Kanhaiya Kumar : 'कांग्रेस नहीं बची तो देश नहीं बचेगा' कन्हैया कुमार ने बताया कांग्रेस ज्वाइन करने का कारण
Kanhaiya Kumar join Congress : कांग्रेस का दामन थामने हुए वामपंथी नेता कन्हैया कुमार ने कहा, मैं कांग्रेस में इसलिए शामिल होना चाहता हूं कि मुझे लगता है कि कांग्रेस अगर नहीं बची तो देश नहीं बचेगा...
Kanhaiya Kumar join Congress, जनज्वार। वामपंथी नेता और पूर्व जेएनयू छात्र कन्हैया कुमार (kanhaiya Kumar) ने आज 28 सितंबर को शहीद-ए-आजम भगत सिंह के जन्मदिवस पर कांग्रेस का दामन थाम लिया। सबसे पहले जनज्वार ने पार्टी सूत्रों के हवाले से अपनी खबर से उनके कांग्रेस ज्वाइन करने की बात बहुत पहले कह दी थी।
कन्हैया कुमार के कांग्रेस ज्वाइन करने को लेकर न केवल पार्टी में दोफाड़ हो गये हैं, बल्कि वामपंथी नेता भी उन्हें तरह तरह से कोस रहे हैं। भाजपा भी कह रही है कि उनसे बड़ा अवसरवादी कोई न होगा। हालांकि कन्हैया कुमार ने गुजरात के दलित नेता जिग्नेश मेवाणी (Jignesh Mewani) के साथ आज भगत सिंह (Bhagat Singh) की पीली पगड़ी पहनकर राहुल गांधी (Rahul Gandhi) की मौजूदगी में जब कांग्रेस का दामन थामा तो बताया कि आखिर उन्होंने कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) को छोड़कर कांग्रेस क्यों ज्वाइन की।
कांग्रेस का हिस्सा बनने के बाद आयोजित प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए कन्हैया कुमार ने कहा, 'शहीदे आजम भगत सिंह को हम नमन करते हैं। मुझे लगता है कि बहुत कुछ कहने की जरूरत नहीं है। सूचना क्रांति के इस युग में सभी को पहले से ही बहुत कुछ मालूम होता है।'मैं कांग्रेस पार्टी इसलिए ज्वाइन कर रहा हूं कि मुझे यह महसूस होता है कि इस देश में कुछ लोग केवल लोग नहीं हैं, बल्कि वो एक सोच हैं। वो न केवल सत्ता पर काबिज हुए हैं बल्कि इस देश का वर्तमान और भविष्य खराब करने में लगे हैं। मैं कांग्रेस में इसलिए शामिल होना चाहता हूं कि मुझे लगता है कि कांग्रेस अगर नहीं बची तो देश नहीं बचेगा।'
उन्होंने आगे कहा, 'मैं कांग्रेस में शामिल हो रहा हूं क्योंकि यह सिर्फ एक पार्टी नहीं है, यह एक विचार है। यह देश की सबसे पुरानी और सबसे लोकतांत्रिक पार्टी है, और मैं 'लोकतांत्रिक' पर जोर दे रहा हूं... सिर्फ मैं ही नहीं कई लोग सोचते हैं कि देश कांग्रेस के बिना नहीं रह सकता। मेरा मानना है कि आज इस देश को भगत सिंह के साहस, अंबेडकर की समानता और गांधी की एकता की जरूरत है। मुझे लगता है कि यह देश 1947 से पहले की स्थिति में चला गया है। बस्ती में जब आग लग जाती है तो बेडरूम की चिंता नहीं करनी चाहिए। आज इस देश में सत्ता से सवाल करने की परंपरा को बचाने की जरूरत है।'
बकौल कन्हैया कुमार, 'कांग्रेस पार्टी वो पार्टी है जो महात्मा गांधी, अंबेडकर, भगत सिंह के सिद्धांतों को आगे लेकर चलेगी। भारतीय होने के इतिहास होने को केवल कांग्रेस पार्टी ही समेटे हुए है। विपक्ष कमजोर होता है तो सत्ता निरंकुश हो जाती है। जो पार्टी सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी है, अगर उसे नहीं बचाया गया, अगर बड़े जहाज को नहीं बचाया गया तो छोटी कश्तियां भी नहीं बचेंगी। देश में जो वैचारिक संघर्ष छिड़ा है उसे केवल कांग्रेस ही दिशा दे सकती है। जब आप जंग में होते हैं तो उपलब्ध चीजों से ही मुकाबला करने की कोशिश करते हैं।'
गौरतलब है कि जेएनयू के विवादित छात्रनेता रहे कन्हैया कुमार ने लोकसभा चुनाव 2019 से ठीक पहले भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) में ज्वाइन की थी और बिहार स्थित अपने गृहनगर बेगूसराय से भाजपा के कद्दावर नेता गिरिराज सिंह के खिलाफ चुनावी मैदान में ताल ठोकी थी। यह अलग बात है कि वह उस चुनाव में जीत दर्ज नहीं कर पाये थे।