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दिल्ली में 12 साल की लड़की से दुष्कर्म, एम्स में लड़ रही जिंदगी की जंग

Janjwar Desk
6 Aug 2020 2:01 PM GMT
दिल्ली में 12 साल की लड़की से दुष्कर्म, एम्स में लड़ रही जिंदगी की जंग
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डीसीडब्ल्यू प्रमुख स्वाति मालीवाल ने गुरुवार को एम्स में पीड़िता के परिवार से मुलाकात करने के बाद कहा कि लड़की की स्थिति बहुत गंभीर है, उसके पेट पर गंभीर चोटों के अलावा पूरे शरीर पर चोट के निशान हैं...

नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली में पांच साल की बच्ची 'गुड़िया' के साथ हुई निर्मम सामूहिक दुष्कर्म की घटना के सात साल बाद, एक 12 साल की लड़की के साथ इसी तरह की घटना घटी है, जो एम्स अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रही है।

बाहरी दिल्ली के पश्चिम विहार में मंगलवार शाम एक अज्ञात व्यक्ति ने 12 साल की लड़की के साथ दुष्कर्म करने के बाद कथित रूप से धारदार हथियार से बेरहमी से हमला कर दिया। आरोपी फरार है।

डीसीडब्ल्यू प्रमुख स्वाति मालीवाल ने गुरुवार को एम्स में पीड़िता के परिवार से मुलाकात करने के बाद कहा, "लड़की की स्थिति बहुत गंभीर है। उसके पेट पर गंभीर चोटों के अलावा पूरे शरीर पर चोट के निशान हैं।"

नाबालिग को पहले संजय गांधी मेमोरियल अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां डॉक्टरों की एक टीम ने उसकी चोटों को देखने के बाद एम्स रेफर कर दिया। पुलिस ने अज्ञात हमलावर के खिलाफ यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम (पास्को) और आईपीसी की धारा 307 (हत्या का प्रयास) के तहत मामला दर्ज किया है।

दिल्ली पुलिस ने आरोपियों की पहचान करने और उन्हें गिरफ्तार करने के लिए कई टीमों का गठन किया है। पश्चिम विहार के जिस इलाके में हमला हुआ, वहां के सीसीटीवी की जांच की जा रही है।

जब पीड़िता के साथ दुष्कर्म हुआ उस वक्त वह घर में अकेले थी, क्योंकि उसके माता पिता दिहाड़ी मजदूर हैं।

मालीवाल ने डीसीपी आउटर दिल्ली को भी तलब किया है और वह चाहती हैं कि इस मामले के घटनाक्रम के बारे में आयोग को सूचित करते रहें।

इस जघन्य अपराध ने 15 अप्रैल, 2013 की दुखद यादों को फिर से ताजा कर दिया है, जब दो लोगों ने पांच साल की लड़की के साथ दुष्कर्म कर उसके प्राइवेट पार्ट को क्षत विक्षत कर दिया था और मृत समझ कर उसे कमरे में ही छोड़ कर फरार हो गए थे। बच्ची को घटना के 40 घंटे बाद बचाया गया था।

इस साल जनवरी में दिल्ली की एक अदालत ने दोनों आरोपियों को 20 साल की जेल की सजा सुनाई, साथ ही पीड़िता को मुआवजे के रूप में 11 लाख रुपये देने का आदेश दिया, जिसे घटना के बाद 'गुड़िया' नाम दिया गया था।

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