गुजरात की लेडी कांस्टेबल सुनीता यादव मंत्री पुत्र से माफी न मांग बन गईं यूथ आइकोन, जांच के आदेश

मंत्री व उनके बेटे के दबाव में आए बिना सुनीता यादव ने नियम संगत ढंग से कार्रवाई की जिसके बाद पूरे देश में उनकी चर्चा हो रही है...

Update: 2020-07-13 03:42 GMT

जनज्वार। गुजरात पुलिस की एक लेडी कांस्टेबल सुनीता यादव नौकरी से इस्तीफा देकर युवाओं के लिए रोल माॅडल बन गई हैं। रविवार से ही वे ट्विटर पर टाॅप ट्रेंड कर रही हैं। सुनीता यादव की गुजरात सरकार के एक मंत्री के बेटे से इस वजह से बहस हो गई क्योंकि मंत्री पुत्र ने बिना मास्क के घूम रहे अपने साथियों का बचाव किया और धमकी दी। जिसके बाद उन्हें माफी मांगने को कहा गया। सुनीता यादव ने माफी मांगने के बजाय नौकरी छोड़ देना उचित समझा।

हालांकि इस बात की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है कि उनका इस्तीफा हुआ है। इस मामले के मीडिया में गरम होने पर पुलिस कमिश्नर ने जांच के भी आदेश दे दिए हैं।

सुनीता यादव के इस कदम की हर तबके के लोग खूब तारीफ कर रहे हैं। सुनीता यादव का मंत्री से मोबाइल पर बात करते हुए एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसे लोग खूब शेयर कर रहे हैं। सुनीता यादव के इस कदम पर इंडियन पुलिस फाउंडेशन ने भी ट्वीट किया है और उनके फैसले की तारीफ की है। 

इंडियन पुलिस फाउंडेशन ने सुनीता यादव का वीडियो ट्विटर पर शेयर करते हुए लिखा है कि हर पुलिस अधिकारी भारत के संविधान के प्रति निष्ठा की शपथ लेता है, बिना किसी भय या पक्षपात के कानून को सख्ती से लागू करने की शपथ लेता है। जब एक महिला पुलिसकर्मी अपने कर्तव्य का निर्वहन गरिमा के साथ करती है तो उसके समर्थन में खड़ा होना चाहिए। 



क्या है मामला?

सूरत के वराछा में शुक्रवार (10 जुलाई) की रात करीब 10 बजे गुजरात के स्वास्थ्य राज्य मंत्री कुमार कानाणी के बेटे और प्रकाश और ड्यूटी पर तैनात सुनीता यादव में बहस हो गई। सुनीता यादव ने कार में सवार पांच लड़कों को बिना मास्क के घूमने व कर्फ्यू उल्लंघन के मामले में रोका, जिसके बाद लड़कों ने फोन कर मंत्री के बेटे प्रकाश को फोन कर बुला लिया। कांस्टेबल सुनीता यादव को मंत्री पुत्र ने प्रकाश ने पाॅवर की धौंस दिखाते हुए धमकी दी कि 365 दिन यहीं खड़े रहने की ड्यूटी वह लगवा देगा। इस पर सुनीता ने भड़कते हुए कहा कि पुलिस की यह वर्दी तुम्हारे बाप की गुलामी के लिए नहीं पहनी है। औकात है तो करवा देना मेरा ट्रांसफर गांधीनगर।

सुनीता ने कार की नंबर प्लेट उतरवा ली और वहीं से मंत्री को फोन लगवाकर बहस हुई। दोनों की बहस का वीडिया सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। हालांकि बाद में मंत्री पुत्र प्रकाश को बैकफुट पर आना पड़ा।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, सुनीता यादव ने मंत्री या उनके बेटे से माफी मांगने से इनकार कर दिया और वराछा थने के पुलिस इंसपेक्टर और एसीपी से फोन पर बात करके अपने इस्तीफे की पेशकश कर घर लौट गईं। हालांकि उनके इस्तीफे की पुष्टि आधिकारिक रूप से अभी तक नहीं हुई है। उधर, पुलिस कमिश्नर आरबी ब्रह्मभट्ट ने एसीपी सीके पटेल को मामले की जांच का आदेश दिया है। सुनीता तीन साल पहले गुजरात पुलिस में भर्ती हुई थीं।



 



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