मां के साथ सो रहे 3 महीने के मासूम को घसीट ले गये कुत्ते, नोच-नोचकर ले ली जान

Update: 2019-06-26 05:05 GMT

कुत्तों के झुंड ने गन्ने के खेत में ले जाकर बच्चे के सिर और शरीर के अन्य हिस्सों को पूरी तरह खा लिया था। लगभग 4 घंटे की तलाशी लेने के बाद मां-बाप के हाथ अपने कलेजे के टुकड़े के शरीर के कुछ टुकड़े आये, पुलिस ने मदद से कर दिया था साफ इंकार...

जनज्वार। आवारा कुत्ते खतरनाक आदमखोर जानवर बन गये हैं। आए दिन आवारा कुत्तों द्वारा इंसानों को बुरी तरह नोच खाने की खबरें चर्चा में आती रहती हैं, मगर शासन-प्रशासन की तरफ से इन खूंखार कुत्तों पर लगाम लगाने के लिए कोई पहलकदमी नहीं ली जा रही। न ही नगर निगम इनकी आबादी नियंत्रित करने के लिए कोई कड़ा कदम उठा रहा।

दमखोर कुत्तों का ही शिकार बना उत्तर प्रदेश के सहारनपुर का 3 महीने का मासूम, जो अपनी मां के साथ आंगन में सो रहा था। सोमवार 24 जून की रात को जब बच्चा अपनी मां के साथ सो रहा था तभी आवारा कुत्ते उसे घसीटकर ले गये और नोच-नोचकर उसकी जान ले ली। जब इस मामले में मदद के लिए परिजनों ने पुलिस से सहायता मांगी तो बजाय बच्चे की खोजबीन करने के पुलिस ने मदद से साफ इंकार कर दिया।

ह घटना सहारनपुर के बेहट क्षेत्र के गांव दयालपुर की है, जहां अपनी मां ललिता के साथ सो रहे 3 माह के अभिमन्यु को आदमखोर कुत्ते उठाकर ले गए। बच्चे की चीखने-चिल्लाने की आवाज सुन उसके पिता रजनीश और अन्य परिजनों ने कुत्तों का पीछा किया, लेकिन ये आदमखोर कुत्ते बच्चे को लेकर गन्ने के खेत में गये। कुत्तों के झुंड ने गन्ने के खेत में ले जाकर बच्चे के सिर और शरीर के अन्य हिस्सों को पूरी तरह खा लिया था। लगभग 4 घंटे की तलाशी लेने के बाद मां—बाप के हाथ अपने कलेजे के टुकड़े के शरीर के कुछ टुकड़े आये।

मासूम अभिमन्यु का क्षत—विक्षत शव गांव के ग्राम प्रधान के खेतों से बरामद किया गया, जिसके बाद लोगों में आवारा कुत्तों को लेकर भारी आक्रोश व्याप्त है।

पुलिस की संवेदनहीनता यहां भी जगजाहिर हो गयी। खूंखार कुत्तों का निवाला बने मासूम के परिजनों ने जब मदद के लिए पुलिस को फोन किया तो पुलिस ने यह कहते हुए मौके पर जाने से इनकार कर दिया कि वह कुत्तों के मामले में कुछ नहीं कर सकते।

गौरतलब है कि देशभर में आवारा कुत्तों द्वारा इंसानों को नुकसान पहुंचाने बल्कि नोचकर जान लेने की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं। अभिमन्यु को नोचकर खाने से सालभर पहले भी दयालपुर गांव के संजय कुमार की एक साल की बच्ची को कुत्तों ने दिनदहाड़े घर से उठाकर जंगल मे ले जा अपना निवाला बना लिया था। उस समय भी ग्रामीणों ने कुत्तों के आतंक से निजात दिलाने के लिए शासन—प्रशासन से मांग की थी, मगर किसी के कान में जूं नहीं रेंगी।

स मसले पर दयालपुर के ग्राम प्रधान दीपक सैनी कहते हैं कि वह कुत्तों के आतंक से ग्रामीणों को निजात दिलाने की अपनी मांग को लेकर वन विभाग से लेकर तहसील प्रशासन तक शिकायत दर्ज करवा चुके हैं, मगर कोई सुनने को तैयार नहीं है। जबकि आए दिन कुत्तों के हमले इंसानी आबादी पर बढ़ते जा रहे हैं। अगर शासन—प्रशासन ने इस तरफ ध्यान नहीं दिया तो आवारा आदमखोर के खिलाफ हम लोगों को खुद सफाया अभियान चलाना होगा।

त्तर प्रदेश के कई जिलों में आवारा कुत्तों का आतंक छाया हुआ है। मुरादाबाद में भी 25 जून की सुबह सिविल लाइन थाना क्षेत्र के कंपनी बाग पार्क के पास आवारा कुत्तों ने एक महिला समेत 5 लोगों पर हमला कर उन्हें बुरी तरह नोचा। आक्रोशित लोगों ने आरोप लगाया है कि आवारा कुत्तों की संख्या दिनोंदिन बढ़ती जा रही है, मगर नगर निगम इनकी जनसंख्या तक नियंत्रित करने में नाकारा साबित हो रहा है। पिछले दिनों बुलंदशहर में भी आवारा कुत्तों ने एक दिन में 4 दर्जन से ज्यादा लोगों को काट खाया था।

हीं बेंग्लुरू में भी कल 25 जून को एक 5 साल के बच्चे को आवारा कुत्तों द्वारा नोच—नोचकर खाने की खबर है। 5 साल के दुर्गेश को 5 आवारा कुत्तों ने उस समय अपना निशाना बनाया जब वह दुकान से एक बिस्किट का पैकिट लेकर लौट रहा था। उसकी मौत का कारण बहुत ज्यादा खून का बहना रहा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार पांचों कुत्ते उस पर बुरी तरह झपट गये थे, जिस कारण उसके शरीर से बहुत ज्यादा खून बह गया। परिजन जब उसे अस्पताल ले गये तो डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

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