UP : लखनऊ के कब्रिस्तानों में मय्यतों की भरमार, कब्र खोदने का बढ़ा दिया गया किराया

हाफिज मंजूर आलम ने बताया कि सामान्य दिनों में एक महीने 10 से 12 शव आते थे। डालीगंज कब्रिस्तान में बीते 12 दिनों में 41 मय्यत दफनाई गईं....

Update: 2021-04-14 09:50 GMT

जनज्वार ब्यूरो/लखनऊ। कोविड काल के दौरान कब्रिस्तान में दफन होने के लिए आने वाले शवों की संख्या भी बढ़ गई है। शहर के सबसे बड़े कब्रिस्तान कब्रिस्तान में ही बीते 12 दिनों में 210 शवों को दफनाया गया है। ऐशबाग कब्रिस्तान के जिम्मेदार हाफिज मतीन कहते हैं कि इनमें से 14 शव कोरोना संक्रमित थे। संक्रमित शव दफनाने के लिए कब्रिस्तान में अलग जगह बनाई गई है। साथ ही गड्ढा भी गहरा खुदवाया जा रहा है।

हाफिज मतीन के मुताबिक रोजाना 25 से 30 शव आ रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ हैदरगंज स्थित सुप्पा कब्रिस्तान में रोजाना 10 से 12 शव दफन होने के लिए आ रहे हैं। हालांकि अभी तक कोई संक्रमित शव नहीं आया है। यहां के हाफिज सलीमुद्दीन का कहना है कि सामान्य दिनों में यहां रोजाना 2 से 3 मय्यतें ही आती हैं, लेकिन बीते चार दिनों में 40 मय्यतें आ चुकी है।

यही हाल निशातगंज कब्रिस्तान का है यहां एक अप्रैल से अब तक 23 मय्यत दफन हुई हैं। हाफिज मंजूर आलम ने बताया कि सामान्य दिनों में एक महीने 10 से 12 शव आते थे। डालीगंज कब्रिस्तान में बीते 12 दिनों में 41 मय्यत दफनाई गईं। कब्रिस्तान के इंचार्ज उस्मान अली शाह ने बताया कि सामान्य दिनों में एक माह में 20 से 25 मय्यतें आती हैं, लेकिन अभी इनकी संख्या दोगुने से ज्यादा हो गई है।

खदरा कब्रिस्तान के जिम्मेदार मोहम्मद रिजवान सैफी ने बताया कि एक अप्रैल से अब तक 29 शव दफनाए गए हैं, जबकि सामान्य दिनों में इनकी संख्या एक महीने में 10 से 12 रहती है। मय्यतों की संख्या बढ़ने से सभी कब्रिस्तान में कब्र खोजने वाले मजदूर भी बढ़ाने पड़ रहे हैं। मजदूर आसानी से मिल जाएं, इसके लिए खुदाई का रेट भी बढ़ा दिया गया है।

डालीगंज कब्रिस्तान के इंचार्ज उस्मान अली शाह ने बताया कि कब्र खुदाई का रेट 500 से बढ़कर 800 रुपये किया गया है। वहीं खदरा कब्रिस्तान के मोहम्मद रिजवान ने बताया कि कमेटी अभी भी 300 रुपये की रसीद काट रही है, लेकिन मजदूर अधिक पैसा मांग रहे हैं।

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