पर्यावरण

माँ ने कहा था प्रदूषण ने ली मेरी बच्ची की जान, पहली बार किसी कोर्ट ने लिया संज्ञान

Janjwar Desk
28 Nov 2020 6:15 AM GMT
माँ ने कहा था प्रदूषण ने ली मेरी बच्ची की जान, पहली बार किसी कोर्ट ने लिया संज्ञान
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एल्ला किसी देबराह को 27 बार अस्पताल जाना पड़ा था, जब उसे सांस लेने में भारी तकलीफ हो रही थी

एल्ला किसी देबराह को 27 बार अस्पताल जाना पड़ा था, जब उसे सांस लेने में भारी तकलीफ हो रही थी। मरीज को दौरा भी पड़ा था। उसे सांस लेने में भारी तकलीफ थी और अस्थमा भी था....

जनज्वार। नौ वर्षीय एल्ला कीसी देबराह की लंदन में वर्ष 2013 में तेज अस्थमा दौरे व सांस की तकलीफ के कारण मृत्यु हो गई। देबराह के घर के पास लगातार 3 वर्षों तक वायु प्रदूषण लंदन के निर्धारित मानकों से ज्यादा था, यानी वायु प्रदूषण ही मृत्यु का संभावित कारण है।

मृतक बच्ची की मां रोजमंड एल्ला ने यूके के हाईकोर्ट में इस मामले में याचिका दायर की है, जिसमें वायु प्रदूषण के कारण मृत्यु होने पर सरकार की विफलता को दर्शाया गया है। यह विश्व का पहला मामला है जब यूके हाईकोर्ट ने प्रदूषण के कारण मृत्यु पर मामले का संज्ञान लिया है। 30 नवंबर से अब इस पर सुनवाई शुरू होगी।

इस सुनवाई के दौरान यह तय किया जाएगा कि क्या वायु प्रदूषण ही एल्ला कीसी देबराह की मृत्यु का कारण था या फिर कुछ और। साथ ही सुनवाई में कोर्ट विचार करेगा कि क्या स्थानीय सरकार वायु प्रदूषण स्तर को कम करने में पूरी तरह विफल रही। यह मामला अब यूके व यूरोप में हुई कई अन्य मौतों के मामलों में भी समान कारकों (वायु प्रदूषण) के कारण न्यायालय में विचारणीय तथ्य पेश करेगा।

गौरतलब है कि एल्ला किसी देबराह को 27 बार अस्पताल जाना पड़ा था, जब उसे सांस लेने में भारी तकलीफ हो रही थी। मरीज को दौरा भी पड़ा था। उसे सांस लेने में भारी तकलीफ थी और अस्थमा भी था।

अब कोर्ट यह भी देखेगी कि उसकी बीमारी के दौरान क्या प्रदूषण स्तर को सही ढंग से मापा गया था या नहीं। परिवार की लीगल टीम ने इस केस को हाईकोर्ट द्वारा खोलने के लिए वायु प्रदूषण को आधार बनाया है। इसमें संदेह नहीं कि यह केस दुनिया को एक नई राह दिखाएगा और वायु प्रदूषण की गंभीरता के प्रति भी लोगों को जागरूक करेगा।

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