Janjwar Impact : ऑनलाइन पढ़ाई के नाम पर छात्राओं को गंदे-गंदे मैसेज भेजने वाले अल्मोड़ा के प्रिंसिपल को 5 साल की सजा

जनज्वार की खबर का असर : ऑनलाइन पढ़ाई के नाम पर छात्राओं को गंदे-गंदे मैसेज भेजने वाले अल्मोड़ा के राजकीय इंटर कॉलेज बिनौला स्टेट भिक्यासैंण के प्रिंसिपल को कोर्ट ने सुनाई 5 साल की सजा...

Update: 2022-11-24 11:03 GMT

Janjwar Impact : ऑनलाइन पढ़ाई के नाम पर छात्राओं को गंदे-गंदे मैसेज भेजने वाले अल्मोड़ा के प्रिंसिपल को 5 साल की सजा

राजकीय इंटर कालेज बिनोला स्टेट भिक्यासैंण स्कूल में छात्राओं के साथ हो रही छेड़छाड़ का मामला एक बार फिर चर्चा का विषय बन चुका है। दरअसल यह मामला अक्टूबर 2020 में तब सामने आया था, जब स्कूल में पढ़ने वाली कक्षा 11 की एक छात्रा ने अपने ही स्कूल के प्रभारी प्रिंसिपल प्रमोद कुमार दुर्गापाल पर कथित तौर पर बच्चियों के साथ अश्लील हरकत करने व व्हाट्सएप पर अश्लील मैसेज भेजने का आरोप लगाया था। सबूत के तौर पर उसने व्हाट्सअप के कई मैसेज जनज्वार को भेजे थे। इस मामले में जनज्वार द्वारा 1 अक्टूबर 2020 को विस्तार से इस खबर को प्रकाशित किया था।

ऑनलाइन पढ़ाई के नाम पर छात्राओं को गंदे-गंदे मैसेज भेजता है यह स्कूल प्रिंसिपल, शिकायत करने पर मिलती है धमकी शीर्षक से खबर प्रमुखता से प्रकाशित की थी, जबकि मेनस्ट्रीम मीडिया ने इस खबर को प्रकाशित करना तक मुनासिब नहीं समझा था।

अब इस मामले में न्यायालय के आदेश पर अभियुक्त प्रधानाध्यापक प्रमोद कुमार दुर्गापाल को कल 23 नवंबर को पोक्सो एक्ट की धारा9(च) सपठित धारा 10 के अन्तर्गत 5 साल के लिए सश्रम कारावास तथा बीस हजार अर्थदण्ड तथा अर्थदण्ड जमा न करने पर तीन माह का कठोर कारावास के दण्ड से दण्डित व पोक्सो अधिनियम की धारा 11 व 12 के तहत तीन साल के लिए सश्रम कारावास व 10 हजार अर्थदण्ड व अर्थदण्ड जमा न करने पर एक माह के कठोर कारावास से दण्डित किया गया है।

इस संबंध में पीड़ित छात्रा द्वारा 30/9/2020 को एक तहरीर रिपोर्ट पटवारी बिनोला तहसील भिक्यासैंण जिला अल्मोड़ा के समक्ष प्रस्तुत की गई थी, जिसमें स्कूल की छात्राओं का कहना था स्कूल में अंग्रेजी के प्रवक्ता और प्रभारी प्रिंसिपल प्रमोद कुमार दुर्गापाल लड़कियों को स्कूल में कापी चैक करने के बहाने बुलाते हैं और लड़कियों को गलत तरह से छूते हैं पढ़ाई के नाम पर छात्राओं को व्हाट्सएप पर अश्लील और गन्दे मैसेज भेजते हैं।

इस मामले का संज्ञान लेते हुए राजस्व क्षेत्र बिनोली में एफआईआर संख्या 1/2020 अन्तर्गत धारा 354(घ) भारतीय दण्ड संहिता एवं धारा 11(4) पोक्सो अधिनियम में प्रदीप कुमार दुर्गापाल के विरुद्ध दर्ज की गई तथा मामले की विवेचना प्रारम्भ की गई। इस संबंध में लड़कियों द्वारा बाल कल्याण समिति के समक्ष भी शिकायत दर्ज कराई गई, जिसके बाद मामले को संज्ञान में लेते हुए विवेचना अधिकारी द्वारा अभियुक्त के विरुद्ध आरोप पत्र अन्तर्गत धारा 354(ए), 354(डी) भारतीय दण्ड संहिता एवं धारा 9(च) सपठित धारा 10 एवं 11(घ) व धारा 12 पोक्सो अधिनियम के अन्तर्गत आरोप विचरित किये गये हैं।

हालांकि अभियुक्त प्रिंसिपल के अधिवक्ता की ओर से तर्क प्रस्तुत किया गया था विभागीय जांच में अभियुक्त पर कोई आरोप नहीं लगाया गया है और दोषमुक्त करने की अपील की, जिस पर न्यायालय को अभियुक्त पक्ष के तर्क पर कोई मजबूती नहीं दिखाई दी, क्योंकि सम्पूर्ण विभागीय जांच में पीड़िताओं के बयान कहीं भी दर्ज नहीं है। बिना बयान अंकित किए ही विभागीय जांच कर दी गई, इस जांच का कोई महत्व नहीं है।

इस संबंध में बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष व सामाजिक कार्यकर्ता रघु तिवारी कहते हैं, इस तरह के फैसले समाज में चेतना जगाते हैं। ऐसे फैसले आऐंगे तो हम सभी बच्चों को सुरक्षित कर पाऐंगे उन्होंने बच्चों के पक्ष में आऐ न्यायालय के इस फैसले का स्वागत किया है। पूर्व में भी जब यह मामला बाल कल्याण समिति के सम्मुख आया था, तब समिति ने इस पर त्वरित कार्यवाही करने व एफआईआर दर्ज करने का आदेश पारित किया था।

Tags:    

Similar News