कोरोनावायरस के डर से भारत के मुर्गा बाजार में मंदी, अनाजों की ब्रिकी पर पड़ने लगी है मार

Update: 2020-02-07 14:33 GMT

फेडरेशन ऑफ इंडियन स्पेस स्टेकहोल्डर्स के चैयरमैन अश्विन नाय के अनुसार अगर मौजूदा स्थिति बरकरार रही तो चीन को निर्यात 10-15 प्रतिशत तक घट सकता है। सलाना कुल निर्यात लगभग 2 लाख 50 हजार टन का होने का अनुमान है...

जनज्वार। कोरोनावायरस की महामारी के बीच जहां चीन के बाजार लगातार बंद होते जा रहे हैं। वहीं कोरोनावायरस से व्यापार में घाटे का असर गुजरात, पंजाब, दिल्ली समेत पूरे देश में दिखने को मिल रहा है। कोरोनावायरस के कारण गुजरात से खासकर जीरा, तिल और मूंगफली का निर्यात एक दो महीनें में 10-15 प्रतिशत तक घट सकता है।

कारोबारियों और निर्यातकों के अनुसार भारत से कुछ प्रमुख जिंसों की खरीदारी में चीन का लगभग 20 से 30 प्रतिशत के बीच योगदान र है। यदि कोरोना को लेकर मौजूदा हालात ऐसे ही बने रहे तो इन जिंसों के निर्यात में 10-15 प्रतिशत तक की कमी आ सकती है।

भारत से लगभग 1 लाख 50 हजार टन जीरा हर साल निर्यात किया जाता है। जिसमें एक तिहाई या 50 हजार टन अकेले चीन भेजा जाता है। सामान्य तौर पर 2600 टन जीरे के 10 कंटेनर रोजाना भेजे जाते हैं। जिनमें कोरोना महामारी की वजह से जीरा के निर्यात में भारी कमी आई है।

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चीन के लिए तिल का निर्यात भी काफी प्रभावित हुआ है। फेडरेशन ऑफ इंडियन स्पेस स्टेकहोल्डर्स के चैयरमैन अश्विन नाय के अनुसार अगर मौजूदा स्थिति बरकरार रही तो चीन को निर्यात 10-15 प्रतिशत तक घट सकता है। सलाना कुल निर्यात लगभग 2 लाख 50 हजार टन का होने का अनुमान है। जिसमें चीन की भागीदारी 20 प्रतिशत तक है। यदि मौजूदा हालात एक या दो महीने तक बने रहे तो इस निर्यात में बड़ी कमी आ सकती है।

देश भर में पोल्ट्री उत्पादों की कीमतों में पिछले दो दिनों में 10 प्रतिशत गिरावट आई है। दरअसल सोशल मी़डिया समूहों में यह अफवाह फैली है कि पक्षियों में कोरोनवायरस का संक्रमण हो गया है। कीमतों में अचानक गिरावट के बाद पुणे में पोल्ट्री फार्म में ब्रॉयलर चिकन की कीमत 65 रुपये और दिल्ली में 72 रुपये प्रति किलोग्राम रह गई है। पिछसे सप्ताह तक इनकी कीमतें 73 रुपये और 80 रुपये प्रति किलोग्राम थी। इस तरह अंडे की कीमतें कम होकर 3.75 रुपये रह गई है।

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चीन में कोरोनावायरस के संक्रमण के बाद भारत में भी इसके कुछ मामले दिखे हैं। इनके बीच ऐसी अफवाह जोर पकड़ रही है कि पक्षियों के जरिये इस खतरनाक वायरस का प्रसार हो रहा है। आमतौर पर स्तनधारी प्राणी इस वायरस के स्त्रोत होते हैं। जिनमें मनुष्यों में संक्रमण फैलता है। समझा जा रहा कि चीन में चमगादड़ से कोरोनावायरस का प्रसार हुआ है। इस बीच मुर्गीपालक कीमतें अचानक कम होने से परेशान है। क्योंकि इससे उनके मुनाफे पर सीझी चोट पड़ी है।

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मानक ब्रॉयलर चिकन का कारोबार पिछले एक साल से भी अधिक समय से 80 रुपये की उत्पादन लागत से नीचे हो रहा है। साथ छोटे पोल्ट्री कारोबारियों ने तो अपना कारोबार तक बंद कर दिया है। बड़े स्तर पर मुर्गीपालन कारोबार में जुटी ईकाइयां भी नुकसान में आ गई है। मसले पर वेंकटेश्वर हैचरीज के महाप्रबंधक के जी आनंद का कहना है कि कारोबार के लिहाज से कमजोर समय होने के कारण पोल्ट्री उत्पादों की मांग कम हुई है। इसके अलावा कोरोनावायरस की अफवाह से भी इनक मांग में कमी आई है।

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