी। लेकिन सुप्रीम कोर्ट द्वारा दस दिन में राज्य सरकार से इस प्रकरण की रिपोर्ट तलब किये जाने के कारण प्रदेश में आचार संहिता लगने के बाद गुरुवार को नारसन बॉर्डर से जितेंद्र नारायण त्यागी और वसीम रिजवी को गिरफ्तार कर लिया गया।

इस गिरफ्तारी के विरोध में स्वामी यति नरसिंहानंद और कई संतो ने सर्वानंद घाट पर आंदोलन भी शुरू किया था। लेकिन पुलिस पर कोई दबाव काम नहीं आया और वसीम को जेल की हवा खानी पड़ी थी। 15 जनवरी शनिवार को जितेंद्र नारायण त्यागी की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए सीजेएम मुकेश चंद्र आर्य की अदालत ने अर्जी खारिज कर दी थी। जबकि आज बृहस्पतिवार को यह जमानत याचिका सत्र न्यायालय हरिद्वार से भी खारिज हो गई। कुल मिलाकर हेट स्पीच के आरोपी जितेंद्र को अभी लम्बे समय तक जेल में रहना पड़ेगा।

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