दबंगई से तंग ब्राह्मण छोड़ रहे मकान मामले में प्रधान पति का दावा, 6 बीघा तालाब कब्जा कर बना रखा घर

ब्राह्मण समाज के मुताबिक ग्राम प्रधानी के चुनाव में ब्राह्मणों द्वारा वोट न देने के बाद प्रधान पति द्वारा उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा है और लगातार धमकाया जा रहा है....

Update: 2021-06-12 06:16 GMT

शामली के गोगवान जलालपुर में ब्राह्मणों के घर के बाहर चस्पां हैं पोस्टर

जनज्वार ब्यूरो। समाज में आमतौर पर प्रताड़ित करने की जो घटनायें सामने आती हैं, उनमें दलित और पिछड़ा समाज पीड़ित होता है, मगर यूपी के शामली में ब्राह्मणों के उत्पीड़न की खबरें सामने आ रही हैं। यहां ब्राह्मणों के पलायन के पोस्टर पटे हुए हैं। हालांकि आरोपी पक्ष का कहना है कि यह साजिशन किया जा रहा है।

शामली जनपद के गोगवान जलालपुर के ब्राह्मण समाज के मुताबिक ग्राम प्रधानी के चुनाव में ब्राह्मणों द्वारा वोट न देने के बाद प्रधान पति द्वारा उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा है और लगातार धमकाया जा रहा है। इसी के बाद से कई मकानों के बाहर पोस्टर चस्पां कर दिये गये हैं, जिसमें लिखा गया है, 'ग्राम प्रधान की दबंगई के कारण पलायन, यह मकान बिकाउ है।'

गांव गोगवान जलालपुर में ब्राह्मणों ने वर्तमान प्रधान सुषमा देवी के पति जयप्रकाश राणा पर चुनावी रंजिश में परेशान करने का आरोप लगाते हुए पलायन करने की चेतावनी देकर अपने घरों के बाहर 'मकान बिकाऊ' के पोस्टर लगाये हैं। इस मामले में ब्राह्मण समाज कलक्ट्रेट पहुंचा और डीएम से शिकायत कर कार्रवाई की मांग भी की।

वहीं ब्राह्मण समाज के आरोपों को प्रधान के पति ने अपने विरूद्ध साजिश बताया है और अपने समर्थकों के साथ एसडीएम से मुलाकात की। प्रधान पति का कहना है कि तालाब पर कब्जे के लिए यह षड्यंत्र रचा जा रहा है, इस मामले में प्रशासन जल्द से जल्द एक्शन ले।

ग्राम प्रधान पति और थानाभवन के चेयरमैन जयप्रकाश राणा ने जनज्वार से हुई बातचीत में कहा, 'सारा रोड़ा गांव में तालाब की जमीन खाली कराने को लेकर है। करीब 20 ब्राह्मण परिवारों ने तालाब की जमीन पर ​कब्जा कर रखा है। 9 बीघे का तालाब मौके पर सिर्फ 3 बीघा बचा है। तालाब की पैमाइश शामली डीएम के निर्देश पर हो चुकी है। इन परिवारों में से ज्यादातर ने तालाब की जमीन पर कब्जा कर घर बना लिया है। कुछ ने हाल ही में ​बीते पंचायत चुनाव में भी बनवा लिया, क्योंकि आचार ​संहिता लागू थी कोई कुछ कह नहीं पा रहा था।'

प्रधान पति ने जनज्वार को बताया, 'गांव में 40 ब्राह्मण परिवार है, जिनमें से केवल 20 हमारे खिलाफ हैं। तालाब के कब्जा के कारण दलित जातियों के लिए बने श्मशान घाट में पानी जा रहा है।'

गौरतलब है कि प्रधान पति जयप्रकाश राणा फिलहाल थाना भवन क्षेत्र में चेयरमैन हैं और सपा के शामली जिला उपाध्यक्ष हैं। उनके की परिवार के पास पिछले तीन बार से ग्राम प्रधानी रिजर्व है। चूंकि जयप्रकाश की जाति से राजपूत है, ऐसे में आरोप यह भी है कि उन्हें स्थानीय विधायक सुरेश राणा का वरदहस्त हासिल है। इस सवाल के जवाब में जय प्रकाश राणा कहते हैं, 'मैं तो समाजवादी पार्टी में हूं और शामली जिले का समाजवादी पार्टी का उपाध्यक्ष हूं। मेरा सुरेश राणा से क्या लेना-देना।'

इस मामले में एक नया पक्ष यह भी सामने आया है कि शामली कोतवाली क्षेत्र के गांव हसनपुर में पबजी गेम खेलने को लेकर बच्चों में विवाद हो गया था। इस विवाद में बड़े भी उतर आए और मामला फायरिंग तक पहुंच गया। एक पक्ष की ओर से दूसरे पक्ष के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। इसी विवाद में शनिवार को इलाके के ब्राह्मण परिवारों ने घर के बाहर पलायन करने के पोस्टर लगा दिए हैं, जिसे लेकर प्रदेश के सियासी दल मैदान में उतर आए हैं।

