हाथरस-बलरामपुर के बाद अब गोंडा में 3 दलित बच्चियों के साथ जघन्य वारदात, सोते वक्त तेजाब फेंका, हालत गंभीर

रात को जब ​बच्चियां सो रहीं थीं तभी एक युवक छत पर चढ़ आया और बड़ी बेटी पर तेजाब फेंक दिया, जिसकी चपेट में आने से बड़ी बेटी समेत आसपास मौजूद दो अन्य बेटियां भी झुलस गईं....

Update: 2020-10-13 06:01 GMT

जनज्वार। यूपी की योगी सरकार लगातार दावे करती है कि वह प्रदेश को अपराधमुक्त कर देगी, चौराहों पर अपराधियों के पोस्टर लगेंगे, मगर जुर्म है कि बढ़ता ही जा रहा है। हाथरस—बलरामपुर जैसी जघन्य वारदातें यहां आम हो गयी हैं। महिलाओं से होने वाले अपराधों के मामले में तो जैसे यह कीर्तिमान ही स्थापित करते जा रहा है।

अब फिर से एक दिल को दहलाने वाली वारदात सामने आयी है, जिसमें 3 बच्चियों पर सोते वक्त तेजाब फेंक दिया गया। स्थानीय लोग इस घटना से दहशत में हैं। यह मामला गोंडा जिले का है।

जानकारी के मुताबिक सोमवार 12 अक्टूबर की रात परसपुर थाना क्षेत्र के पसका गांव में तीन बहनों पर तेजाब फेंक दिया गया। हमले में झुलसी बहनों का अस्पताल में इलाज चल रहा है।

मीडिया में आई खबरों के मुताबिक लड़कियों पर हमला उस समय हुआ जब तीनों बहनें घर में सो रही थीं। परिजनों के मुताबिक रात को जब ​बच्चियां सो रहीं थीं तभी एक युवक छत पर चढ़ आया और बड़ी बेटी पर तेजाब फेंक दिया, जिसकी चपेट में आने से बड़ी बेटी समेत आसपास मौजूद दो अन्य बेटियां भी झुलस गईं। तीनों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस मौके पर पहुंचकर पूछताछ कर रही है।

यह घटना परसपुर थाना क्षेत्र के पसका गांव की है। यहां रहने वाले गुरई प्रसाद की तीन बेटियों 19 वर्षीय खुशबू, 7 साल की कोमल और 5 साल की छोटी बेटी आंचल सोमवार 12 अक्टूबर की रात अपने घर की छत पर सो रही थीं। तभी देर रात गांव का एक युवक छत पर चढ़ आया और बड़ी बेटी खुशबू पर तेजाब फेंक दिया, जिससे वह बुरी तरह झुलस गयी।

परिजनों का कहना है कि तेजाब की चपेट में आने से कोमल और आंचल गंभीर रूप से झुलस गईं। तीनों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

इस मामले में थाना परसपुर के उपनिरीक्षक राम आशीष यादव का कहना है कि तीन बेटियों पर तेजाब फेंके जाने की सूचना मिली है। पुलिस इस मामले की जांच कर रही है, आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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