Child Abuse : दुनियाभर के विभिन्न धार्मिक स्थलों में 15 लाख बच्चों का यौन शोषण, विकसित देश भी अछूते नहीं
Child Abuse : इटली में 1952 से 2022 के बीच बच्चों के साथ यौन शोषण के दस लाख मामले सामने आए, वहीं फ्रांस में 1950 से 2020 तक 2.16 लाख मामले सामने आए.....
Child Abuse : दुनियाभर के विभिन्न धार्मिक स्थलों में 15 लाख बच्चों का यौन शोषण, विकसित देश भी अछूते नहीं
Child Abuse : धार्मिक स्थलों पर बच्चों का यौन उत्पीड़न (Sexual Abuse Of Childrens) सदियों से दुनियाभर में होते रहे हैं। इस मामले में विकसित देश भी पीछे नहीं है। समाचार समूह दैनिक भास्कर ने विभिन्न अंतर्राष्ट्रीय एंजेसियों की रिपोर्ट्स के हवाले से बताया कि 250 साल में करीब 15 लाख बच्चे धार्मिक स्थलों में यौन शोषण के शिकार हुए हैं। कनाडा के आवासीय स्कूलों में यौन शोषण के शिकार बच्चों को लेकर पॉप फ्रांसिस ने माफी मांगी है।
अमेरिका मना रहा राष्ट्रीय बाल शोषण निवारण माह
वहीं अमेरिका (USA) प्रत्येक वर्ष की तरह इस साल भी अप्रैल माह को राष्ट्रीय बाल शोषण निवारण माह (National Child Abuse Prevention Month) के रूप में मना रहा है। व्हाइट हाउस (White House) ने इसको लेकर गुरुवार 31 मार्च को बयान भी जारी किया और कहा कि हर बच्चा एक सुरक्षित और प्यार भरे घर में रहने का हकदार है, हालांकि देशभर में सैकड़ों हजारों बच्चों के साथ दुर्व्यवहार और उनकी उपेक्षा एक दुखद वास्तविकता है। राष्ट्रीय बाल शोषण रोकथाम माह के दौरान हमारा देश बाल शोषण के सभी रूपों की निंदा करने और उनका मुकाबला करने के लिए खड़ा है जिसमें शारीरिक, भावनात्मक और ऑनलाइन यौन शोषण भी शामिल हैं।
राष्ट्रपति जोजेफ बाइडेन ने बयान में कहा कि हम उन जोखिम कारकों के बारे में जागरूकता बढ़ाते हैं जो बाल शोषण और उनकी उपेक्षा का कारण बन सकते हैं। हम बाल दुर्व्यवहार को रोकने के लिए परिवारों का समर्थन करने के महत्व पर प्रकाश डालते हैं। एक राष्ट्र के रूप में हमें बाल शोषण को रोकने और उसे एड्रेस करने के लिए मिलकर काम करना चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि हर बच्चा एक सुरक्षित वातावरण में बड़ा हो सकते और एक खुशहाल, समृद्ध जीवन जी सके।
'धर्म, जाति और संस्कृति की सीमा को पार कर जाता है बाल शोषण'
बयान में उन्होंने यह भी कहा कि बाल शोषण सभी सामाजिक, आर्थिक और शैक्षिक स्तरों, धर्म, जाति और संस्कृति की पृष्ठभूमि को पार कर जाता है। हम जानते हैं कि दुर्व्यवहार और उपेक्षा बच्चे के जीवन के हर पहलू और चरण को नकारात्मक रूप से प्रभावित करते हैं। बाल शोषण छात्रों की स्कूल में सफल होने की क्षमता को प्रभावित करता है और अक्सर अपने प्रियजनों और साथियों के साथ स्वस्थ संबंध बनाने की उनकी क्षमता में बाधा डालता है। इस चक्र को तोड़ने और बाल शोषण व उनकी उपेक्षा की त्रासदी को खत्म खत्म करने के लिए जरूरी है कि हम अपने समुदायों, परिवारों और व्यक्तियों का समर्थन और उत्थान करें ताकि हमारे बच्चों को सुरक्षित, प्रेमपूर्ण और स्वस्थ वातावरण में पाला जा सके।
अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडेन ने कहा कि बाल शोषण को रोकने में मदद करने के लिए उनका प्रशासन उन सभी परिवारों को उच्च गुणवत्ता और समान सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है जिन्हें इसकी आवश्यकता है। अमेरिकी रेस्क्यू प्लान ने लाखों कामकाजी परिवारों को नकद सहायता प्रदान की और चाइल्ड टैक्स क्रेडिट का विस्तार किया जिसने लाखों बच्चों और परिवारों को गरीबी से बाहर निकाला। उन्होंने यह भी कहा कि एक बच्चे के साथ दुर्व्यवहार से बड़ा शक्ति का कोई दुरुपयोग नहीं है। मेरा प्रशासन ट्रांसजेंडर बच्चों और उनके परिवारों को भी सुरक्षित रखने के लिए कार्रवाई करना जारी रखेगा। इसीलिए स्वास्थ्य और मानव सेवा विभाग ने हाल ही में राज्य बाल कल्याण एजेंसियों के लिए नयी गाइडलाइन जारी कि है ताकि वे एलजीबीटीक्यूआई+ बच्चों का समर्थन और उनकी पुष्टि कर सके।
आइए जानते हैं कि बच्चों से दुनिया में बच्चों के साथ कैसे दुराचार हो रहा है-
भारत-पाकिस्तान के बारे में उपलब्ध नहीं आंकड़े
थाइलैंड, कंबोडिया, म्यांमार और भूटान से बौद्ध भिक्षुओं पर यौन के उत्पीड़न के आरोप लगे हैं। 2013 की रिपोर्ट के मुताबिक भूटान में युवाओं का यौन शोषण हुआ।
पाकिस्तान में धर्मस्थल ऐसे मामलों को छिपाने की कोशिश करते हैं। भारत में भी आंकड़े उपलब्ध नहीं हैं।
कनाडा में 1840 से 1996 के बीच कैथोलिक चर्च सरकार के साथ सैकड़ों आवासीय स्कूल चलाते थे। इनमें 15 लाख बच्चे थे। इन स्कूलों में 4000 बच्चों की कब्रें मिली हैं।
चर्च में सबसे ज्यादा बच्चों का यौन शोषण
इटली में 1952 से 2022 के बीच बच्चों के साथ यौन शोषण के दस लाख मामले सामने आए। इसमें कितने दोषी पाए गए इसका आंकड़ा नहीं है। वहीं फ्रांस में 1950 से 2020 तक 2.16 लाख मामले सामने आए, इसमें में दोषी कितने साबित हुए इसका आंकड़ा नहीं है। ऑस्ट्रेलिया में 1950 से 2010 तक 4444 मामले बच्चों के साथ यौन शोषण के सामने आए इसमें 7 प्रतिशत पादरी दोषी ठहराए गए।
जर्मनी में 1946 से 2014 तक 3677 मामले सामने आए इनमें से 1670 पादरी दोषी ठहराए गए। न्यूजीलैंड में 1950 से 2021 तक 2.5 लाख बच्चों के साथ यौन शोषण के मामले आए इनमें 14 प्रतिशत पादरी दोषी ठहराए गए।
अमेरिका में 1940 से 2021 तक बच्चों के साथ यौन शोषण के 1000 मामले सामने आए जिनमें 301 पादरी दोषी ठहराए गए।