जरूरतमंदों के मसीहा के तौर पर उभरे सोनू सूद की एक और अच्छी पहल, गरीबों के लिए शुरू किया 'इलाज इंडिया' अभियान

सोनू सूद ने एक और अच्छी पहल की शुरुआत की है, अब उन्होंने जरूरतमंद मरीजों को अच्छी स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के लिए एक अभियान शुरू किया है, उन्होंने। इस अभियान का नाम 'इलाज इंडिया' रखा है..

Update: 2021-02-20 03:30 GMT

जनज्वार। कोरोना काल के लॉकडाउन के दौरान जरूरतमंद लोगों के लिए मसीहा के रूप में सामने आए बॉलीवुड स्टार सोनू सूद लगातार लोगों की मदद कर रहे हैं। सोनू सूद ने एक और अच्छी पहल की शुरुआत की है। अब उन्होंने जरूरतमंद मरीजों को अच्छी स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के लिए एक अभियान शुरू किया है। सोनू सूद ने इस अभियान का नाम 'इलाज इंडिया' रखा है। 

सोनू सूद द्वारा संचालित चैरिटी फाउंडेशन ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर एक पोस्टर शेयर किया है। इस पोस्टर में लिखा गया है "सोनू सूद 'इलाज इंडिया' स्वस्थ भारत /समर्थ भारत।"

इस पोस्ट को शेयर करते हुए इसके कैप्शन में इस अभियान के बारे में थोड़ा विस्तार से लिखा गया है। इसके कैप्शन में लिखा गया है, 'हमारे इस मानवीय मिशन की नींव पड़ गई है, अब स्वास्थ्य देखभाल हमारी प्राथमिकता है, स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं को ध्यान में रखकर इसे शुरू किया गया है, इसी के साथ, हमने ILAAJ INDIA एक विविध चिकित्सा सहायता मंच की शुरुआत की, जो सभी के लिए गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा सुलभ करने के लिए है।'

इस अभियान को लॉन्च करने के एक दिन बाद इंस्टाग्राम पेज पर इलाज इंडिया से संबंधित एक और पोस्ट शेयर किया गया है। इस पोस्ट में 23 वर्षीय कराटे विजेता अमृतपाल कौर को उनकी मां को एक साथ दिखाया गया है।

तस्वीर शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा गया है, 'इलाज इंडिया के तहत, हमने कई सफल सर्जरी कीं और हमारे देश के सबसे प्रतिभाशाली खिलाड़ी अमृतपाल कौर के घुटने को भी बचाया गया है। उनकी सर्जरी सफल रही और उन्होंने अंतरराष्ट्रीय कराटे चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक लाने के लिए वादा किया है।'

बता दें कि इससे पहले पिछले वर्ष सितंबर 2020 में 'इलाज इंडिया' को बच्चों की चिकित्सा, देखभाल और उपचार के लिए समर्थन प्रदान करने के उद्देश्य से शुरू किया गया था। हालांकि, अब यह सभी के लिए उपलब्ध है।

एक बयान में अभिनेता सोनू सूद ने कहा था, 'जिन रोगियों को किसी भी चिकित्सा उपचार के दौरान प्रत्यारोपण या महत्वपूर्ण सर्जरी से गुजरना पड़ता है, वे एक मिस्ड कॉल दे सकते है और उनकी टीम अगले चरणों इलाज के लिए रोगियों तक पहुंच जाएगी।'

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