Boycott Himalaya Controversy : ट्विटर पर क्यों ट्रेंड हुआ #BoycottHimalaya, हलाल सर्टिफिकेशन को लेकर कंपनी ने क्या कहा ?

Boycott Himalaya Controversy : हलाल सर्टिफिकेशन को लेकर सोशल मीडिया पर हिमालया ग्रुप के प्रोडक्ट्स का बहिष्कार करने की मांग की जा रही है, वहीं कंपनी इसको लेकर स्पष्टीकरण जारी किया है...

Update: 2022-04-02 07:39 GMT

ट्विटर पर क्यों ट्रेंड हुआ #BoycottHimalaya, हलाल सर्टिफिकेशन को लेकर कंपनी ने क्या कहा ?

Boycott Himalaya Controversy : सोशल मीडिया (Social Media) पर एक तस्वीर तेजी से वायरल हो रही है जिसमें दावा किया जा रहा है कि फार्मास्यूटिकल कंपनी हिमालया (Himalaya) हलाल सर्टिफाइड प्रोडक्ट्स (Halal Certified Products) का इस्तेमाल कर रही है। फोटो में दावा किया गया है कि कंपनी हर्बल, केमिकल, फूड कलर प्रोड्क्टस की हलालनेस बनाए रखती है ताकि मुसलमानों के हलाल प्रोडक्ट्स का उपभोग करने का दायित्व पूरा किया जा सके। यह तस्वीर आगे दावा करती है कि कंपनी के उत्पाद इस्लामी कानून/शरिया का अनुपालन करते हैं और इस्लामी कानून के तहत किसी निषिद्ध सामग्री से मुक्त हैं।

जैसे ही यह पोस्टर ट्विटर पर वायरल हुआ, लोगों ने कंपनी के खिलाफ यह कहते हुए प्रदर्शन करना शुरू कर दिया कि जब तक कंपनी इस मामले में स्पष्टीकरण जारी नहीं करती तब तक वे हिमालया के प्रोडक्ट्स का बहिष्कार करेंगे। ट्विटर पर हिमालया इंडिया को टैग करते यूजर्स में से एक ने कंपनी से कहा कि इससे पहले की बहुत देर हो जाए और लोग वैकल्पिक उत्पादों का उपयोग करना शुरू कर दें, इस मुद्दे को स्पष्ट करें। 

फिल्म अभिनेता परेश रावल ने भी इस हैशटैग का इस्तेमाल कर बहिष्कार का समर्थन किया है। 

पत्रकार मो. जुबैर ने अपने ट्वीट में लिखा- कई दक्षिणपंथी नेता और दक्षिणपंथी ट्रोल हिमालया के हलाल सर्टिफिकेट को साझा करके बॉयकॉट हिमालया ट्रेंड कर रहे हैं, सिर्फ इसलिए किए हिमालया का मालिक एक मुसलमान है। वैसे हिमालया की लीडरशिप टीमे में 10 में से नौ हिंदू हैं। 

एक यूजर ने लिखा- तनिष्क, मानन्यवर, फैब इंडिया, हुंडई और किआ के बाद अब हिमालया के बहिष्कार करने का समय आ गया है। आइए उन्हें उनकी जगह दिखाते हैं। हलाल उत्पादों का बहिष्कार करें।

सोफिया बसु नाम के यूजर ने लिखा- मैंने आठ साल पहले हिमालया के उत्पाद खरीदना बंद कर दिया था तब मुझे इसके मालिक का नाम पता था। मेरा पैसा, मेरे लोग।

वहीं कंपनी की ओर स्पष्टीकरण जारी किया गया है। कंपनी एक बयान में कहा, 'हिमालया वेलनेस कंपनी अपने प्रोडक्ट्स को सौ से ज्यादा देशों में एक्सपोर्ट कर रही है। इम्पोर्ट करने वाले देशों में उत्पादों की स्वीकार्यता के लिए कंपनी और उसके प्रोडक्ट्स को इम्पोर्ट करने वाले देशों के कानूनों और नियमों का पालन करना होता है। कुछ देशों में हलाल सर्टिफिकेशन अनिवार्य है इसलिए हलाल सर्टिफिकेशन केवल ऐसे देशों के लिए संबंधित नियमों के अनुसार प्रदान किया जाता है।'

'हम यह स्पष्ट करना चाहते हैं कि हिमालया के किसी भी प्रोडक्टर्स में मांस नहीं है, जैसा कि कुछ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स में आरोप लगाए गए हैं, यह तथ्यात्मक रूप से गलत है। हलाल सर्टिफिकेशन का अर्थ यह नहीं है कि किसी प्रोडक्ट में पशु के इंग्रिडिएंट्स शामिल हैं। यह वेजिटेरियन प्रोडक्ट्स को इम्पोर्ट करने वाले देशों के नियमों के अनुसार लागू होता है। सभी कंपनियां जो इन देशों को एक्सपोर्ट करना चाहती हैं, उन्हें यह सर्टिफिकेशन आवश्यक है।'

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