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90 दिन में 27% गिरा क्रूड ऑयल का दाम, मोदी सरकार ने नहीं घटाई पेट्रोल-डीजल की कीमत

Janjwar Desk
10 Sep 2022 6:42 AM GMT
Petrol-Diesel Price : पिछले तीन माह में तो कच्चे तेल अंतररराष्ट्रीय बाजार में 26 डॉलर सस्ता हुआ हैं, पर कंपनियों ने तेल के भाव को स्थिर रखा है।
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Petrol-Diesel Price : पिछले तीन माह में तो कच्चे तेल अंतररराष्ट्रीय बाजार में 26 डॉलर सस्ता हुआ हैं, पर कंपनियों ने तेल के भाव को स्थिर रखा है।

Petrol-Diesel Price : जून में 125 डॉलर प्रति बैरल के करीब थीं जो सितंबर के पहले हफ्ते में 92 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गईं। इस हिसाब से क्रूड करीब 27 प्रतिशत कमजोर हो चुका है लेकिन इसका लाभ देश के आम उपभोक्ताओं को नहीं मिला।

Petrol-Diesel Price : पिछले सात माह में इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल के दाम सबसे निचले स्तर पर पहुंच गए हैं। फिलहाल क्रूड ऑयल ( Crude Oil Price ) के दाम 92 डालर प्रति बैरल पर है। इसके जानकारों की मानें तो कीमतों में आगे और कटौती की उम्मीद है। ऐसे में आने वाले दिनों में पेट्रोल-डीजल के दाम ( Petrol-Diesel Price ) 3 रुपए प्रति लीटर तक कम हो सकते हैं लेकिन मोदी सरकार ने तेल की कीमतों में कोई कटौती नहीं की है। जबकि कीमतों में इजाफा होने पर केंद्र सरकार बाजार में उतार-चढ़ाव की बात कर पल्ला झाड़ लेती है। इससे पहले फरवरी में कच्चा तेल 90 डॉलर प्रति बैरल के करीब था जो जून में 125 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया था।

आईआईएफएल सिक्योरिटीज के वाइस प्रेसिडेंट कमोडिटी एंड करेंसी अनुज गुप्ता के मुताबिक आने वाले दिनों में क्रूड 85 डॉलर प्रति बैरल पर आ सकता है। ऐसे में पेट्रोल और डीजल की कीमतों ( Petrol-Diesel Price ) में 2 से 3 रुपए प्रति लीटर की कमी आ सकती है। रेटिंग एजेंसी इक्रा के वाइस प्रेसिडेंट और को-ग्रुप हेड प्रशांत वशिष्ठ के मुताबिक कच्चा तेल 1 डॉलर प्रति बैरल महंगा होने पर देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतें 55 से 60 पैसे प्रति लीटर बढ़ जाती हैं। इसी तरह इसमें 1 डॉलर की कमी होने पर पेट्रोल-डीजल के दाम ( Petrol-Diesel Price ) भी 55-60 पैसे प्रति लीटर कम हो जाते हैं।

3 माह में 27% सस्ता हुआ क्रूड ऑयल

उपभोक्ताओं के लिए राहत की बात ये है कि इंटरनेशल मार्केट में क्रूड की कीमतें जून में 125 डॉलर प्रति बैरल के करीब थीं जो सितंबर के पहले हफ्ते में 92 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गईं। इस हिसाब से क्रूड करीब 27 प्रतिशत कमजोर हो चुका है लेकिन इसका लाभ देश के आम उपभोक्ताओं को नहीं मिला है। खास बात ये है कि चीन और यूरोप के कई देशों की अर्थव्यवस्थाएं दबाव में हैं। ऐसे में आगे भी क्रूड की डिमांड कमजोर रह सकती है।

मई से ही हैं पेर्टोल-डीजल के दाम स्थिर

22 मई को केंद्र सरकार ने बड़ी राहत देते हुए पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी कम की थी। पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी 8 रुपए और डीजल पर 6 रुपए घटा दिया था। तब से लेकर अब तक पेट्रोल-डीजल की कीमतों में न कोई कटौती हुई है और न ही दाम बढ़ाए गए हैं। देश के प्रमुख शहरों में पेट्रोल-डीजल के ताजा दाम इस चार्ट में देख सकते हैं।

Petrol-Diesel Price : दरअसल, जून 2010 तक केंद्र सरकार पेट्रोल की कीमत ( Petrol-Diesel Price ) निर्धारित करती थी। हर 15 दिन में इसे बदला जाता था। 26 जून 2010 के बाद सरकार ने पेट्रोल की कीमतों ( Petrol Price ) का निर्धारण ऑयल कंपनियों के ऊपर छोड़ दिया। अक्टूबर 2014 तक डीजल की कीमत ( Diesel Price ) भी सरकार निर्धारित करती थी लेकिन 19 अक्टूबर 2014 से सरकार ने ये काम भी ऑयल कंपनियों को सौंप दिया। अभी ऑयल कंपनियां अंतरराष्ट्रीय मार्केट में कच्चे तेल की कीमत, एक्सचेंज रेट, टैक्स, पेट्रोल-डीजल के ट्रांसपोर्टेशन का खर्च और बाकी कई चीजों को ध्यान में रखते हुए रोजाना पेट्रोल.डीजल की कीमत निर्धारित करती हैं।

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