भोजन मातायें बोलीं बेटी बचाओ का नारा लगाने वाली भाजपा सरकार में हो रहा है हमारा शोषण

Update: 2020-01-10 14:30 GMT

सभा में आयीं महिलायें बोलीं, एक तरफ सरकार बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का नारा लगा रही है और दूसरी तरफ भोजन माताओं, आशा व आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का शोषण कर रही है, सरकार उनको न्यूनतम वेतन भी नहीं दे रही...

जनज्वार, रामनगर। भोजन माताओं द्वारा रामनगर एसडीएम कार्यालय में अपनी मांगों को लेकर 10 जनवरी को धरना- प्रदर्शन किया गया तथा एसडीएम के माध्यम से प्रधानमंत्री को ज्ञापन भी प्रेषित किया गया। यह कार्यक्रम महिला एकता मंच के बैनर तले आयोजित किया गया।

भोजन माताओं ने ज्ञापन के माध्यम से प्रधानमंत्री से मांग की है कि सुप्रीम कोर्ट कमिश्नर की सिफारिशों के अनुरूप सभी भोजन माताओं को न्यूनतम वेतन दिया जाए, भोजन माताओं को भविष्य निधि,बीमा, बोनस व ई.एस.आई आदि की सामाजिक सुरक्षा प्रदान की जाए।

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भोजन माताओं ने मांग की कि उनका नियमितीकरण कर उन्हें सरकारी कर्मचारी घोषित किया जाए और न्यूनतम वेतन ₹18000 मासिक दी जाये। मिड-डे-मील योजना के अंतर्गत बच्चों को ताजा पका व पौष्टिक भोजन ही परोसा जाए तथा अक्षय पात्र फाउंडेशन व अन्य एनजीओ द्वारा बच्चों को पके भोजन की आपूर्ति किए जाने से संबंधित सभी अनुबंध रद्द किए जाएं।

स दौरान आयोजित सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा है कि एक तरफ सरकार बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का नारा लगा रही है और दूसरी तरफ भोजन माताओं, आशा व आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का शोषण कर रही है। सरकार उनको न्यूनतम वेतन भी नहीं दे रही है।

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कार्यक्रम संयोजक विमला देवी ने कहा कि जब तक भोजन माताओं की मांगें पूरी नहीं होंगी, हम तब तक अपना आंदोलन जारी रखेंगे।

कार्यक्रम में ममता देवी, शांति देवी, गीता देवी, हेमंती देवी,कमलेश, सुमित्रा देवी, मंजू, देवकी, तुलसी, संतोषी, सरस्वती जोशी, ललिता रावत, ललित उप्रेती, कपिल शर्मा आदि शामिल थे। कार्यक्रम का संचालन महिला एकता मंच की कौशल्या ने किया।

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