तड़पती रही महिला, गिड़गिड़ाते रहे परिजन, डॉक्टरों ने भर्ती नहीं किया, सड़क पर ही बच्चे को दिया जन्म

राजस्थान के बांसवाड़ा में एक प्रेग्नेंट महिला को अस्पताल में भर्ती नहीं किया गया. महिला डेढ़ घंटे तक अस्पताल के बाहर तड़पती रही. इसके बाद अस्पताल के सामने ही सड़क किनारे बच्चे को जन्म दे दिया. लेकिन, मदद के लिए अस्पताल की तरफ से कोई नहीं आया...

Update: 2020-06-30 11:31 GMT

जनज्वार। राजस्थान के बांसवाड़ा में एक प्रेग्नेंट महिला को अस्पताल में भर्ती नहीं किया गया. महिला डेढ़ घंटे तक अस्पताल के बाहर तड़पती रही. इसके बाद अस्पताल के सामने ही सड़क किनारे बच्चे को जन्म दे दिया. लेकिन, मदद के लिए अस्पताल की तरफ से कोई नहीं आया.

महिला के पति मान सिंह का कहना है, उनकी पत्नी कांतु प्रेग्नेंट थी. अचानक उसे तेज दर्द हुआ. वह उन्हें लेकर एक नजदीक के अस्पताल पहुंचे. लेकिन, उसने भर्ती नहीं किया. फिर वह करणघाटी गांव के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के लिए रेफर कर दिया गया. लेकिन, एंबुलेंस नहीं दिया गया. इसके बाद परिवार के लोग उन्हें प्राइवेट गाड़ी से लेकर बांसवाड़ा के लिए निकले.


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रास्ते में महिला का दर्द बढ़ गया. ऐसे में लोग उन्हें लेकर मोहकमपुरा अस्पताल पहुंचे. लेकिन, वहां भी डॉक्टरों ने भर्ती करने से इनकार कर दिया. इस दौरान कांतु का दर्द बढ़ गया. आगे का सफर मुश्किल था. इसके बाद परिवार के लोग इस उम्मीद के साथ अस्पताल के बाहर ही रुक गए कि कोई खतरा बढ़ेगा तो शायद अस्पताल वाले भर्ती कर लें.

महिला अस्पताल के बाहर ही डेढ़ घंटे से चीखती रही. लेकिन डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ की तरफ से कोई भी मदद के लिए आगे नहीं आया. इसके बाद सास ने ही डिलीवरी करने का निर्णय लिया. एक सलून वाले ने उन्हें चादर दी और उसी की आड़ में डिलीवरी हुई.

दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक़, चीफ मेडिकल अफसर डॉ. एचएल ताबियार का कहना है कि मोहमपुरा में एक ही नर्सिंगकर्मी था, इसलिए महिला को कुशलगढ़ जाने के लिए कहा गया. हालांकि, उन्होंने मामले में ब्लॉक मेडिकल अफसर पर कार्रवाई का निर्देश दिया है.

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