अब टिहरी में 12 साल का बच्चा बना गुलदार का निवाला, खेलकर घर लौटते समय किया आदमखोर ने हमला, रात ढाई बजे मिली लाश

पुलिस ने बच्चे के अपहरण की आशंका में रास्तों पर आने जाने वाहनों की चेकिंग शुरू कर दी तो वनकर्मियों की एक टुकड़ी बच्चे की तलाश में जंगल में अभियान चलाने लगी। रात करीब ढाई बच्चे की क्षत विक्षत लाश को जंगल से बरामद किया गया...;

Update: 2022-11-28 07:12 GMT
अब टिहरी में 12 साल का बच्चा बना गुलदार का निवाला, खेलकर घर लौटते समय किया आदमखोर ने हमला, रात ढाई बजे मिली लाश

अब टिहरी में 12 साल का बच्चा बना गुलदार का निवाला, खेलकर घर लौटते समय किया आदमखोर ने हमला, रात ढाई बजे मिली लाश

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Dehradun news : उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में गुलदारों की बढ़ती हुई संख्या यहां के बचपन पर भारी पड़ रही है। बीती शाम एक और मासूम को आदमखोर गुलदार का शिकार होकर अपनी जान गंवानी पड़ी। टिहरी गढ़वाल जिले की घनसाली विधानसभा के बालगंगा रेंज से सटे इलाके में 12 साल का यह बच्चा भी देर शाम गांव के बच्चों के साथ खेलकर हंसी खुशी अपने घर लौट रहा था। लेकिन बीच रास्ते में ही इसे गुलदार के हमले का सामना करना पड़ा।

जिला टिहरी के घनसाली ब्लॉक स्थित अलदी गांव में रहने वाले रणवीर चंद रमोला का बारह वर्षीय बेटा अर्णव चंद रोजाना की तरह रविवार 27 नवंबर की दोपहर बाद बच्चों के साथ खेलने के लिए करीब आधा किमी. दूरी पर स्थित गांव मयकोट में खेलने गया हुआ था। खेलने के बाद अरनव शाम करीब पांच बजे अपने घर लौट रहा था। इसी बीच रास्ते में ही झाड़ियों के झुरमुट में पहले से ही घात लगाए बैठे एक आदमखोर गुलदार ने बच्चे पर हमला कर दिया। गुलदार बच्चों को घसीटता हुआ घने जंगल में ले जाकर गुम हो गया।

दूसरी तरफ जब अर्णव देर शाम तक अपने घर नहीं पहुंचा तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। गांव से बच्चे के लापता होने की सूचना गांव में आग की तरह फैल गई। तुरंत इसकी सूचना आगे थाना घनसाली पुलिस को दी गई। पुलिस ने इस बाबत वन विभाग को सूचित किया। खबर मिलते ही पुलिस और वन विभाग बच्चे की तलाश में सक्रिय हो गया। पुलिस ने बच्चे के अपहरण की आशंका में रास्तों पर आने जाने वाहनों की चेकिंग शुरू कर दी तो वनकर्मियों की एक टुकड़ी बच्चे की तलाश में जंगल में अभियान चलाने लगी। रात करीब ढाई बच्चे की क्षत विक्षत लाश को जंगल से बरामद किया गया।

बालगंगा रेंज के वनाधिकारी प्रदीप चौहान ने बताया कि थाना घनसाली पुलिस से ग्राम सभा मयकोट से पांच बजे से अरनव चंद के लापता होने की सूचना मिली थी। जिस पर वन विभाग बालगंगा रेंज, राजस्व विभाग, थाना घनसाली एवं ग्रामीणों के सहयोग से संयुक्त अभियान चलाकर रात्रि 2:30 रात्रि करीब अरनव चंद को गांव से 500 मीटर की दूरी पर झाड़ियों में आदमखोर गुलदार के हमले का शिकार होने के बाद मृत पाया गया। जिसके बाद अर्णव के शव को पोस्टमार्टम के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पिलखी ले जाया जा रहा है।

अर्णव चंद 2 भाई एवं एक बहन के साथ सबसे छोटा भाई था। जबकि राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय केमरिया सौड में कक्षा 6 का छात्र था। बच्चे की मौत के बाद ग्रामीणों का गुस्सा वन्य जीवों के प्रति भड़क रहा है। ग्रामीणों ने आदमखोर गुलदार को तत्काल मौत के घाट उतारने और पीड़ित परिवार को मुआवजा दिए जाने की मांग की है।

जबकि इस मामले में बालगंगा रेंज के वनाधिकारी प्रदीप चौहान का कहना है कि गुलदार को पकड़ने के लिए क्यूआर टी की टीम पिंजरे सहित मौके पर बुला ली गई है। साथ ही शूटर गंभीर सिंह भंडारी से बातचीत हो गई है। उच्चाधिकारियों का आदेश मिलते ही आदमखोर गुलदार को मारने की तैयारी लगभग तय हो चुकी है।

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