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राजनीति

शौचालय जाने के नहीं सामान रखने के काम आते हैं स्वच्छता अभियान के टॉयलेट

Janjwar Team
25 Oct 2017 1:01 PM GMT
शौचालय जाने के नहीं सामान रखने के काम आते हैं स्वच्छता अभियान के टॉयलेट
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चमटोली का हाल तो सबसे बुरा है। सडक का खड़जा हिचकोले खाता है। चार लोगों के अलग परिवार का शौचालय एक में बनाकर पूरा पैसा प्रशासनिक अधिकारियों के साथ मिलकर जनप्रतिनिधियों ने डकार लिया है....

देवरिया से अजय पांडे की रिपोर्ट

देवरिया जनपद के बरहज ब्लॉक का नेतवार गांव आज भी तमाम सुविधाओं से महरूम है, मगर ग्राम प्रधान संपूर्ण विकास के दावे कर अपने नंबर बढ़वाता रहता है। नेतवार देवरिया मुख्यालय से तकरीबन 22 किलोमीटर दूर है।

आजादी से पहले और बाद से यह गांव तमाम सुविधाओं से वंचित रहा है, मगर वोट पाने के लिए नेता विकास के तमाम दावे करते रहते हैं। अगर वोट की कीमत नहीं होती तो आज भी यह अचर्चित ही रहता।

बीते करीब दशक भर से ज्यादा समय से नेतवार गांव के लोग प्रधान बन रहे हैं। बावजूद इसके गांव में खड़जा तक ठीक से नहीं हो पाया है। नालियों की सफाई नहीं होती। प्राथमिक विद्यालय खस्ताहाल हैं। रसोई में भारी गंंदगी है। प्राथमिक विद्यालय के कमरों की फर्श तक खराब हो चुकी है।

नेतवार गांव के दक्षिण में बने चमटोली का हाल तो सबसे बुरा है। सडक का खड़जा हिचकोले खाता है। चार लोगों के अलग परिवार का शौचालय एक में बनाकर पूरा पैसा प्रशासनिक अधिकारियों के साथ मिलकर जनप्रतिनिधियों ने डकार लिया है।

जो शौचालय चमटोली में बने भी हैं, उन शौचालयों का निर्माण कार्य अधूरा है, लेकिन ग्राम प्रधान राजेश यादव ने अपनी पीठ ठोकनी शुरू कर दी है।

कुछ ऐसी है प्राथमिक स्कूल की हालत

कई शौचालयों में सीट बैठा दी गई है, लेकिन उनमें पाइप नहीं डाली गई है। कई शौचालय महज दिखावा है। दलित वर्ग की महिलाओं व बेटियों को रात में शौच के लिए बाहर जाना पड़ता। स्वच्छ भारत अभियान के तहत बने ये शौचालय शौच के तो नहीं, मगर सामान रखने के काम जरूर आ रहे हैं।

चमटोली (जहां चमार जाति के लोग रहते है, गांव के दक्षिण मे होता है)। ब्राह्मणों के गांव में बीते करीब 30 साल से पिछ़ड़ी जातियों से प्रधान चुने जा रहे हैं। एेसा भी नहीं है कि ब्राह्मण समुदाय जहां रहता है, वहां व्यवस्थाएं सही हों। ब्राह्मणों के यहां भी सड़क, नाली खड़जा व तमाम दूसरी अव्यवस्था फैली है।

गांव के लोग बहुत सारे मसलों पर नहीं बोलते हैं। अगर कोई जनप्रतिनिधियों/ ग्राम प्रधान के खिलाफ कभी आवाज उठाता है तो वह अपने गुर्गों के माध्यम से जान से मारने की धमकी देत है।

गांव में सालभर पहले बनी टंकी में अभी तक नहीं आया पानी

गांव में संपूर्ण विकास को दिखाने वाली एक पानी की टंकी खड़ी है, लेकिन करीब सालभर बनी इस टंकी में अभी तक पानी नहीं आया है।

चमटोली के लोगों ने शौचालय घोटाले की कहानी अपनी जुबान से सुनाई। कहीं-कहीं पर संवा कटे है, लेकिन दिल्ली से करीब हजार किलोमीटर दूर यहां एक अलग समाज है, जहां जिसकी लाठी उसकी भैंस का मुहावरा सही साबित होता रहता है।

इस मसले पर जब ग्राम प्रधान राजेश यादव से बात करने की कोशिश की गई तो वह घर पर नहीं मिले, फोन पर भी बात नहीं हो पायी।

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