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यूपी विधानसभा के सामने मां-बेटी ने खुद को लगाई आग, अखिलेश यादव ने कह दी यह बात

Janjwar Desk
18 July 2020 5:26 AM GMT
यूपी विधानसभा के सामने मां-बेटी ने खुद को लगाई आग, अखिलेश यादव ने कह दी यह बात
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अखिलेश ने ट्वीट करते हुए लिखा, 'लखनऊ में लोकभवन के सामने दो महिलाओं द्वारा दबंगों के खिलाफ़ कोई कार्रवाई न होने से हताश होकर आत्मदाह करने की दुःखद ख़बर आयी है...

जनज्वार। अमेठ जिले की एक महिला और उसकी बेटी ने शुक्रवार शाम को राजधानी लखनऊ स्थित विधानसभा के गेट नंबर 3 के बाहर खुद को आग लगा ली। आग लगने से दोनों चीखने चिल्लाने लगीं इससे वहां अफरा-तफरी मच गई। आनन-फानन में पुलिस ने मां-बेटी को इलाज के लिए सिविल हॉस्पिटल में भर्ती कराया है। वहीं, इस मामले में अब सियासत भी गरमा गई हई। पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस मसले पर योगी सरकार को कटघरे में खड़ा कर दिया है।

पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मां-बेटी द्वारा विधानसभा के सामने आत्मदाह मामले पर योगी सरकार को घेरा है। अखिलेश ने ट्वीट करते हुए लिखा, 'लखनऊ में लोकभवन के सामने दो महिलाओं द्वारा दबंगों के खिलाफ़ कोई कार्रवाई न होने से हताश होकर आत्मदाह करने की दुःखद ख़बर आयी है। सपा ने लोकभवन इसलिए बनवाया था कि वहां बिना भेदभाव आम जनता अपनी शिकायतों के निवारण के लिए जा सके, लेकिन इस भाजपा सरकार में गरीबों की कोई सुनवाई नहीं।'




दरअसल, शुक्रवार देर शाम राजधानी लखनऊ में लोकभवन के सामने उस समय हड़कंप मच गया, जब अमेठी की रहने वाली एक मां-बेटी धू-धूकर जलने लगीं और इधर-उधर भागने लगीं। इस दौरान सड़क पर वाहनों की रफ्तार रुक गई और लोग तमाशा देखने लगे। आग लगने के बाद मां-बेटी बुरी तरह झुलस गईं। पुलिस ने दोनों को फ़ौरन सिविल अस्पताल में भर्ती कराया है वहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। बताया जा रहा है कि दोनों पीड़िताएं अमेठी के जामो थाना क्षेत्र की रहने वाली हैं। बता दें कि साफिया 80 प्रतिशत से अधिक जल गई है जबकि उसकी बेटी गुड़िया लगभग 20 फीसदी जल गई है।

आरोप है कि दबंगों ने नाली को लेकर हुए विवाद में उनके साथ मारपीट की थी। दोनों जिला प्रशासन से लेकर हर जगह न्याय के लिए महीनों से चक्कर काट रही थीं लेकिन कोई कार्रवाई न होने के चलते उन्होंने यह खौफनाक कदम उठाया। फिलहाल पुलिस उनके होश में आने का इंतजार कर रही है। घायल मां-बेटी की रिश्तेदार ने मीडिया को बताया कि करीब एक माह पूर्व नाली के विवाद में गांव के रहने वाले अर्जुन, भीम, मिलन और राजकरण ने उन लोगों को मारा-पीटा था। जिसकी शिकायत पुलिस और प्रशासन में पीड़िता ने की लेकिन न्याय नहीं मिला।

यह मामला बीते 9 मई का है। 9 मई को गुड़िया का अपने पड़ोसी अर्जुन साहू से नाली को लेकर विवाद हुआ था। गुड़िया की तहरीर पर जामो थाने में अर्जुन साहू समेत चार लोगों के खिलाफ 308 का मुकदमा दर्ज हुआ था। पुलिस ने विपक्षी अर्जुन साहू की तहरीर पर गुड़िया के खिलाफ 354 के तहत मुकदमा दर्ज किया था। दो दिन पहले गौरीगंज सीओ अर्पित कपूर ने दोनों मां-बेटी का बयान भी दर्ज किया था। पुलिस द्वारा दूसरे पक्ष से दर्ज किए गए मुकदमे से मां-बेटी परेशान थीं और दोनों ने विधानसभा के सामने आत्मदाह करने का कदम उठा लिया।

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