ज्योतिरादित्य सिंधिया कर सकते हैं बड़ा ऐलान, मध्य प्रदेश में सियासी फेरबदल की आहट

Update: 2020-03-10 06:01 GMT

माना जा रहा है कि ज्योतिरादित्य सिंधिया नई पार्टी का ऐलान कर सकते है. इस बीच उनके बीजेपी में शामिल होने की अटकलें भी लगाई जा रही है...

जनज्वार। होली के दिन सियासी गलियारों में मध्यप्रदेश संकट की गूंज सुनाई दे रही है. कांग्रेस और बीजेपी में आज ज्योतिरादित्य सिंधिया के अगले कदम पर अटकलों का दौर जारी है. ऐसे में मंगलवार का दिन कमलनाथ सरकार के लिए अहम माना जा रहा है. प्रदेश की हालिया सियासी उठापठक के बीच कांग्रेस ने मंगलवार को आनन-फानन में विधायक दल की बैठक बुलाई है. वहीं बीजेपी ने भाजपा ने राज्यसभा की चुनावी रणनीति तय करने के लिए मंगलवार, होली के दिन विधायक दल की महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है. यह बैठक मंगलवार शाम छह बजे बुलाई गई है. पार्टी ने अपने सभी 107 विधायकों को इसमें शामिल होने को कहा है.

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इस बीच ख़बरें आ रही है कि ज्योतिरादित्य सिंधिया दिल्ली से मंगलवार को ग्वालियर जाकर माधवराव सिंधिया की 75वीं जयंती के कार्यक्रम में शामिल हो सकते हैं और कोई बड़ी घोषणा कर सकते हैं. ख़बरों के मुताबिक सिंधिया किसी नई पार्टी की घोषणा कर सकते हैं और भाजपा के साथ गठबंधन कर सकते हैं. माना जा रहा है कि सिंधिया को मनाने के लिए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष का पद दिया जा सकता है. इसके साथ ही उन्हें राज्यसभा में भी भेजने की बात की जा रही है.

उधर मध्य प्रदेश में सिंधिया खेमे के विधायकों की नाराजगी के बाद भाजपा की सरकार बनने की संभावना दिखने पर गृहमंत्री अमित शाह ने सोमवार की देर रात पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ अपने आवास पर बैठक की. रात साढ़े नौ बजे से शुरू हुई यह बैठक करीब 11 बजे तक जारी रही. इस बैठक में केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर भी शामिल रहे.भाजपा से जुड़े सूत्रों का कहना है कि पार्टी ज्योतिरादित्य सिंधिया को राज्यसभा भेजने के लिए तैयार है. केंद्र में उन्हें मंत्री भी बनाया जा सकता है.

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मंगलवार सुबह बीजेपी नेता नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि अगर सिंधिया बीजेपी में आना चाहते है तो उनका स्वागत है. उन्होंने कहा, ‘हम जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं को भी शामिल करते हैं, सिंधिया जी बहुत बड़े नेता हैं, उनका निश्चित रूप से स्वागत है’ इसके साथ ही ये ख़बरे भी चल पड़ी की कमलनाथ सरकार के गिरने की स्थिति में बनने वाली नई सरकार में सिंधिया खेमे को एक उपमुख्यमंत्री पद भी भाजपा दे सकती है.

बता दें कि ज्योतिरादित्य सिंधिया गुट के क़रीब 17 विधायकों के बेंगलुरु पहुंचने और उनके समर्थन में कम से कम 22 विधायकों के होने के दावे के चलते, ज्योतिरादित्य सिंधिया के अलग होने से कमलनाथ सरकार का गिरना तय है.

हालांकि सोमवार रात चले सियासी ड्रामे के बाद प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भी दावा किया है कि वे सरकार गिराने की कोशिशों को कामयाब नहीं होने देंगे. इसी कोशिशों के तहत उनके 20 मंत्रियों ने अपना इस्तीफ़ा उन्हें सौंप दिया है ताकि वे अपनी कैबिनेट में बदलाव करके ज्योतिरादित्य सिंधिया गुट को मनाने की कोशिश कर सकें.

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