महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे बोले JNU में हुई हिंसा ने दिला दी 26/11 की याद

Update: 2020-01-06 09:25 GMT

जेएनयू हिंसा पर महाराष्ट्र के कैबिनेट मंत्री आदित्य ठाकरे ने नकाबपोश हमलावरों की तुलना की आतंकवादियों से...

जनज्वार। JNU हिंसा की चौतरफा निंदा हो रही है, लोग गृहमंत्री अमित शाह के इस्तीफे की तक मांग कर रहे हैं। विपक्ष कह रहा है कि भाजपा राज में छात्रों पर हमले बढ़ रहे है। कोई भी सुरक्षित नहीं है। JNU हिंसा ने देश की राजनीति में सरगर्मियां पैदा कर दी हैं।

से में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे का बयान भी आया है, जिन्होंने कहा है कि देशभर के छात्रों में भय का माहौल है, हम सभी को एक साथ आने की जरूरत है और उनमें आत्मविश्वास पैदा करना चाहिए।'

द्धव ठाकरे ने जेएनयू हिंसा की कड़ी निंदा करते हुए इसकी जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि जेएनयू हिंसा को देखकर उन्हें 26/11 का मुंबई अटैक याद आ गया। इस मामले में जांचकर हमलावर नकाबपोशों का पता लगाने की जरूरत है।

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गौरतलब है कि 26 नवंबर 2008 को मुंबई में आतंकियों ने ताज और ट्राइडेंट होटल के साथ-साथ छत्रपति शिवाजी टर्मिनस पर भी हमला किया था। समंदर के रास्‍ते देश की आर्थ‍िक राजधानी पहुंचे इन आतंकियों ने तब मुंबई में जमकर तांडव मचाया था, जिसमें करीब 166 लोगों की जान चली गई थी और 300 से अधिक जख्मी हो गए थे। देश के कुछ बहादुर पुलिसकर्मियों और एनएसजी के जवान ने इन आतंकियों का डटकर सामना किया और कई लोगों की जान बचाई थी।

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हीं जेएनयू हिंसा पर महाराष्ट्र के कैबिनेट मंत्री आदित्य ठाकरे ने नकाबपोश हमलावरों की तुलना आतंकवादियों से की है। उन्होंने कहा कि इन हमलों की वजह से हमारे देश की छवि पूरी दुनिया में खराब हो रही है। इन गुंडों को आतंकवादी कहना चाहिए, क्योंकि वे भी मुंह छिपाकर ही आते हैं। इस पर तय समय के अंदर कार्रवाई होनी चाहिए, वरना विदेश के छात्र यहां पढ़ने नहीं आएंगे।

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न्य तमाम नेताओं ने भी जेएनयू हिंसा की कड़ी निंदा की है। ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने जेएनयू में छात्रों और शिक्षकों पर हुए हमले पर हैरानी जताते हुए कहा कि हिंसा का लोकतंत्र में कोई स्थान नहीं है और छात्रों पर इस तरह के हमलों की स्पष्ट रूप से निंदा की जानी चाहिए।

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने जेएनयू में हुई हिंसा पर निराशा जाहिर करते हुए कहा कि यह उस डर को दिखाती है जो ‘हमारे देश को नियंत्रित कर रही फासीवादी ताकतों को’ छात्रों से लगता है। उन्होंने ट्वीट किया, 'नकाबपोश लोगों द्वारा जेएनयू छात्रों और शिक्षकों पर किया गया नृशंस हमला चौंकाने वाला है जिसमें कई गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। हमारे देश को नियंत्रित कर रही फासीवादी ताकतें, बहादुर विद्यार्थियों की आवाज से डरती हैं। जेएनयू में आज हुई हिंसा उस डर को दर्शाती है।'

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हीं कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने जेएनयू में हुई हिंसा के लिए केंद्र सरकार की आलोचना की। बीजेपी पर हमला करते हुए उन्होंने कहा कि बीजेपी भारत के विचार को नष्ट कर रही है।

श्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने जेएनयू हिंसा पर कहा कि "ये लोकतंत्र पर ख़तरनाक और सुनियोजित हमला है। जो भी सरकार के ख़िलाफ़ बोलता है, उसे पाकिस्तानी और देश के दुश्मन का तमगा दे दिया जाता है। हमने देश में इससे पहले ऐसे हालात नहीं देखे।"

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सीपीएम महासचिव और जेएनयू छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष सीताराम येचुरी ने जेएनयू छात्रसंघ की गंभीर रूप से घायल अध्यक्ष आइशी का वीडियो ट्वीट करते हुए लिखा - ये वीडियो दिखाता है आरएसएस/बीजेपी भारत को क्या बनाना चाहते हैं। उन्हें कामयाब नहीं होने दिया जाएगा।'

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