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IRCTC News : रेल यात्रियों का डेटा बेच पैसा कमाएगी Modi सरकार, अहम सवाल - यूजर्स के प्राइवेसी का कौन रखेगा ख्याल?

Janjwar Desk
20 Aug 2022 10:49 AM GMT
IRCTC News : रेल यात्रियों का डेटा बेच पैसा कमाएगी Modi सरकार, अहम सवाल - यूजर्स के प्राइवेसी का कौन रखेगा ख्याल?
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IRCTC News : रेल यात्रियों का डेटा बेच पैसा कमाएगी Modi सरकार, अहम सवाल - यूजर्स के प्राइवेसी का कौन रखेगा ख्याल?

IRCTC News : आईआरसीटीसी यूजर्स का 100टीबी डेटा से अपना कंट्रोल कभी नहीं छोड़ेगी। वह इस डेटा का इस्तेमाल समय-समय पर बेचकर पैसे कमाने के लिए करेगी।

IRCTC News : विपक्ष चाहे केंद्र सरकार ( Modi Government ) की कितनी भी आलोचना क्यों न कर ले, क्यों न उसे हर रोज सुबह से शाम तक चार पूंजीपतियों का मित्र बताए, इससे उसकी सेहत पर कोई फर्क नहीं पड़ता। मोदी सरकार हर उस नुस्खे पर अमल करना चाहती है जिससे उसे पैसा मिले, चाहे उससे आम लोगों का नुकसान ही क्यों न हो। ऐसी एक योजना में तहत केंद्र सरकार की एजेंसी आईआरसीटीसी ( IRCTC ) ने डिजिटल डेटा मोनेटाइजेशन ( digital data monetization ) के जरिए 1000 करोड़ रुपए सालाना कमाने की योजना तैयार की है। इस बात का खुलासा इंटरनेट फ्रीडम फाउंडेशन की रिपोर्ट से हुआ है।

डेटा मोनेटाइज करने पर सुझाव देगा कंसलटेंट

इंटरनेट फ्रीडम फाउंडेशन की रिपोर्ट के मुताबिक आईआरसीटीसी ( IRCTC ) ने डिजिटल डेटा मोनेटाइजेशन ( digital data monetization ) के जरिए 1000 करोड़ रुपए कमाने के लिए टेंडर भी जारी कर दिया है। आईआरसीटीसी बहुत जल्द इसके लिए वह एक कंसलटेंट नियुक्त करेगी, जो उन्हें यूजर्स के डेटा को मोनेटाइज करने के तरीकों पर सुझाव देगा। सरकार के इस कदम पर सवाल उठ रहे हैं और आरोप लग रहे हैं कि आईआरसीटीसी की यह योजना यूजर्स का डेटा थर्ड पार्टी को बेचने से संबंधित है। आईआरसीटीसी द्वारा नियुक्त कंसलटेंट यूजर्स के डेटा को मोनेटाइज करने के तरीकों पर सुझाव देगा।

यूजर्स के प्राइवेसी का क्या

आईआरसीटीसी ( IRCTC ) के टेंडर में कुछ ऐसी बातें है जिनको लेकर यूजर्स के प्राइवेसी ( Users Data privacy) और सेफ्टी की सुरक्षा से जुड़े सवाल उठ रहे हैं। दरअसल, आईआरसीटीसी के पास यूजर्स का 100टीबी से ज्यादा डेटा हैं। इसमें टिकट बुक करने वालों के नाम से लेकर नंबर तक तमाम डिटेल्स हैं। ऐसे में लोगों को लग रहा है कि सरकार उनकी निजी जानकारी बेचकर पैसा कमाने की योजना बना रही है। इंटरनेट फ्रीडम फाउंडेशन की भी चिंता यूजर्स की प्राइवेसी को लेकर है। उसका कहना है कि डेटा प्रोटेक्शन कानून नहीं होने की स्थिति में आईआरसीटीसी यूजर्स डेटा को थर्ड पार्टी वेंडर्स से कैसे शेयर करेगी।

ये तो शर्म की बात है : कांग्रेस

देश की सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने केंद्र की इस योजना पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस ( Congress ) ने कहा कि सरकार से कोई डाटा मांगे तो जवाब होता है नो डाटा अवेलेबल और आपकी व्यक्तिगत जानकारी जो रेलवे की सहायक कंपनी के पास है उसे बेचकर कमाई की जाएगी। इससे ज्यादा शर्म की बात और क्या हो सकती है।

100 टीबी डाटा पर अपना कंट्रोल कभी नहीं छोड़ेगी

फिलहाल यह साफ नहीं है कि आईआरसीटीसी( IRCTC ) यूजर्स डेटा ( Users data privacy ) को किस तरह इस्तेमाल के लिए बेचेगी। कंपनी का कहना है कि वह यूजर्स एक्सपीरियंस को बेहतर करना चाहती है और साथ ही थर्ड पार्टी से डेटा शेयर कर पैसे भी कमाना चाहती है। वहीं कुछ जानकारों का कहना है कि आईआरसीटीसी यूजर्स का 100टीबी डेटा से अपना कंट्रोल कभी नहीं छोड़ेगी। कंपनी कभी पूरा डेटा नहीं बेचेगी। इससे सिर्फ एक बार कमाई होगी बल्कि कंपनी इस डेटा का इस्तेमाल समय-समय पर बेचकर पैसे कमाने के लिए करेगी।

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