CRPF Jawan Suicide Video: पहले बोला- सबको आखिरी राम-राम, फिर खुद को मार ली गोली, CRPF जवान का मौत से पहले 3 मिनट का वीडियो हुवा वायरल

CRPF Jawan Suicide Video: पहले बोला- सबको आखिरी राम-राम, फिर खुद को मार ली गोली, CRPF जवान का मौत से पहले 3 मिनट का वीडियो हुवा वायरल
CRPF Jawan Suicide Case: जोधपुर में सोमवार को सीआरपीएफ के जवान ने खुद को गोली मारकर सुसाइड कर लिया था। जवान ने अपनी पत्नी और बेटी को 18 घंटे तक बंधक बनाये रखा और फिर आत्महत्या कर ली। इस मामले में जवान के दो वीडियो सामने आए हैं, जिसमे वह बता रहा है कि आखिर वो ऐसा क्यों कर रहा है।
छोटा कर्मचारी हूं नहीं हुई सुनवाई
वीडियो में जवान कह रहा है, 'छोटा कर्मचारी होने से उसकी सुनवाई नहीं हो रही। संतरी की पोस्ट पर हूं और ऊपर के अधिकारी परेशान कर रहे थे। उसकी बात आईजी तक नहीं पहुंचती।' नरेश जाट ने डीआईजी पर भी आरोप लगाया। कहा, 'सभी जानकारी होने के बाद भी पूरी जांच नहीं करते।'
राइफल कॉक करने का लगाया झूठा आरोप
सीआरफीएफ जवान ने गांव में रह रहे दोस्त गजेंद्र शर्मा से भी बातचीत के दौरान अपनी सारी परेशानी बताई। उसक भी ऑडियो सामने आया है, जिसमें नरेश ने बताया कि उस पर राइफल कॉक (फायर करना) करने का आरोप लगाया गया है, लेकिन उसने ऐसा नहीं किया। इसी कारण नरेश को न ही ड्यूटी पर लगाया जा रहा था और न ही उन्हें किसी से मिलने दिया जा रहा था ऐसा उनके साथ पांच दिन से चल रहा था। परेशान होकर जवान ने हवा में फायर किया। नरेश ने वीडियो में बताया कि उस पर लगे सभी आरोप झूठे हैं। बताया जा रहा है कि नरेश ने यह वीडियो सोमवार शाम को हवाई फायर के बाद बनाया।
राइफल कॉक करने की बात झूठी है
नरेश ने वीडियो में अपनी परेशानी बताते हुए कहा उन्होंने 1 सितम्बर 2019 को RTC जोधपुर के नाम से सूरतगढ़ में रिपोर्ट किया। वहां से दो महीने बाद वापस जोधपुर पंहुचा। उन्होंने कहा, यहां पर ड्यूटी कर रहा था, लेकिन मुझे छुट्टी नहीं मिली तब में साहब के पास पहुंचा था। उसके बाद कोविड टाइम में आरटीपीसीआर लेने गया और एक्सिडेंट हो गया। जिससे छुट्टियां लेनी पड़ी तब डीआईजी भूपेन्द्र साहब ने बख्श दिया और ड्यृटी पर लिया। इन्होंने मुझे सूरतगढ भेजा। वहां मेरे गार्ड कमांडर से झगड़ा हुआ। उसने मेरे हाथ पर काटा और बचाव में मेरी कोहनी से उसकी आंख पर लग गई, लेकिन उसने बोला कि मुझे राइफल के बट्ट से मारा। नरेश ने बताया कि वह संतरी की पोस्ट पर था, इसलिए उसके नाम से राइफल इश्यू है। उसने राइफल कॉक करने की झूठी बात कही, जबकि मैने ऐसा कुछ नहीं किया। उसने कहा कि- आज राइफल कॉक किया है चार राउंड फायर किए सभी को पता चला, जबकि उस दिन मैने ऐसा कुछ नहीं किया। मेरे फायर करने पर सिविल पुलिस को बुलाया गया है।
छोटे कर्मचारी को फंसाना हो तो यह बोल दो कि राइफल कॉक किया
सीआरपीएफ कमांडो लाए, उसे क्यों नहीं बुलाया गया। मैं 8 साल सिविल में ब्लैक बेल्ट रह चुका हूं। उसके बाद 2010 में ईओसी क्वालिफाइड हूं। नरेश ने कहा कि- कभी लोगों को परेशान नहीं किया। अपनी ड्यृटी अच्छे से की। मुझे फैमिली परमिशन होने के बावजूद सूरतगढ ड्यूटी पर भेजा गया। नरेश ने बताया उसे पांच दिन से कही आने जाने कि अनुमति नहीं दी जा रही। उसमे बताया इसके साथ-साथ उसकी ड्यूटी भी कही नहीं लगी जा रही थी। उसने कहा छोटा कर्मचारी हु इसलिए मेरी कोई नहीं सुनता हर कोई बोल रहा है, राइफल कॉक कर दिया, लेकिन मैंने ऐसा नहीं किया। छोटे कर्मचारी को फंसाना हो तो यह बोल दो कि राइफल कॉक किया। उस समय नहीं, किया आज कर रहा हूं। उसके बहुत प्रयास के बाद भी उसकी सुनवाई नहीं हुई।











