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ट्रैक्टर परेड के लिए टिकरी बॉर्डर से किसानों ने दिल्ली में किया प्रवेश, कई जगह बैरिकेटिंग हुए ध्वस्त

Janjwar Desk
26 Jan 2021 5:17 AM GMT
ट्रैक्टर परेड के लिए टिकरी बॉर्डर से किसानों ने दिल्ली में किया प्रवेश, कई जगह बैरिकेटिंग हुए ध्वस्त
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कई जगहों पर पुलिस द्वारा लगाए गए बैरिकेट्स टूट गए हैं और टिकरी बार्डर से किसान दिल्ली में प्रवेश कर गये हैं, वहीं दिल्ली के बार्डरों पर जहां देखो वहां किसान और उनके ट्रैक्टर ही दिखाई दे रहे हैं..

जनज्वार। तीन नए कृषि कानूनों के विरोध में चल रहा किसान आंदोलन आज 62 वें दिन में प्रवेश कर गया है। 26 जनवरी को निकाले जाने वाले ट्रैक्टर मार्च के लिए किसान दिल्ली के सिंघु, टीकरी और गाजीपुर बॉर्डर से दिल्ली जाने की कोशिश कर रहे हैं। कई जगहों पर किसानों ने पुलिस द्वारा लगाए गए बैरिकेट्स टूट गए हैं और टिकरी बार्डर से किसान दिल्ली में प्रवेश कर गये हैं।


दिल्ली के बार्डरों पर ऐसा नजारा है कि सभी बॉर्डरों पर जहां देखो वहां किसान और उनके ट्रैक्टर ही दिखाई दे रहे हैं। किसानों की ट्रैक्टर रैली के लिए आ रहे ट्रैक्टरों के कारण कई हाइवे पर 25-30 किलोमीटर की लंबी कतारें लग गई हैं।

किसान संगठन गणतंत्र दिवस पर पूर्वघोषित ट्रैक्टर परेड निकालने के लिए कई दिनों से तैयारी में जुटे थे। गांवों से किसान ट्रैक्टरों के साथ इस मार्च में शामिल होने के लिए पहुंचे हैं। किसान आज सरकार को अपनी एकजुटता का अहसास कराना चाहते हैं।

किसानों की ट्रैक्टर परेड को लेकर सोनीपत में हाईवे के साथ ही केएमपी-केजीपी पर करीब 25 से 30 किलोमीटर क्षेत्र में लंबा जाम लगा हुआ है। उधर सिंधु बॉर्डर से ट्रैक्टर किसान यात्रा मुकरबा चौक पहुंच गई है।

यहां से इनको दायीं ओर मुड़कर बादली की तरफ जाना था लेकिन यह बादली की तरफ नहीं जा रहे हैं। किसानों का कहना है कि वे मुकरबा चौक से दिल्ली की ओर जाएंगे मुकरबा चौक पर तनाव पूर्ण माहौल बन गया है। ट्रैक्टर रैली के लिए किसान संगठनों का कहना है कि करीब 2 लाख ट्रैक्टर इसमें शामिल होंगे।

वहीं सिंघु बॉर्डर से ट्रैक्टर रैली दिल्ली के संजय गांधी ट्रांसपोर्ट नगर तक पहुंच गई है। रैली डीटीयू-शाहबाद-एसबी डेयरी-दरवाला- बवाना टी-पॉइंट- कंझावला चौक-खरखौदा टोल प्लाजा की ओर बढ़ेगी।

इससे पहले क्रांतिकारी किसान यूनियन के नेता दर्शनपाल के मुताबिक, ''जहां तक ट्रैक्टर रैली की बात है तो इससे सरकार को हमारी शक्ति के बारे में एक एहसास होगा और उसे पता चलेगा कि आंदोलन केवल हरियाणा या पंजाब तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे देश का आंदोलन है।'' दर्शनपाल ने कहा कि प्रत्येक कूच या प्रदर्शन शांतिपूर्ण होगा, जैसा कि अब तक रहा है।

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