Global Youth Tobacco Survey: बिहार में लड़कों से ज्यादा लड़कियां कर रहीं तंबाकू का सेवन, देशभर में राज्य को 14वां स्थान

Global Youth Tobacco Survey: भारत सरकार के ग्लोबल यूथ टोबैको सर्वे के अनुसार, बिहार में 13 से 15 साल की लड़कियां लड़कों के मुकाबले तंबाकू से बने सामान जैसे पान-मसाला, गुटखा, खैनी, सिगरेट का सेवन ज्यादा कर रही हैं।...

Update: 2021-11-03 09:56 GMT
(तंबाकू सेवन के मामले में लड़कियाें ने लड़कों को पीछे छोड़ा)

Global Youth Tobacco Survey: बिहार (Bihar)में लड़कों की तुलना में लड़कियां तंबाकू का सेवन ज्यादा करती है। ग्लोबल यूथ टोबैको सर्वे की एक रिपोर्ट के अनुसार, बिहार (Bihar)में लड़कों से अधिक लड़कियां किसी न किसी रूप में तंबाकू का सेवन कर रही हैं। आंकड़ों की तरफ देखें तो बिहार में 13 से 15 साल के आयु वर्ग के 6.6 फीसदी लड़के तंबाकू का सेवन करते हैं जबकि बिहार की लड़कियों के मामले में ये आंकड़ा 8 फीसदी है। प्रदेश में तंबाकू सेवन करने वाले कुल बच्चों का आंकड़ा 7.3 फिसदी है। देश में यह संख्या करीब 8.5 फीसदी है।

छात्राएं कर रहीं तंबाकू उत्पादों का अधिक सेवन

मंगलवार, 2 नवंबर को तंबाकू नियंत्रण कोषांग एवं सीड्स द्वारा आयोजित कार्यशाला में सूबे के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय (Health Minister Of Bihar) ने ग्लोबल यूथ टोबैको सर्वे 2019 के तहत बिहार से संबंधित रिपोर्ट का विमोचन किया। भारत सरकार के ग्लोबल यूथ टोबैको सर्वे के अनुसार, बिहार में 13 से 15 साल के बीच की लड़कियां लड़कों के मुकाबले तंबाकू से बने सामान जैसे पान-मसाला, गुटखा, खैनी, सिगरेट का सेवन ज्यादा कर रही हैं। हैरानी की बात ये है कि सर्वे के तहत 13 से 15 के इस आयु वर्ग में ज्यादातर स्कूली छात्राएं शामिल हैं। बिहार की बेटियों के बीच बढ़ते तंबाकू के सेवन पर चिंता जाहिर करते हुए स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने कहा कि तंबाकू कंपनियों द्वारा लड़कियों खासकर छात्राओं को इसके सेवन के लिए कई विधियों से आकर्षित किया जा रहा है।



कार्यक्रम में शामिल स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने भी ग्लोबल यूथ टोबैको सर्वे में लड़कों से ज्यादा लड़कियों में तंबाकू उत्पादों की सेवन को लेकर आश्चर्य जताया और कहा कि रिपोर्ट के आधार पर आगे नीति निर्धारण करने में यह सहायक साबित होगी। इस कार्यक्रम में राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक संजय कुमार सिंह, अपर मुख्य कार्यपालक निदेशक अनिमेष पराशर, मुंबई के डॉ. नागराजन सहित अन्य प्रमुख लोग शामिल हुए।

ग्रामीण इलाकों के 90 फिसदी बच्चे जागरूक

ग्लोबल टोबैको रिपोर्ट द्वारा जारी सर्वे में इस बात का भी पता चला कि तंबाकू सेवन के दुष्परिणामों के प्रति शहरी क्षेत्र में स्थित विद्यालयों के सौ फीसदी छात्र और ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यालयों में 90 फीसदी से ज्यादा बच्चें जागरूक हैं। पटना के राज्य स्वास्थ्य समिति परिसर स्थित सभागार में आयोजित कार्यक्रम में मंत्री मंगल पांडेय ने रिपोर्ट जारी करते हुए कहा कि बिहार को तंबाकू मुक्त बनाने की दिशा में सभी के सहयोग की जरूरत है। अपर मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने राज्य में तंबाकू नियंत्रण अधिनियम (कोटपा 2003) को सख्ती से लागू करने की बात कही। अपर मुख्य सचिव ने कहा कि बिहार में तंबाकू के इस्तेमाल में रोक लगाने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। इसी का नतीजा है कि 2010 में राज्य में जहां 53.5 फीसदी लोग तंबाकू से बने उत्पादों का सेवन करते थे वहीं 2018 में ये आंकड़ा घटकर 25.9 फीसदी हो गया है। इसके अलावा बिहार के 19 जिले तंबाकू मुक्त घोषित किए जा चुके हैं।

तंबाकू सेवन के मामले में बिहार को 14वां स्थान

बता दें कि भारत सरकार द्वारा जारी इस रिपोर्ट में सभी राज्यों के 13-15 साल के छात्र छात्राओं द्वारा तंबाकू सेवन को लेकर सर्वे किया गया। 2019 के इस सर्वे में देशभर के 987 स्कूलों के कुल 97302 छात्र-छात्राएं शामिल हुए। इसमें 544 सरकारी स्कूल और 443 प्राइवेट स्कूलों को बच्चों ने भाग लिया। भारत के सभी राज्यों में किए इस सर्वे में बिहार को देशभर में 14वां स्थान मिला हैं। वहीं, बच्चों द्वारा सबसे अधिक तंबाकू कंज्यूम करने के मामले में मिजोरम 57.9 फिसदी पाकर पहले स्थान पर है। रिपोर्ट के अनुसार, हिमाचल प्रदेश के मात्र 1.1 प्रतिशत बच्चे ही तंबाकू का सेवन करते हैं।



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