Political News : 'जनज्वार' की खबर पर लगी मुहर, 28 सितंबर को कांग्रेस में शामिल होंगे कन्हैया और जिग्नेश

Political News : कन्हैया कुमार की कांग्रेस में शामिल होने की अटकलों की शुरुआत उनकी राहुल गांधी के संग मुलाकात के बाद हुई....

Update: 2021-09-27 12:20 GMT

(कन्हैया कुमार के कांग्रेस में शामिल होने का साइड इफेक्ट बिहार में दिखने लगा है)

Political News जनज्वार। भाकपा (CPI) नेता और जेएनयू (JNU) छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार (Kanhaiya Kumar) और गुजरात (Gujarat) के दलित नेता व  निर्दलीय विधायक जिग्नेश मेवाणी (Jignesh Mevani) इस सप्ताह कांग्रेस ( congress) में शामिल होने जा रहे हैं। मेवाणी ने एक समाचार एजेंसी (News Agency) को बताया कि वे 28 सितंबर, 2021 को सबसे पुरानी पार्टी में शामिल होंगे। कुमार 2019 के लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Election 2019) से पहले भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) में शामिल हो गए थे और बिहार के बेगूसराय (Begusarai) से गिरिराज सिंह (Giriraj Singh) के खिलाफ चुनाव लड़ने में असफल रहे थे।

मेवानी ने किया ऐलान, मैं और कन्हैया कुमार होंगे कांग्रेस में शामिल

गुजरात के निर्दलीय विधायक जिग्नेश मेवानी ने शनिवार को ऐलान किया कि 28 सितंबर को जेएनयू (JNU) के पूर्व छात्र नेता कन्हैया कुमार के साथ कांग्रेस (Congress) में शामिल होंगे। युवा नेता कन्हैया कुमार और जिग्नेश मेवानी ने कांग्रेस में शामिल होने के लिए 28 सितंबर की तारीख तय की है। क्योंकि इस दिन भगत सिंह की जयंती है। 

कन्हैया कुमार पहले बीजेपी के साथ कांग्रेस पर भी साधा करते थे निशाना

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्र संघ (JNUSU) के पूर्व अध्यक्ष और सीपीआई नेता कन्हैया कुमार (Kanhaiya Kumar) अपने दमदार भाषणों के लिए जाने जाते हैं। बता दें कि 2015 में जेएनयू छात्र संघ चुनावों में एक बहस के दौरान कन्हैया ने बीजेपी और कांग्रेस को एक ही विचारधारा से नापा था। सीपीआई छात्र विंग एआईएसएफ (AISF) के उम्मीदवार कन्हैया ने मशहूर शेर बर्बाद गुलिस्तां करने को....में थोड़ा बदलाव करते हुए कहा था, कि बर्बाद हिंदुस्तान करने को एक ही कांग्रेस काफी थी। हर राज्य में बीजेपी बैठा है। बर्बाद- ए- गुलिस्ता क्या होगा। जिस कांग्रेस पर कन्हैया कुमार निशाना साधा करते थे और कांग्रेस को भारत की बर्बादी की वजह बताया करते थे। आज वो कन्हैया खुद उस पार्टी में शामिल होने जा रहे हैं। जेएनयू से निकलने के बाद कन्हैया कुमार ने सीपीआई ज्वाइन की थी और 2019 के लोकसभा चुनाव में गिरिराज सिंह के खिलाफ बेगूसराय में चुनाव लड़ा था लेकिन वह चुनाव जीत ना पाए।

राहुल से मुलाकात के बाद कन्हैया के कांग्रेस में शामिल होने की खबरें

जनसत्ता में छपी रिपोर्ट के अनुसार कन्हैया कुमार की कांग्रेस में शामिल होने की अटकलों की शुरुआत उनकी राहुल गांधी (Rahul Gandhi) के संग मुलाकात के बाद हुई। रिपोर्ट में बताया गया कि इस मुलाकात की पटकथा चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर (Prashant Kishore) ने  लिखी थी। जो इन दिनों पर्दे के पीछे से कांग्रेस के लिए काम कर रहे हैं और आने वाले समय में पार्टी में शामिल होने की संभावनाएं हैं। बताया जा रहा है कि दोनों नेताओं कन्हैया कुमार और जिग्नेश मेवानी को दिल्ली में राहुल गांधी और हार्दिक पटेल की मौजूदगी में कांग्रेस की सदस्यता दी जा सकती है।

