Gorakhpur Court Shootout: गोरखपुर कोर्ट परिसर हत्या में निकला प्रेम कनेक्शन, फौजी पिता को नामंजूर था मुस्लिम से इश्क

Gorakhpur Court Shootout: आरोपी दिलशाद नामक युवक को हैदराबाद से गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था और लड़की को पिता के सुपुर्द कर दिया गया था। जहां से वह जमानत पर बाहर था और तारीख पर कोर्ट आया था...

Update: 2022-01-22 09:46 GMT

(गोरखपुर कोर्ट शूटआउट में सामने आया प्रेम प्रसंग का मामला)

Gorakhpur Court Shootout: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर से एक सनसनीखेज मामला उस वक्त सामने आया था जब अदालत पेशी पर आए एक मुल्जिम को गोली मार दी गई। मृतक रेप का आरोपी बताया जा रहा है। आरोपी को जिसने गोली मारी वह उसी लड़की का पिता बताया जा रहा जिसके बलात्कार का मृतक पर आरोप था। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि गोली मारने वाले सख्श ने खुद को पुलिस के हवाले (Surrender) भी कर दिया था।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मृतक आरोपी दिलशाद (Dilshad hissain) को गोली मारने के आरोपी लड़की के पिता भागवत निषाद बीएसएफ (BSF) से सेवानिवृत्त जवान हैं। बिहार के मुजफ्फरपुर जिले का रहने वाला दिलशाद हुसैन भागवत निषाद के घर के सामने एक दुकान पर पंक्चर बनाने का काम करता था। लड़की के पिता गोरखपुर के बड़हलगंज के रहने वाले हैं।

आरोप है कि 12 फरवरी 2021 को आरोपी दिलशाद भागवत की नाबालिग बेटी को अगवा कर ले गया था। इस घटना के पांच दिन बाद भागवत ने दिलशाद (Bhagwat Shoot Dilshad) पर पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराया था। रिपोर्ट के मुताबिक, 12 मार्च 2021 को पुलिस ने दिलशाद को हैदराबाद से गिरफ्तार किया और नाबालिग को उससे मुक्त कराकर उसे जेल भेज दिया था।

मृतक दिलशाद हुसैन (32)

इस घटना की जानकारी रखने वाले एक सूत्र ने जनज्वार को बताया कि यह मामला प्रेम प्रसंग का है। आरोपी लगभग एक वर्ष पहले इलाके के एक व्यक्ति की लड़की को भगा ले गया था। जिसके बाद व्यक्ति की तहरीर पर मुदकमा पंजिकृत किया गया था। आरोपी दिलशाद नामक युवक को हैदराबाद से गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था और लड़की को पिता के सुपुर्द कर दिया गया था। जहां से वह जमानत पर बाहर था और तारीख पर कोर्ट आया था।

हमें आगे बताया गया कि, गोरखपुर में दिनदहाड़े हुए इस सनसनीखेज मामले को अब राजनैतिक मोड़ देने की कोशिश की जा रही है। हिन्दू बनाम मुस्लिम के ध्रुवीकरण की योजना बननी शुरु हो गई है। कारण पूछने पर बताया गया कि योगी के गोरखपुर से चुनाव लड़ने सहित पूरे पूर्वांचल में ध्रुवीकरण आधारित वोटों का समीकरण साधा जा सकता है। क्योंकि योगी आदित्यनाथ की छवि न पहले उतनी अच्छी थी और न अब बची ही है, ऐसे में इसे लव-जिहाद या हिन्दू बनाम मुस्लिम का रंग देकर भुनाने की कोशिश की जा सकती है।

एसएसपी गोरखपुर विपिन ताड़ा के पीआरओ यदुनन्दन यादव ने जनज्वार संवाददाता को बताया कि, 'इस मामले में आरोपी को गिरफ्तार किया जा चुका है, सम्बंधित अपराध के लिए जेल भेज दिया गया है। प्रेम प्रसंग वाले एंगल पर उनने बताया कि अब इतनी डिटेल हमारे पास नहीं है। हमें मृतक दिलशाद की उम्र 32 वर्ष के करीब बताई गई। साथ ही यह भी बताया कि लड़की के पिता ने जिस गन से गोली मारी वह उसकी लायसेंसी पिस्टल थी, जो अब पुलिस ने अपनी कस्टडी में ले ली है।'

वहीं, इस मामले में पुलिस का जो बयान आया है उस मुताबिक पुलिस की तरफ से कहीं न कहीं यह बताने या जताने की कोशिश की गई है कि आरोपी को पीड़ित ने गोली से उड़ा दिया किस्सा खत्म। पुलिस ने कहा है, 'आज कलेक्ट्रेट परिसर के पास वादी भागवत निषाद द्वारा प्रतिवादी दिलशाद हुसैन को गोली मार दी गई। आरोपी को मय असलहा पकड़ लिया गया। मृतक स्वयं आरोपी की नाबालिग बेटी से रेप का आरोपी था। मौके पर सभी वरिष्ठ अधिकारी मौजूद हैं।'

इससे पहले अखिल कुमार एडीजी जोन गोरखपुर ने अपने दिए बयान में कहा कि, 'बिहार के मुजफ्फरपुर का रहने वाला दिलशाद हुसैन तारीख पर आया था। गोरखपुर के बड़हलगंज के रहने वाले भागवत निषाद नाम के व्यक्ति ने गोली मारी है। गोली लगने से मौके पर ही उसकी मौत हो गई। आरोपी को जनता के सहयोग से पुलिस ने अरेस्‍ट कर लिया है। बॉडी को पोस्‍टमार्टम के लिए भेजकर आगे की कार्रवाई की जा रही है। असलहा लेकर आरोपी कैसे गेट के अंदर घुसे हैं, जिस गेट से उन्‍होंने प्रवेश किया है, वहां पर जिम्‍मेदार पुलिसवालों की जांच कर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

कौन है मृतक दिलशाद?

मृतक युवक की पहचान बिहार के मुजफ्फरपुर निवासी दिलशाद के रूप में हुई है। वो पॉक्सो एक्ट (लैंगिक उत्पीड़न से बच्चों के संरक्षण का अधिनियम) के तहत आरोपी था और जमानत पर जेल से बाहर से था। शुक्रवार को दिलशाद केस के सिलसिले में कोर्ट आया था। गोरखपुर दीवानी न्यायालय में पॉक्सो कोर्ट नंबर-4 में दिलशाद का मामला लगा हुआ था। इसी दौरान कचहरी कैंपस के अंदर एक व्यक्ति आया और दिलशाद को सिर में सटाकर गोली मार दी। जिससे  दिलशाद की मौके पर ही मौत हो गई।

प्रेम प्रसंग के अधिकतर मामलों में रेप की धारा 

ज्यादातर इन जैसे यानी प्रेम प्रसंग के मामलों में परिवार या पुलिस की तरफ की यौन अपराध की धाराओं में ही रिपोर्ट दर्ज करवाई जाती है। परिवार और पुलिस दोनो ही तरफ से सबसे पहले इसी घारा को हथियार के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है। हालांकि, इन सबके बीच एक बात और जो निकलकर सामने आई है वह ये कि आरोपी ने जेल से आने के बाद भगवत प्रसाद से उसकी लड़की को फिर से भगा ले जाने की बात कही थी। उसका दावा था कि लड़की फिर भाग जाएगी क्योंकि वह उससे प्रेम करती है। और इसी तैश में पिता ने ये खौफनाक कदम उठाया।

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