Bihar Politics: 'चुल्लू भर पानी में डूब जाएं नीतीश कुमार' नीति आयोग की रिपोर्ट में बिहार की बदहाली पर लालू प्रसाद का हमला

Bihar Politics: लालू यादव ने कहा कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार हर मामले में फिसड्डी राज्य है। शिक्षा से लेकर स्वास्थ्य, किसी भी मामले में बिहार का विकास नहीं हुआ है...

Update: 2021-11-26 04:25 GMT

(लालू प्रसाद राज्य की बदहाल स्थिति पर नीतीश कुमार को घेरा)

Bihar Politics: बिहार की राजनीति में राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद (Lalu Prashad Yadav) की एंट्री होने के बाद वे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर लगातार हमलावर है। गुरुवार, 25 नवंबर को दिल्ली रवाना होने के दौरान पटना एयरपोर्ट पर लालू यादव ने नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) को चुल्लू भर पानी में डूब मरने की नसीहत दे डाली। नीति आयोग (Niti Aayog) के नेशनल मल्टी डाइमेन्शनल पावर्टी इंडेक्स बेसलाइन की रिपोर्ट पर लालू यादव ने कहा कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार हर मामले में फिसड्डी राज्य है। शिक्षा से लेकर स्वास्थ्य, किसी भी मामले में बिहार का विकास नहीं हुआ है। 

दरअसल, बुधवार 24 नवंबर को नीति आयोग ने नेशनल मल्टी डाइमेन्शनल पावर्टी इंडेक्स बेसलाइन (National Multi Dimensional Poverty Index Baseline) की रिपोर्ट जारी की है। इस रिपोर्ट के अनुसार, गरीबी, न्यूट्रिशन, मैटरनल हेल्थ, स्कूल अटेंडेंस, कुकिंग फ्यूल और इलेक्ट्रिसिटी के मामले में बिहार देश में सबसे नीचले बायदान पर है। नीति आयोग की रिपोर्ट का हवाला देते हुए लालू प्रसाद यादव ने सीएम नीतीश सरकार को जमकर घेरा। लालू यादव ने कहा कि, "बिहार शिक्षा से लेकर स्वास्थ्य तक के क्षेत्र में पिछड़ता जा रहा है।" लालू यादव ने राज्य सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि, "ये सरकार विकास का नारा देती थी, लेकिन नीति आयोग की रिपोर्ट आने के बाद इनके विकास के दावों की पोल खुल गई है। लालू ने कहा कि नीति आयोग की रिपोर्ट सामने आने के बाद नीतीश सरकार को चुल्लू भर पानी में डूब जाना चाहिए।"

तेजस्वी ने नीतीश कुमार से पूछे सवाल

पटना एयरपोर्ट पर पिता लालू यादव के साथ बेटे तेजस्वी यादव भी नजर आए। बता दें कि लालू यादव से पहले उनके बेटे तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) ने भी नीतीश कुमार को इस मुद्दे पर घेरा। तेजस्वी ने ट्वीट कर लिखा, "नीतीश के 16 साल, बिहार सबसे बदहाल। नीति आयोग की दूसरी रिपोर्ट के 7 सूचकांकों में भी बिहार की सबसे बुरी और खराब स्थिति है। डबल इंजन की सरकार के पास कोई तार्किक जवाब नहीं है। जब राज्यहित में तथ्य, तर्क और सच्चाई के साथ सवाल पूछता हूं तो धरा के सबसे ज्ञानी 16 वर्षीय मुख्यमंत्री भड़क जाते हैं।" नीति आयोग की रिपोर्ट आने के बाद गुरुवार को पटना में सियासत गर्म रहा। पक्ष विपक्ष इसको लेकर जमकर राजनीति करते नजर आए।

बीजेपी ने रिपोर्ट पर उठाए सवाल

वहीं, बीजेपी ने नीति आयोग की रिपोर्ट पर ही सवाल उठा दिए।  बिहार भाजपा प्रवक्ता प्रेमरंजन पटेल (Premranjan Patel) ने कहा है कि "नीति आयोग को बिहार आकर जमीन पर हकीकत देखनी चाहिए। स्वास्थ्य, शिक्षा में कितना सुधार हुआ है, यह देखना चाहिए।"

बता दें कि नीति आयोग की ताजा रिपोर्ट में बिहार को शिक्षा, हेल्थ, गरीबी समेत कुल सात सूचकांकों पर सबसे खराब प्रदर्शन करने वाला राज्य बताया गया है। इस पर भाजपा प्रवक्ता पटेल ने कहा कि, "साल 2005 में बिहार की पर कैपिटा इनकम 7000 रुपए थी, लेकिन आज यह 46,000 रुपए है। 2005 में योजना आकार 18 हजार करोड़ का था, अब 2 लाख 18 हजार करोड़ का है। केन्द्र सरकार के माध्यम से ही दिए पैकेज में से सड़कों के लिए 54 हजार करोड़ रुपए दिए गए। यह सब विकास किसी को नजर आ रहा है। शिक्षकों की बहाली, पोशाक योजना, मिड डे मिल योजना सब चल रही है।"

नीति आयोग ने बिहार के अस्पतालों की खोली पोल

गौरतलब है कि नीति आयोग (Niti Aayog Report) द्वारा अक्टूबर में भी एक रिपोर्ट जारी किया गया था जिसमें सभी राज्यों के जिला अस्पतालों में उपलब्ध सुविधाओं का जिक्र था। इस रिपोर्ट में भी बिहार का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा। इस रिपोर्ट की मानें तो बिहार में एक लाख की आबाद पर महज 6 बेड उपलब्ध है। तब राज्य के मुखिया नीतीश कुमार ने कहा था, "नीति आयोग के काम करने का तरीका बिल्कुल विचित्र है। सभी राज्यों के लिए एक पैरामीटर पर रखकर काम नहीं किया जा सकता"

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