जान गंवाने वाले किसानों का आंदोलन स्थल पर स्मारक बनाने की योजना, विभिन्न जगहों से आई मिट्टी

भाकियू की तरफ से मीडिया प्रभारी धर्मेंद्र मालिक ने बताया कि "जल्द निर्माण की शुरूआत करेंगे, इसमें विभिन्न जगहों से आया जल और मिट्टी का इस्तेमाल किया जाएगा।"

Update: 2021-02-09 14:36 GMT

निर्णायक मोड़ पर किसान आंदोलन। 

गाजीपुर बॉर्डर। कृषि कानून के खिलाफ आंदोलन कर रहे किसान अब अगली रणनीति के तहत गाजीपुर बॉर्डर पर किसान क्रांति पार्क बनाने की योजना बना रहे हैं। यूपी गेट पर आंदोलन में जान गवाने वाले किसानों की याद में ये स्मारक बनेगा, जिसके लिए किसान तैयारी कर रहे हैं। गाजीपुर बॉर्डर (यूपी गेट) पर इस स्मारक के लिए जगह को तलाशा जा रहा है, फिलहाल एक जगह सफाई कराई गई है, लेकिन अभी तक ये तय नहीं हो सका है कि इस स्मारक स्थल को कहां बनाया जाएगा।

इस स्मारक में एक बेंच लगवाई जाएगी, जिसपर लोग बैठ सकेंगे, वहीं एक तिरंगे का स्टैंड लगवाया जाएगा, जिसपर राष्ट्रीय ध्वज के साथ साथ किसान संगठन का तिरंगा लगेगा।

इस स्मारक में देश विदेश से आए जल का इस्तेमाल किया जाएगा। दरअसल 28 जनवरी को राकेश टिकैत ने मंच से एक भावुक अपील की थी जिसमें उन्होंने कहा था कि, "मैं पानी तब पियूंगा जब आप अपने अपने गांव से पानी लेकर आएंगे।" उसके बाद से देशभर के विभिन्न जगहों से किसान पानी लेकर आए थे।

भाकियू की तरफ से मीडिया प्रभारी धर्मेंद्र मालिक ने बताया कि "जल्द निर्माण की शुरूआत करेंगे, इसमें विभिन्न जगहों से आया जल और मिट्टी का इस्तेमाल किया जाएगा।"

"फिलहाल जगह को तलाश रहे हैं और उसकी सफाई करा उसपर काम शुरू कराएंगे, स्मारक पर एक पत्थर लगवाया जाएगा, जिसपर आंदोलन में शहीद हुए किसानों के नाम चिन्हित होंगे।"

इस स्मारक को बनाने की बात चल रही है, वहीं अगले एक दो दिन में इसके निर्माण की शुरूआत के कयास लगाए जा रहे हैं। हालांकि इस स्मारक को बनाने की सूचना किसानों ने प्रशासन को नहीं दी है।

इस स्मारक को बनाने के पीछे का संदेश किसान ये देना चाहते हैं कि, मौजूदा वक्त में जो आंदोलन चल रहा है वो हमेशा लोगों को याद रहे और किसानों के मुद्दों पर संघर्ष करने के लिए प्रेरित करे।

भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता द्वारा गाजीपुर बॉर्डर से सोमवार को इसकी घोषणा की गई थी, जिसमें उन्होंने किसानों को संबोधित कर कहा कि "आंदोलन स्थल पर एक स्मारक तैयार किया जाएगा। यह स्मारक आंदोलन में जान गंवाने वाले किसानों के लिए बनाया जाएगा। आने वाले समय में जब भी देश में किसान क्रांति होगी तो इस जगह को हमेशा याद रखा जाएगा।"

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