गाजीपुर बार्डर छावनी में तब्दील, 12 लेयर की बैरिकेटिंग लगाई गई, टिकैत बोले-क्यों अड़ी है सरकार?

गाजीपुर बॉर्डर पर भारी संख्या में सुरक्षा बल की तैनाती कर दी गई है और एक तरह से पूरा बॉर्डर छावनी में तब्दील हो चुका है, गाजीपुर बॉर्डर से दिल्ली जाने वाले रास्ते पर 12 लेयर की बैरिकेटिंग भी की गई है..

Update: 2021-01-31 07:13 GMT

जैसे सरकार ने पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ाये वैसे किसान आंदोलनकारी भी कल 1 मार्च से दूध की कीमत 100 रुपये लीटर करने का ऐलान कर चुके हैं, क्या इस पहलकदमी से किसान आंदोलन मजबूत होगा (file photo)

जनज्वार। तीन नए केंद्रीय कृषि कानूनों के विरुद्ध किसानों का आंदोलन पिछले 67 दिनों से जारी है। 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस पर हुई घटनाओं के बाद किसान आंदोलन के कमजोर पड़ जाने की बात कही जा रही थी, लेकिन राकेश टिकैत की एक भावुक अपील के बाद माहौल पलट चुका है। किसानों का आंदोलन एक बार फिर जोर पकड़ने लगा है।

इन सबके बीच गाजीपुर बॉर्डर पर भारी संख्या में सुरक्षा बल की तैनाती कर दी गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार एक तरह से पूरा बॉर्डर छावनी में तब्दील हो चुका है। किसान फिर से दिल्ली की ओर न बढ़ें, इस लिए गाजीपुर बॉर्डर से दिल्ली जाने वाले रास्ते पर 12 लेयर की बैरिकेटिंग भी की गई है।

उधर भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने सरकार से कहा है कि सरकार की ऐसी क्या मजबूरी है कि वह नये कृषि कानूनों को निरस्त नहीं करने पर अड़ी हुई है? 

उधर दिल्ली के गाजीपुर बॉर्डर पर उत्तरप्रदेश, हरियाणा सहित अन्य पड़ोसी राज्यों से भी किसान लगातार पहुंच रहे हैं। इससे किसानों की संख्या बढ़ती जा रही है। इन सबके बीच ही रातो-रात गाजीपुर बॉर्डर को किले में तब्दील कर दिया गया है।

26 जनवरी को दिल्ली के लाल किले पर हुई घटना के बाद एक दौर ऐसा भी आया था, जब किसान वापस जा रहे थे और यह भी खबर आई कि उत्तर प्रदेश सरकार की तरफ से गाजीपुर बॉर्डर को खाली करने का आदेश भी दिया गया है, लेकिन किसान नेता राकेश टिकैत का रोता हुआ वीडियो वायरल होने के बाद से एक बार फिर गाजीपुर बॉर्डर पर किसानों के जत्थों का जुटना शुरू हो गया। गाजीपुर बॉर्डर पर दूर-दूर तक एक बार फिर ट्रैक्टर ट्रॉली ही नजर आ रही हैं।

मीडिया रिपोर्र्ट्स में कहा जा रहा है कि इसे देखते हुए गाजीपुर बॉर्डर पर रातो-रात 12 लेयर की बैरिकेडिंग कर दी गई है, ताकि किसान कहीं दिल्ली की ओर न बढ़ने लगें। गाजीपुर बॉर्डर पर ये बैरिकेडिंग दिल्ली पुलिस की तरफ से की गई है। पुलिस को आशंका है कि 1 फरवरी को, जिस दिन संसद में बजट सत्र पेश होना है, किसान कहीं दिल्ली की तरफ कूच ना कर दें। इसी आशंका के चलते यह बैरिकेडिंग की गई है.

उधर गाजीपुर बॉर्डर पर बैरिकेड्स लगाए जाने के बाद एन-एच 24 पूरी तरह से बंद हो गया है। खबर है कि नोएडा से अक्षरधाम जाने वाले रास्ते के अलावा, दिल्ली से इंदिरापुरम और नोएडा जाने वाले रास्ते को भी बंद कर दिया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, दिल्ली पुलिस ने किसानों को रोकने के लिए नुकीले तारों वाली बेरिकेडिंग भी लगाई हैं। दिल्ली पुलिस की पूरी कोशिश है कि किसी भी हालत में किसान दिल्ली में न घुस पाएं।

हालांकि किसान आंदोलन के एक बार फिर से जोर पकड़ने के बाद सरकार भी बातचीत करने के लिए तैयार हुई है। शनिवार के दिन हुई सर्वदलीय बैठक के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने भी विपक्षी दलों के नेताओं से कहा 'किसान और सरकार के बीच बातचीत का रास्ता हमेशा खुला है। भले ही सरकार और किसान आम सहमति पर नहीं पहुंचे। लेकिन हम किसानों के सामने विकल्प रख रहे हैं। वो इस पर चर्चा करें. किसानों और सरकार के बीच बस एक कॉल की दूरी है।'

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