पुलिसकर्मियों पर फूल बरसाने से पहले गिरफ्तारियों का यह आंकड़ा भी देख लीजिये

Update: 2020-04-28 02:30 GMT

हरियाणा में लॉकडाउन की कुल अवधि में 4,609 एफआईआर 6,594 गिरफ्तार किए गये हैं। गिरफ्तार किए गए लोगों को जमानत लेने में आयी खासी दिक्कत। कई मामले ऐसे जो घर के बाहर भी मिला उसका भी कर दिया चालान...

जनज्वार ब्यूरो, चंडीगढ़। करनाल निवासी अनूप कुमार ( बदला हुआ नाम) अपने घर के बाहर टहल रहा था। तभी एक पुलिस की जिप्सी आयी। उसे धमकाने लगे। अनूप ने कहा कि वह तो बस खाना खाकर थोड़ा टहल ही रहा है। उसने यह भी बताया कि उसका राइस मिल है, प्रशासन की ओर से उन्हें बाहर आने जाने के लिए पास दे रखा है। पर क्योंकि वह घर के बाहर ही है। इसलिए पास उठा कर नहीं लाया। इस पर पुलिसकर्मी को गुस्सा आ गया।

से जिप्सी में बिठा सेक्टर 32 पुलिस स्टेशन ले गये। वहां से अनूप को डेढ़ घंटे भर के लिए बिठा कर रखा। बाद में उसने अपने परिजनों को बुलाया। उससे बकायदा से एक माफीनामा लिखवाया गया। इसके बाद उसे घर जाने दिया गया। लॉकडाउन के दौरान पुुलिस भले ही 24 घंटे ड्यूटी कर रही हो। हर कोई उनके काम की सराहना कर रहा हो। फिर भी बहुत से पुलिसकर्मी पुलिस के पारंपरिक व्यवहार से आगे नहीं बढ़ पाये हैं।

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आंकड़े भी इस बात की ओर इशारा कर रहे हैं। पुलिस ने इस अवधि में 4,609 एफआईआर 6,594 लोगों को गिरफ्तार किया है। मानव अधिकार कार्यकर्ता एडवोकेट मनदीप सिंह ने बताया कि ऐसा लग रहा है कि कोरोना ने पुलिस के हाथ में ऐसा लठ्ठ थमा दिया,जिससे वह हर किसी को हांक रहे हैं। इस दौरान यदि थोड़ा सा भी विरोध किया तो या उसे चालान कर गिरफ्तार कर लिया गया, या फिर मारपीट की गयी।

Full View इस दौरान पुलिस को हर कोई महिमामंडन करने में लगा हुआ है। ऐसे में पीड़ित शिकायत करने की हिम्मत ही नहीं जुटा पाता है। मनदीप सिंह ने बताया कि यहीं वजह है कि कई पुलिसकर्मी तो पूरी तरह से तानाशाह हो गये हैं। उनका व्यवहार ऐसा है कि मानो वह हर किसी को धमका रहे हैं।

से कई मामले सामने आये,जब पुलिसकर्मियों ने ऐसे लोगों का भी चालान कर दिया, जो वास्तव में बहुत जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकले थे। एक अन्य मानव अधिकारी कार्यकर्ता रजत कुमार ने बताया कि पुलिस नाके पर पहुंच वाले लोग तो निकल ही जाते हैं। फंस तो वह रहे हैं जो गरीब है। जिनकी कोई जानपहचान नहीं है।

सोशल मीडिया पर ऐसे कई वीडियो भी आये जिसमें पुलिस मनमानी कर ही है। पर क्योंकि कोरोना की वजह से समाज का एक तबका पुलिस की वाहवाही कर रहा है, इसलिए वंचितों व पीड़ितों की सुनवाई ही नहीं हो रही है। इस दौरान पुलिस की मनमानी की शिकायतों पर ध्यान ही नहीं दिया जा रहा है। यदि कोई शिकायत करने जाता है तो उसे ही भगा दिया जाता है।

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नदीप ने बताया कि दर्ज मामलों का आंकड़ा ही बता रहा है कि पुलिस लॉकडाउन में कैसे काम कर ही है। उन्होंने बताया कि हालांकि यह भी सही है कि कुछ पुलिसकर्मी इस दौरान काफी अच्छा काम कर रहे हैं। वह न सिर्फ लगातार ड्यूटी दे रहे हैं बल्कि अच्छा व्यवहार भी कर रहे हैं। लेकिन ऐसे पुलिसकर्मियों की संख्या अपेक्षाकृत कम है।

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