कांग्रेस युवा नेताओं को कर रही है शामिल

गौरतलब है, कि पिछले दिनों कांग्रेस में हुए उलटफेर के बाद कई युवा नेताओं ने पार्टी का साथ छोड़ दिया। जिसमें ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia), सुष्मिता देव (Sushmita Dev), जितिन प्रसाद (Jitin Prasad), प्रियंका चतुर्वेदी (Priyanka Chaturvedi) और ललितेशपति त्रिपाठी  (Lalitsheshpati Tripathi) जैसे नाम शामिल है। पार्टी अब नए युवा नेता के चेहरे के तौर पर कन्हैया और जिग्नेश को सामने खड़ा करेगी। अनुमान लगाया जा रहा है, कि उत्तर प्रदेश का चुनावी मैदान वह पहला पड़ाव होगा जहां दोनों युवा नेता पार्टी के लिए प्रचार करते हुए नजर आएंगे।

राहुल ने कहा जो पार्टी में डर रहे वो RSS के नेता

कांग्रेस युवा चेहरों को अपने साथ जोड़ने की कोशिश में जुटी हुई है। कुछ समय पहले राहुल गांधी ने भी नेताओं को पार्टी में शामिल करने के लिए कहा था। एक वर्चुअल मीटिंग को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि, पार्टी में ऐसे नेताओं की जरूरत है जो कि निडर हो। ऐसे नेता जो बाहर हैं। उन्हें कांग्रेस में लेकर आएं और जो पार्टी में डर रहे हैं, वह आर एस एस के हैं। उन्हें पार्टी से बाहर करो। जिसके बाद यह अनुमान लगाया जाने लगा कि कांग्रेस में कई ऐसे युवा नेता शामिल हो सकते हैं, जो कि समय-समय पर बीजेपी और केंद्र सरकार पर निशाना साधते रहते हैं।

ओबीसी और दलित वर्ग को करेंगे लक्षित

कांग्रेस की रणनीतियों से यह साफ है कि गुजरात में जिग्नेश मेवानी (Jignesh Mevani) के जरिए कांग्रेस जातिगत समीकरणों को निशाना बनाना चाहती हैं। कांग्रेस की रणनीति ओबीसी (OBC) और दलित को अपनी ओर लाने की है। राज्य में हार्दिक पटेल काफी हद तक पिछड़ी जातियों के नेता के रूप में उभर कर आए हैं। बीते कुछ सालों में गुजरात में जिग्नेश मेवानी दलितों के सहयोगी के रूप में नया चेहरा बनकर उभरे हैं। सभी पार्टियां आगामी चुनावों के लिए ओबीसी और दलित वोट बैंक पर अपना ध्यान केंद्रित कर रही है।

कन्हैया को दी जा सकती है बिहार में बड़ी जिम्मेदारी

कहा जा रहा है कि कन्हैया को बिहार में मिलेगी बड़ी जिम्मेदारी, कन्हैया कुमार को बिहार कांग्रेस (Bihar Congress) में कोई बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है। प्रभारी भक्त चरण दास कई बार बिहार में पार्टी पुनर्गठन को लेकर प्रस्ताव दे चुके हैं। 'इंडियन एक्सप्रेस' में छपी रिपोर्ट के मुताबिक बताया गया कि कन्हैया के शामिल होने के मद्देनजर पार्टी ने नए प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति में देरी है, जिस पद का भार शायद कन्हैया कुमार संभाल सकते हैं। 2024 के लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Election 2024) से पहले कन्हैया कुमार को बिहार में कोई बड़ी जिम्मेदारी दी जाने की संभावना है। बिहार की राजनीति में कांग्रेस पिछले तीन दशक से है। लेकिन कोई बड़ा काम करने में कामयाब नहीं रही है। कांग्रेस ने पिछले चुनाव में पार्टी राजद के साथ चुनाव लड़ा था। जहां उन्हें केवल 70 में से 19 सीटों पर जीत मिली थी।

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हार्दिक पटेल ने युवा नेता का किया स्वागत

हार्दिक पटेल (Hardik Patel) ने अपने एक बयान में कहा, 'हम उन सभी क्रांतिकारी युवाओं का स्वागत करते हैं, जो देश के विकास और कांग्रेस पार्टी को मजबूत करने के लिए काम करने को इच्छुक हैं तथा महात्मा गांधी सरदार पटेल और जवाहरलाल नेहरू को अपना आदर्श मानते हैं।' हार्दिक ने मेवानी को अपना पुराना मित्र बताते हुए कहा कि, 'उनके कांग्रेस में शामिल होने से पार्टी राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत होगी।'

वहीं गुजरात कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता मनीष जोशी ने कहा, 'भारतीय जनता पार्टी की भ्रष्ट नीतियों के खिलाफ लड़ने वाले हर व्यक्ति का कांग्रेस स्वागत करती है।'

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