गौरतलब है कि गुरुवार 10 जून को ब्राह्मण समाज के दर्जनों लोग ट्रैक्टर-ट्राली से कलक्ट्रेट पहुंचे और ग्राम प्रधान पति द्वारा प्रताड़ित किये जाने के खिलाफ वहां धरना देने की कोशिश की। यहां पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह उन्हें रोका। धरना देने से रोकने पर ब्राह्मण समाज के एक प्रतिनिधि मंडल डीएम जसजीत कौर से मिला और एक शिकायती पत्र उन्हें सौंपा। शिकायती पत्र में ब्राह्मण समाज द्वारा आरोप लगाया गया है कि प्रधानी के चुनाव की रंजिश को लेकर प्रधान का पति जयप्रकाश राणा और पुत्र विनय राणा ब्राह्मण समाज के लोगों से गाली गलौज करता है।

ब्राह्मण समाज का यह भी आरोप है कि 9 जून को प्रधान पक्ष द्वारा मुकेश के बेटे ​मोहित का अपहरण करने की भी कोशिश की और उनके घर के सामने फायरिंग भी गयी। ब्राह्मणों का कहना है कि प्रधान पक्ष द्वारा इस तरह की हरकतों के कारण वह डर के साये में जी रहे हैं। आरोप लगाये जा रहे हैं कि रं​जिशन मुकेश के घर के सामने से नल और स्ट्रीट लाइट भी प्रधान के पति ने उखड़वा दिये हैं और टंकी का पानी भी बंद कर दिया।

बकौल ब्राह्मण समाज 'प्रधान पति जयप्रकाश राणा धमकी देता है कि उन्होंने उसे वोट नहीं दिया इसलिए वह उन्हें सबक सिखाएगा। परेशान होकर हम लोग गांव से पलायन को मजबूर हैं। इसीलिए हमने अपने घरों के आगे मकान बिकाऊ के पोस्टर लगा दिए हैं।'

ब्राह्मण समाज ने इस संबंध में डीएम से मिलकर शिकायती पत्र सौंपा और मांग की कि प्रधान के पति द्वारा किए जा रहे ब्राह्मण समाज का उत्पीड़न बंद करा उचित कार्रवाई की जाये। डीएम ने इस मामले की जांच कराकर कार्रवाई कराने का आश्वासन दिया।

वहीं दूसरी तरफ प्रधान के पति जयप्रकाश राणा कुछ और ही कहते हैं। अपने समर्थकों के साथ कलक्ट्रेट पहुंचकर ग्राम प्रधान सुषमा देवी और कुछ ग्रामीणों के हस्ताक्षरयुक्त वाला शिकायती पत्र एसडीएम सदर संदीप कुमार को सौंपते हुए प्रधान पक्ष कह रहा है कि तालाब पर कब्जा करने वाला व्यक्ति प्रधानी के चुनाव की रंजिश को लेकर ब्राह्मण समाज को भड़का रहा है। इसलिए तालाब की पैमाइश करा अवैध कब्जा हटवाया जाये और कब्जाधारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाये।

हालांकि अब इस मामले में बड़े पैमाने पर राजनीति होनी शुरू हो चुकी है। मामले को ब्राह्मण बनाम राजपूत का रंग देने की कोशिश की जा रही है। यानी कहा जाने लगा है कि योगी चूंकि जाति से राजपूत हैं, इसलिए उनके राज में ब्राह्मणों का शोषण जारी है। कल 11 जून को कांग्रेस की ओर से आचार्य प्रमोद कृष्णम समेत कई अन्य नेता शामली में ब्राह्मणों के पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे थे, जिनको मुरादनगर पुलिस ने गंगनहर पर रोक दिया। उन्हें आगे जाने की अनुमति नहीं दी गई, जिसका कांग्रेसी नेताओं ने जमकर विरोध किया।

ब्राह्मण समाज से मिलने जा रहे लोगोंं में कांग्रेस नेता आचार्य प्रमोद कृष्णम के अलावा पूर्व मंत्री सतीश शर्मा और कई अन्य नेता शामिल थे। पुलिस द्वारा रोके जाने से नाराज आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा कि प्रदेश में अराजकता का माहौल है। ब्राह्मणों पर लगातार अत्याचार हो रहे हैं, लेकिन सरकार खामोश बैठी है। मैं खुद कल्कि पीठ का पीठाधीश्वर हूं और योगी जी भी संत हैं, जिनकी पुलिस मुझे रोक रही है। प्रदेश में अघोषित इमरजेंसी का माहौल है और सरकार तानाशाही पर उतर आई है।'

वहीं यूपी के पूर्व मंत्री सतीश शर्मा ने कहा, 'योगीराज में लगातार ब्राह्मणों का उत्पीड़न किया जा रहा है।'

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