Kiran Mazumdar Shaw की चेतावनी, 'बढ़ रहा धार्मिक विभाजन, IT और बायोटेक में देश का वैश्विक नेतृत्व दांव पर'
Kiran Mazumdar Shaw : किरण मजूमदार शॉ ने राज्य में लगातार बढ़ते धार्मिक विभाजन पर चिंता जाहिर की है और मुख्यमंत्री बोम्मई से इस समस्या को हल करने का आग्रह किया है....
Kiran Mazumdar Shaw : 'राज्य में बढ़ रहा धार्मिक विभाजन, IT और बायोटेक में देश का वैश्विक नेतृत्व दांव पर'
Kiran Mazumdar Shaw : कर्नाटक में मंदिर फेस्टिवल से मुस्लिम व्यापारियों को बाहर रखने के कट्टरपंथी हिंदुत्ववादी समूहों के प्रयासों को लेकर बायोकॉन लिमिटेड की कार्यकारी अध्यक्ष किरण मजूमदार शॉ (Kiran Mazumdar Shaw) ने चिंता जाहिर की है और राज्य के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई (Basavaraj Bommai) से इस समस्या को हल करने का आग्रह किया है। किरण मजूमदार शॉ ने कहा कि कर्नाटक ने हमेशा समावेशी आर्थिक विकास किया है और हमें इस तरह के सांप्रदायिक बहिष्कार की अनुमति नहीं देनी चाहिए। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि राज्य में धार्मिक विभाजन बढ़ रहा है और तकनीकी और बायोटेक में देश का वैश्विक नेतृत्व दांव पर है।
किरण मजूमदार शॉ ने एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री बसवराज को भी टैग किया है और उनसे आग्रह किया है कि इस बढ़ते सांप्रदायिक विभाजन का कुछ हल निकालें। एक अन्य ट्वीट में मजूमदार ने कहा कि हमारे मुख्यमंत्री बहुत प्रगतिशील नेता हैं। मुझे पूरा यकीन है कि वह इस मुद्दे को जल्दी हल करेंगे।
बता दें कि इससे पहले ऐसी रिपोर्ट्स सामने आयीं थीं कि मंदिर के बाहर कई मुस्लिम विक्रेताओं का बहिष्कार करने का अभियान कस्बों-शहरों में फैल रहा है जिसके चलते कई स्थानीय व्यवसाय बंद हो गए हैं। त्योंहारों का आयोजन करने वाली कई मंदिर समितियों ने प्रतिबंधों पर निराशा व्यक्त की है और कहा है कि ये प्रतिबंध लंबे समय से चले आ रहे सामाजिक संबंधों पर हमला करते हैं। यह प्रतिबंध राज्य के सरकारी कॉलेजों में हिजाब पर प्रतिबंध के बाद आया है जिसे कर्नाटक हाईकोर्ट ने बरकरार रखा है।
मैंगलुरु के नजदीक बप्पानाडू की दरगाह को सांप्रदायिक सद्भाव की पहचान माना जाता रहा है। दुर्गापरमेश्वरी मंदिर के बारे में कहा जाता है कि उसे एक मुस्मिम व्यापारी के सहयोग से ही बनवाया गया था। इस मंदिर समिति के प्रमुख ने कहा है कि उन्होंने विश्व हिंदू परिषद द्वारा मुस्लिम दुकानदारों को दुकान न लगाने देने की मांग ठुकरा दी है।