MP का लड़का UP की लड़की प्यार हुआ कर ली शादी, अब बीवी-बच्चे के लिए लड़का मांग रहा न्याय

शादी के 4 दिन बाद ही यानी 17 अप्रैल की रात 11 बजे लड़की के घरवाले पुलिस के साथ मनीष के घर से प्रभा को ये कहकर ले जाते हैं कि धारा 164 के तहत लड़की के बयान होने हैं। क्योंकि प्रभा के परिजन ने मनीष के विरूद्ध थाने में एफआईआर दर्ज करवाई है...

Update: 2021-06-02 12:41 GMT

मनीष और प्रभा की प्रेमकहानी में परिजनो का ट्वीस्ट आ गया है.मनीष के मुताबिक बालिग लड़की परिजनो और पुलिस के मुताबिक नाबालिग बताई जा रही है.

मनीष दुबे की रिपोर्ट

जनज्वार, लखनऊ। मध्य प्रदेश का मनीष और उत्तर प्रदेश की रहने वाली लड़की प्रभा का गुनाह इतना है कि उनने आपस में बेइंतहा मुहब्बत कर डाली। और तो दोनो ने साथ जीने मरने की कसमें खाकर एक मंदिर में शादी कर ली। दोनो की इस शादी के बाद समाज और सिस्टम उनका इस कदर दुश्मन बन गया कि जान के लिए भीख मांग रहे हैं।

कबीर के चर्चित दोहे 'ढ़ाई आखर प्रेम का' को मानने वाले इस जोड़े ने बखूबी इसका मतलब जाना समझा लेकिन प्रेम के इस ज्ञान को लड़की के परिजन नहीं समझ पाए। जिसके बाद दोनो को एक दूसरे से अलग करने के लिए कई खेल किए जाने लगे, जिसमें लड़की के परिजन सफल भी हुए।

मप्र के छतरपुर में रहने वाले 22 साल के मनीष मिश्रा जो एक साल पहले 20 साल की प्रभा दुबे को दिल दे बैठा था। प्रभा उत्तर प्रदेश के बांदा जिला लखनपुर गांव की रहने वाली हैं। प्रभा अपनी बहन के घर चहतारा अक्सर आती रहती थी। वहीं मनीष मप्र के छतरपुर जिले के गौरिहार का रहने वाला है। इत्तेफाक से मनीष की बहन का ससुराल भी चहतारा ही था, जहां मनीष का भी आना जाना रहता था।

दोनों एक दूसरे के पड़ोसी निकले। यहीं से शुरू होती है दोनों की प्रेम कथा। अपने परिजनों से चोरी-छुपे मनीष और प्रभा अपने इस रिश्ते को आगे बढ़ाते रहते हैं। जिसके एक साल बाद दोनों छुपकर मंदिर में शादी कर लेते हैं, साथ ही वकील की मदद से अपनी रजामंदी का शपथ पत्र भी देते हैं।

शादी के बाद प्रभा अपने ससुराल में पति मनीष के साथ खुशी-खुशी रहने लगती है, क्योंकि मनीष के घरवालों को इस शादी से कोई एतराज़ नहीं था। शादी के 4 दिन बाद ही यानी 17 अप्रैल की रात 11 बजे लड़की के घरवाले पुलिस के साथ मनीष के घर से प्रभा को ये कहकर ले जाते हैं कि धारा 164 के तहत लड़की के बयान होने हैं। क्योंकि प्रभा के परिजन ने मनीष के विरूद्ध थाने में एफआईआर दर्ज करवाई है।

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पीड़ित मनीष ने जनज्वार को बताया कि 'लड़की को ले जाते समय पुलिस उससे शादी का ओरिजिनल नोटरी एफिडेविट भी ले जाती है। मनीष जब पता करते हैं तो उसके खिलाफ थाने में कोई एफआईआर नहीं मिलती है। अपनी पत्नी को पाने के लिए मनीष ने अब इलाहाबाद हाई कोर्ट की शरण ली है, जहां उन्होंने बन्दी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर कर दी है।

मनीष का आरोप है कि लड़की के घरवालों ने प्रभा को अपनी कैद में रखा हुआ है, साथ ही उसकी 8 वीं कक्षा की फर्जी मार्कशीट बनवाकर प्रभा को नाबालिग बता रहे हैं। जबरदस्ती उसकी शादी किसी दूसरे से कि जा रही है। मनीष बताता है कि यह अंधेरगर्दी तब है जब उसकी याचिका कोर्ट में है। 

मनीष का कहना है कि 'उसकी पत्नी के पेट में बच्चा भी है। वह हाथ जोड़कर पुलिस और तमाम संस्थाओं से मदद की गुहार लगा रहा है, लेकिन कहीं से भी राहत नहीं मिल रही है। वह कहता है कि प्लीज मेरी हेल्प किया जाए मेरी बीवी और मेरे होने वाले बच्चे को मेरे हवाले करवा दिया जाए वह लोग मेरे बीवी के पेट से बच्चा डॉक्टर के सहायता से सफाई करवाकर उसकी दूसरी जगह शादी करवाने का दबाव बना रहे हैं।'

वहीं दूसरी तरफ गांव लखनपुर थाना कमासिन बांदा की रहने वाली लड़की प्रभा दुबे ने अपने दिए शपथपत्र में साफतौर पर लिखा है कि 'उसने अपनी मर्जी से मनीष से शादी की है। उसपर किसी भी प्रकार का कोई दबाव नहीं बनाया गया है। यही बात उसने हमें भेजे गए अपने एक वीडियो में भी बोली है कि, वह बालिग है और अपनी मर्जी से शादी की है।'

हमने लड़की प्रभा दुबे के परिजनो से भी संपर्क करने की कोशिश की। हमें मिले नंबर को लड़की के जीजा ने उठाया। जिसने हमसे बात करते हुए साफ तौर पर बताया कि उसका उससे कोई लेना-देना या मतलब नहीं है। हमने उससे मां-बाप का नंबर भी मांगा लेकिन वह उपलब्ध नहीं हो सका।

इस मामले में जनज्वार ने थाना कमासिन में पता किया। थानाध्यक्ष राम आसरे सिंह ने हमें बताया कि 'लड़की के परिजनो के मुताबिक लड़की नाबालिग है। मध्यप्रदेश के छतरपुर का रहने वाला लड़का मनीष मिश्रा इसे भगा ले गया था। हमने पड़ताल की तो इसके शैक्षिक प्रमाणपत्रों में भी इसकी उम्र कम है। अगर मान भी लिया जाए की लड़की ने मर्जी से शादी की है तो आपको बी पता है कि नाबालिक का बयान या मर्जी मायने नहीं रखती है।' 

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