दिल्ली की तिहाड़ के बाद उन्नाव कारागार में बनेगा रेडियो स्टेशन कैदी बनेंगे रेडियो जॉकी

Update: 2020-01-16 08:25 GMT

4 घंटे रेडियो प्रसारण का कार्यक्रम चलेगा। रेडियो जॉकी के माध्यम से जेल में बंद कैदियों व बंदियों के मानसिक तनाव को दूर करने की आधिकारिक सोच है। इसके अलावा संगीत का हुनर रखने वाले बंदी अपनी प्रतिभा को भी निखार सकेंगे...

मनीष दुबे की रिपोर्ट

जनज्वार। उन्नाव जिला कारगार में कैदी और बंदी अब रे़डियो जॉकी के गेटअप में नजर आएंगे। जिला जेल में संगीत का हुनर रखने वाले बंदी रेडियो जॉकी बनेंगे और अपने संगीत के हुनर से बंद कैदी व बंदियों का मनोरंजन कर मानसिक तनाव दूर करने में अहम किरदार निभाएंगे।

जेल में इस पहल के सारथी डॉ प्रदीप रघुनंदन बने हैं । जो प्रदेश के कई जिलों में बंद बंदियों के आचरण सुधार में अहम भूमिका निभाते रहे हैं। उन्नाव में रेडियो जॉकी की शुरुआत मकर सक्रांति पर्व पर हो चुकी है। इस अनूठे अभियान की शुरुआत जेल अधिकारियों व डीएम की मौजूदगी में हुई है। जिले के डीएम ने इस कार्यक्रम की सराहना की है।

गौरतलब है कि उन्नाव जिला कारागार में बंद बंदी रेडियो जॉकी की तरह अपने साथियों की फरमाइश पर गीत प्रस्तुत करेंगे। ये ही नहीं जेल समाचारों में दिन भर के क्रियाकलापों व मुख्य घटनाओं के साथ प्रेरक प्रसंगों को भी दिखाते है। इसके लिए जेल का अपने रेडियो स्टेशन शुरू हो रहा है। जिसके कारण हर बंदी अपनी इच्छा अनुसार गानों व शेरो शायरी का लुफ्त उठा पाएंगे।

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ह सब संभव हो पाया है जेल सुधार के क्षेत्र में 14 वर्षों से काम कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता व जेल सहायक डॉक्टर प्रदीप रघुनंदन के प्रयासों से। अब रेडियो की दुनिया की तरह उन्नाव जेल का अपना रेडियो जॉकी होगा और रेडियो स्टेशन होगा। रेडियो जॉकी और कोई नहीं बल्कि जेल में अपने गुनाहों की सजा काट रहे बंदी ही इसका किरदार निभाएंगे।

ताया जा रहा है कि प्रत्येक दिन 4 घंटे रेडियो प्रसारण का कार्यक्रम चलेगा। रेडियो जॉकी के माध्यम से जेल में बंद कैदियों व बंदियों के मानसिक तनाव को दूर करने की आधिकारिक सोच है। इसके अलावा संगीत का हुनर रखने वाले बंदी अपनी प्रतिभा को भी निखार सकेंगे।

डीएम उन्नाव देवेंद्र कुमार पांडेय ने कहा कि जेल में जेल रेडियो जॉकी का शुभारंभ किया गया है। जेल रेडियो के माध्यम से बंदी व कैदियों को स्वस्थ मनोरंजन मिलेगा और शासकीय योजनाओं की जानकारी व कौशल विकास संबंधी कार्यक्रमों की जानकारी दी जाएगी। जिससे कैदी बाहरी दुनिया से भी जुड़े रहेंगे। गीत संगीत से उनके मनो- मस्तिष्क में सकरातमक्ता आएगी ।

जेल अधीक्षक एके सिंह ने बताया कि जिला जेल में प्रदीप रघुनंदन ने निशुल्क रेडियो जॉकी कार्यक्रम का आयोजन किया है। इसके पहले वह कई जिलों में कार्यक्रम शुरू कर चुके हैं। यह बंदियों का कार्यक्रम है, बंदियों के द्वारा ही संचालित किया जाएगा। उन्हीं के लाभ के लिए होगा। जहां इससे बंदियों में तनाव कम होगा तो वहीं जेल में बंद कैदियों बंदियों का मनोरंजन भी होगा। रेडियो से विधिक जानकारी के साथ ही स्किल भी डेवलप होगी। बंदियों व कैदियों की लिए जो नए डेवलपमेंट के दिशा निर्देश आते हैं, उसके बारे में भी अवगत कराया जाएगा।

साथ ही जो बंदी दिन भर तनाव में रहता है, मनोरंजन के माध्यम से तनाव कम होगा। जल्द ही बंदियों को अपनी अभिव्यक्ति सभी के बीच में रखने की छूट भी दी जाएगी और वह रेडियो के माध्यम से अपने अनुभव बता सकता है। जिला जेल की प्रतिदिन की गतिविधियों के बारे में भी अवगत करा सकता है। जिला प्रशासन ने रेडियो जॉकी कार्यक्रम की काफी सराहना की। पूरे दिन में बंदियों के बीच 4 घंटे रेडियो जॉकी का कार्यक्रम होगा। इस रेडियो जॉकी कार्यक्रम में जेल के बंदी ही रेडियो जॉकी का किरदार निभाएंगे।

पको बताते चलें कि इससे पहले इस तरह की यानी रेडियो जॉकी और जेल में रेडियो स्टेशनों की शुरुआत सबसे पहले मुम्बई की यरवदा और फिर दिल्ली की तिहाड़ की सभी जेलों में कई गई थी। दिल्ली की तिहाड़ में जेल नम्बर तीन, पांच, दो और जेल नम्बर 8/9 में रेडियो स्टेशन बने हुए हैं जिसमे कैदी बन्दी अपनी फरमाइश के अनुसार अपने प्रोग्रामो या कार्यक्रमो को सुनते व प्रसारित करवाते हैं।

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